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Chandigarh-Haryana News: 10 दिन में सुलझानी होंगी सड़क की शिकायतें, हर जिले में बनेगी मॉडल रोड
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- सीएम ने की सड़क संबंधी शिकायतों व निर्माण गुणवत्ता की समीक्षा, निर्माण स्थल पर एजेंसी व अधिकारियों के मोबाइल नंबर देने होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क की खराब हालत या मरम्मत में देरी की शिकायत मिलने पर अधिकारियों को 10 दिन में समाधान करना होगा। निर्माण में घटिया सामग्री या गड़बड़ी की शिकायत के लिए संबंधित विभाग के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को सड़क संबंधी शिकायतों और निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ये निर्देश दिए।
सड़क निर्माण स्थल पर बोर्ड लगाकर निर्माण एजेंसी का नाम, काम पूरा होने की तारीख, दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर देने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय से पहले सड़क खराब होने पर जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के प्रदर्शन को उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) से जोड़ा जाएगा। उन्होंने टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल से सड़क बनाने और सभी विभागों में लोक निर्माण विभाग के गुणवत्ता मानक अपनाने के निर्देश दिए।
गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकोनिक सड़कें
लोक निर्माण विभाग हर जिले में एक मॉडल रोड तैयार कर रहा है। 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाएगा। गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें विकसित होंगी। इनमें स्मार्ट लाइटें, बैठने की सुविधा, हरियाली, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर और जागरूकता संदेशों की व्यवस्था होगी।
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63,621 किलोमीटर सड़कों की मैपिंग
प्रदेश में करीब 63,621.53 किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसे एसडीओ और कनिष्ठ अभियंता स्तर तक जोड़ा गया है ताकि शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचे। वर्ष 2026-27 में 6,593 सड़कों के कुल 7,352.26 किलोमीटर हिस्से में सुधार की मंजूरी मिली है। इसमें 769.35 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
कॉलोनाइजर से वसूली जाएगी मरम्मत की लागत
कॉलोनाइजर की विकसित कॉलोनियों में सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी उसी की होगी। मरम्मत नहीं कराने पर विभाग काम करवाकर खर्च वसूल करेगा। मुख्यमंत्री ने टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी करने और बरसात के कारण काम में देरी से बचने के निर्देश भी दिए। प्रमुख पुलों के पास सामाजिक जागरूकता व कीटनाशकों के बेवजह इस्तेमाल के खिलाफ संदेश लगाने की भी योजना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क की खराब हालत या मरम्मत में देरी की शिकायत मिलने पर अधिकारियों को 10 दिन में समाधान करना होगा। निर्माण में घटिया सामग्री या गड़बड़ी की शिकायत के लिए संबंधित विभाग के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को सड़क संबंधी शिकायतों और निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ये निर्देश दिए।
सड़क निर्माण स्थल पर बोर्ड लगाकर निर्माण एजेंसी का नाम, काम पूरा होने की तारीख, दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर देने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय से पहले सड़क खराब होने पर जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के प्रदर्शन को उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) से जोड़ा जाएगा। उन्होंने टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल से सड़क बनाने और सभी विभागों में लोक निर्माण विभाग के गुणवत्ता मानक अपनाने के निर्देश दिए।
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गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकोनिक सड़कें
लोक निर्माण विभाग हर जिले में एक मॉडल रोड तैयार कर रहा है। 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाएगा। गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें विकसित होंगी। इनमें स्मार्ट लाइटें, बैठने की सुविधा, हरियाली, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर और जागरूकता संदेशों की व्यवस्था होगी।
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63,621 किलोमीटर सड़कों की मैपिंग
प्रदेश में करीब 63,621.53 किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इसे एसडीओ और कनिष्ठ अभियंता स्तर तक जोड़ा गया है ताकि शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचे। वर्ष 2026-27 में 6,593 सड़कों के कुल 7,352.26 किलोमीटर हिस्से में सुधार की मंजूरी मिली है। इसमें 769.35 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
कॉलोनाइजर से वसूली जाएगी मरम्मत की लागत
कॉलोनाइजर की विकसित कॉलोनियों में सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी उसी की होगी। मरम्मत नहीं कराने पर विभाग काम करवाकर खर्च वसूल करेगा। मुख्यमंत्री ने टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी करने और बरसात के कारण काम में देरी से बचने के निर्देश भी दिए। प्रमुख पुलों के पास सामाजिक जागरूकता व कीटनाशकों के बेवजह इस्तेमाल के खिलाफ संदेश लगाने की भी योजना है।