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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Newly selected Patwaris who were assigned to other departments will return to the Revenue Department.

Chandigarh-Haryana News: दूसरे विभागों में गए नवचयनित पटवारी राजस्व विभाग में लौटेंगे

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दूसरे विभागों में राजस्व विभाग के मुकाबले कम वेतन होने के कारण कई पटवारियों ने किया था कोर्ट का रुख
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने अन्य विभागों में नियुक्त नवचयनित पटवारियों को राजस्व विभाग में वापस बुलाने का निर्णय लिया है। यह कदम राजस्व और अन्य विभागों के वेतनमान में अंतर और उच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं के बाद उठाया गया है। निदेशालय भू-अभिलेख ने संबंधित विभागों को तत्काल संबंधित पटवारियों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय ने सात मई और एक जून को विभिन्न विभागों को नवचयनित पटवारियों की सूची भेजी थी।
राजस्व विभाग से दूसरे विभागों में गए पटवारियों की संख्या करीब 130 थी। आपसी स्थानांतरण वाले पटवारी भी इस सूची में शामिल माने जाएंगे। कुछ पटवारियों ने राजस्व विभाग में वापसी के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की थीं। सरकार ने इन याचिकाओं और आवेदन पत्रों पर विचार किया। वेतनमान में अंतर के कारण यह निर्णय लिया गया है। जो पटवारी स्वेच्छा से अपने वर्तमान विभाग में बने रहना चाहते हैं, उन्हें अनुमति दी जाएगी। भू-अभिलेख निदेशालय के निदेशक डॉ. यशपाल ने वन विभाग, निकाय विभाग, नगर निगम गुरुग्राम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), चकबंदी विभाग, नगर एवं ग्राम योजनाकार विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि जो पटवारी राजस्व विभाग में वापस आना चाहते हैं, उन्हें तुरंत कार्यमुक्त किया जाए। नव चयनित पटवारियों के वापस राजस्व विभाग में लौटने से दूसरे विभागों में जो रिक्त पद होंगे उन पर आवश्यकतानुसार हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी।
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विभागवार मूल वेतन में है इतना अंतर

राजस्व विभाग में नियुक्त पाने पटवारियों का मूल मासिक वेतन 32,100 रुपये है जबकि वन विभाग में 19,900, नगर निगम में 21,700, एचएसवीपी, चकबंदी, डीटीपी, लोक निर्माण विभाग में यही वेतन 25,500 रुपये है। वेतनमान समान न होने से कई पटवारी कोर्ट चले गए थे। विभागों को सभी नवचयनित पटवारियों से स्वैच्छिक, स्वहस्ताक्षरित और स्वप्रमाणित शपथ पत्र लेना होगा। इसमें उन्हें बताना होगा कि वे राजस्व विभाग में वापस जाना चाहते हैं या नहीं। इस शपथ पत्र के बाद राजस्व विभाग में जाने से संबंधित किसी भी याचिका पर विचार नहीं किया जाएगा।
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