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मेगा परियोजना को तय समय अवधि में पूरा किया जाए : सीएम
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मुख्यमंत्री सैनी ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को प्रदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेगा परियोजनाओं को तय समयावधि में पूरा किया जाए। संबंधित प्रशासनिक सचिव इसकी निगरानी करेंगे। साथ ही परियोजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में जिन परियोजनाओं की चर्चा की गई उनमें अधिकतर योजनाएं जल संसाधन विभाग और चिकित्सा शिक्षा व अनुंसधान से जुड़ी थीं।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि दादूपुर से हमीदा हेड तक नई समानांतर लाइन चैनल (पीएलसी) और डब्ल्यूजेसी का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस परियोजना का मकसद गैर मानसून अवधि के दौरान हथिनीकुंड बैराज से होने वाले रिसाव के नुकसान को कम करना है। अब तक लगभग 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा होना चाहिए। वहीं, पीडी ब्रांच (मुनक से खुबडु हेड) की लाइनिंग और रीमॉडलिंग का कार्य भी लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। गुरुग्राम वाटर सप्लाई परियोजना का भी जल्द शिलान्यास किया जाएगा।
परशुराम राजकीय मेडिकल कॉलेज का कार्य 65 फीसदी पूरा
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की परियोजनाओं की चर्चा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि भगवान परशुराम राजकीय मेडिकल कॉलेज कैथल का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। अब तक 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज पंजुपुर यमुनानगर की भी प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता में सुधार किया जाए ताकि लोगों को पानी का उपयोग करने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर ट्रीट किए गए पानी के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जाए जिससे ताजे पानी की बचत हो सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को प्रदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेगा परियोजनाओं को तय समयावधि में पूरा किया जाए। संबंधित प्रशासनिक सचिव इसकी निगरानी करेंगे। साथ ही परियोजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में जिन परियोजनाओं की चर्चा की गई उनमें अधिकतर योजनाएं जल संसाधन विभाग और चिकित्सा शिक्षा व अनुंसधान से जुड़ी थीं।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि दादूपुर से हमीदा हेड तक नई समानांतर लाइन चैनल (पीएलसी) और डब्ल्यूजेसी का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस परियोजना का मकसद गैर मानसून अवधि के दौरान हथिनीकुंड बैराज से होने वाले रिसाव के नुकसान को कम करना है। अब तक लगभग 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा होना चाहिए। वहीं, पीडी ब्रांच (मुनक से खुबडु हेड) की लाइनिंग और रीमॉडलिंग का कार्य भी लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। गुरुग्राम वाटर सप्लाई परियोजना का भी जल्द शिलान्यास किया जाएगा।
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परशुराम राजकीय मेडिकल कॉलेज का कार्य 65 फीसदी पूरा
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की परियोजनाओं की चर्चा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि भगवान परशुराम राजकीय मेडिकल कॉलेज कैथल का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। अब तक 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज पंजुपुर यमुनानगर की भी प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता में सुधार किया जाए ताकि लोगों को पानी का उपयोग करने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर ट्रीट किए गए पानी के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जाए जिससे ताजे पानी की बचत हो सके।
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