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Haryana: अब कारोबार करना होगा आसान, सरकार लाएगी बड़ा सुधार बिल; निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने की कवायद
Thu, 30 Apr 2026 03:37 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 30 Apr 2026 03:37 PM IST
सार
एमएसएमई और नए उद्योगों को विशेष राहत देते हुए स्व-घोषणा के आधार पर कारोबार शुरू करने की सुविधा दी जाएगी। साथ ही राइट टू बिजनेस एक्ट के जरिए शुरुआती निरीक्षण कम होंगे।
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सीएम नायब सैनी
- फोटो : ANI/File
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विस्तार
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर नियमों में ढील देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत ओम्निबस बिल लाया जाएगा, जिससे कई विभागों के जटिल नियमों को सरल बनाकर एकीकृत कानूनी ढांचे में शामिल किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और आसान बनाना है। भूमि उपयोग, निर्माण स्वीकृति, लाइसेंस और व्यापारिक अनुमतियों में कई अनावश्यक प्रक्रियाएं खत्म की जाएंगी। लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की जरूरत पहले ही समाप्त की जा चुकी है।
एमएसएमई और नए उद्योगों को विशेष राहत देते हुए स्व-घोषणा के आधार पर कारोबार शुरू करने की सुविधा दी जाएगी। साथ ही राइट टू बिजनेस एक्ट के जरिए शुरुआती निरीक्षण कम होंगे।
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पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का सक्षम फंड भी प्रस्तावित किया गया है। सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत कर 30 दिन के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य बना रही है।
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सरकार का उद्देश्य कारोबार शुरू करने और चलाने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और आसान बनाना है। भूमि उपयोग, निर्माण स्वीकृति, लाइसेंस और व्यापारिक अनुमतियों में कई अनावश्यक प्रक्रियाएं खत्म की जाएंगी। लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की जरूरत पहले ही समाप्त की जा चुकी है।
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एमएसएमई और नए उद्योगों को विशेष राहत देते हुए स्व-घोषणा के आधार पर कारोबार शुरू करने की सुविधा दी जाएगी। साथ ही राइट टू बिजनेस एक्ट के जरिए शुरुआती निरीक्षण कम होंगे।
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पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का सक्षम फंड भी प्रस्तावित किया गया है। सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत कर 30 दिन के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य बना रही है।