Ambala: चंडीगढ़ कूच पर निकले किसानों की पुलिस के साथ झड़प, प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेड्स लगा हिरासत में लिया
हरियाणा में किसान और पुलिस एक बार फिर आमन-सामने दिखाई दिए हैं। किसानों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए चंडीगढ़ कूच का फैसला लिया था। जिसके तहत किसान अंबाला-हिसार बाईपास से होते हुए चंडीगढ़ जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने रास्ते में ही रोक किसानों को हिरासत में ले लिया।
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विस्तार
अंबाला-हिसार बाईपास पर चंडीगढ़ कूच पर निकले किसानों व पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने जगह-जगह नाकाबंदी कर शंभू टोल की तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर जा रहे किसानों को रोका और उन्हें हिरासत में लिया। ऐसे में किसानों ने विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों व पुलिस के बीच कई जगह धक्का-मुक्की भी दिखी। इतना ही नहीं एक जगह किसानों ने पुलिस का नाका ही तोड़ दिया था लेकिन उन्हें पुलिस ने दूसरे नाके पर रोक लिया।
जबरन ट्रैक्टरों से नीचे उतारकर पुलिस वैन में बिठाकर हिरासत में लिया
पुलिसकर्मियों ने खुद ट्रैक्टरों की कमान संभालने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा। जबकि किसानों को पुलिस बसों के जरिए हिरासत में लेकर अंबाला सिटी पुलिस लाइन में रखा। बाढ़ की दौरान हुए मुआवजे आदि मांगों को लेकर हरियाणा के किसान चंडीगढ़ कूच के लिए जा रहे थे। इससे पहले ही पुलिस ने अंबाला-हिसार हाईवे और शंभू टोल तक जाने वाले सभी लिंक रोड पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। वाटर कैनन के साथ-साथ बैरिकेड्स लगाए गए थे।
किसानों ने हाईवे पर एक नाका तोड़ा तो दूसरे पर पुलिस ने हिरासत में लिया
ऐसे में अंबाला के अलावा कुरुक्षेत्र आदि शहरों से आने वाले किसानों को पुलिस ने हाईवे पर ही रोक लिया। ऐसे में सामान्य वाहनों को जाने दिया जा रहा था और किसानों के लिए एंट्री बंद थी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जश्नदीप रंधावा ने खुद मोर्चा संभाला हुआ था और पुलिस को दिशा निर्देश देते हुए दिखे। जबकि किसानों को भी वापस लौटने की अपील कर रहे।
किसानों ने पैदल किया कूच
अंबाला में हिसार-चंडीगढ़ बाईपास से किसानों ने चंडीगढ़ की तरफ पैदल ही कूच शुरू कर दिया है। उन्हें पंजाब पुलिस रोक रही है। सीमा पर पंजाब और हरियाणा के पुलिस का भारी जामवाड़ा है। रास्ते को बैरिकेड लगा बंद कर दिया गया है। मौके पर वाटर कैनन वाहन भी खड़े हैं। वहीं अंबाला सिटी के एसडीएम एक बार फिर किसानों को समझाने पहुंचे हैं।
किसानों की यह मुख्य मांगे
- किसान नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार से 50 हजार करोड़ विशेष पैकेज की मांग।
- घग्गर योजना के तहत सभी नदियों का स्थाई समाधान करने।
- किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग।
- पशुओं की मृत्यु और बोरवेल खराब होने पर मुआवजा।
- खेतों में भरे रेत उठाने के लिए खनन की इजाजत।
- बाढ़ में जान गंवाने वाले के आश्रितों को 10 लाख मुआवजा।
- एक साल के लिए सभी ऋण और ब्याज माफ।
- एमएसपी गारंटी, मनरेगा योजना के तहत 200 दिन तक काम देने।
चंडीगढ़ कूच कर रहे कुरुक्षेत्र के पांच और किसानों को हिरासत में लिया
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चंडीगढ़ में किए जाने वाले रोग प्रदर्शन में भाग लेने को लेकर कुछ कर रहे पांच और किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए किसानों में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह गुट के थानेश्वर ब्लॉक प्रधान विपिन महिला महासचिव बिंदर चंद्रभानपुर आईटी सेल के प्रधान नरेंद्र जमुना खेड़ा सदस्य राजवीर सिंह आदि 10 किसान चंडीगढ़ कुछ कर रहे थे और जैसे ही यह शाहबाद से आगे निकले तो पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
वहीं, पुलिस ने यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू आलमपुर व संजीव कुमार को एक दिन पहले सोमवार को ही विरासत में ले लिया था जबकि रात भर भी पुलिस इन किसान नेताओं को गिरफ्तार में लेने को लेकर छापेमारी करती रही उधर जिला भर से 200 से ज्यादा किस पुलिस को चकमा देकर चंडीगढ़ को करने में सफल भी रहे किसान रणनीति के तहत अलग अलग गाड़ियों में सवार होकर निकले तो कुछ बसों के जरिए भी रवाना हुए।
हाईवे पर जसमीतगढ़ के पास किसान एक तरफ हाईवे पर धरने पर बैठे
अंबाला हिसार हाईवे पर जसमीतगढ़ के पास किसान एक तरफ हाईवे पर बैठ गए हैं। इस मार्ग पर हिसार से चंडीगढ़ जाने वाले बाईपास को बंद कर दिया गया है। वहीं चंडीगढ़ से हिसार जाने वाला मार्ग चल रहा है। इसी मार्ग से लोग आ जा रहे हैं। सुबह 10 बजे किसान यहां पर अपने साथियाें को छुड़ाने और चंडीगढ़ कूच करने की मांग काे लेकर बैठे हुए हैं।
इन किसानों का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत के प्रवक्ता तेजवीर सिंह कर रहे हैं। इसके साथ ही हिसार से आए किसान नेता सुरेश कोथ भी मौके पर हैं। यहां पर हरियाणा पंजाब दोनों राज्यों की पुलिस ने नाका बनाया गया है। मगर यहां पर पंजाब पुलिस की सीमा है इस कारण पंजाब पुलिस मौके पर तैनात है।