फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Water from Tangri entered the houses, the night passed with bated breath.

Ambala News: घरों में घुसा टांगरी का पानी, आंखों में कटी रात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
Water from Tangri entered the houses, the night passed with bated breath.
घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद
कई लोगों ने परिचतों और बांध के दूसरी तरफ स्थित सुरक्षित कॉलोनियों में ली शरण
विज्ञापन

- पानी कम होने पर सुबह घरों को लौटे और दिनभर कीचड़ साफ करने में जुटे रहे


संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद उफान पर आई टांगरी नदी का पानी बुधवार सुबह तक तो उतर गया लेकिन प्रभावित कॉलोनियों में बदहाली के निशान छोड़ गया। नदी की तलहटी में बसी न्यू टैगोर गार्डन, टैगोर गार्डन, परशुराम कॉलोनी और इंद्रपुरी समेत कई निचली बस्तियों में मंगलवार देर रात अचानक एक से डेढ़ फीट तक पानी घुस गया। इस कारण लोग रातभर सो नहीं पाए।
हालांकि सुबह तक पानी कम हो गया लेकिन घरों और गलियों में चिकनी मिट्टी की मोटी गाद जमा हो गई, जिसे निकालने में लोग दिनभर जूझते रहे। एक दिन पहले रात में हालात ऐसे बने कि लोगों को जरूरी सामान गठरियों में बंद कर छत पर बांधना पड़ा, सुबह उठे तो कमरों में गाद भरी थी जिसे साफ करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन

अचानक पानी घुसने से कई परिवारों का अनाज और कपड़े भीगकर खराब हो गया। नुकसान से बचने के लिए अधिकांश लोगों ने रात में ही सामान को छतों पर पहुंचाया या फिर टांगरी बांध पर शरण ली। कई लोगों ने बांध के दूसरी तरफ रिश्तेदारों व जान-पहचान वालों के यहां रुककर रात काटी। बुधवार सुबह से लोग अपने-अपने घरों से बाल्टियों, वाइपर और फावड़ों की मदद से मिट्टी की गाद साफ करने में जुटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल नहीं जा पाए बच्चे, सड़क किनारे पकाया भोजन
बाढ़ के पानी और कीचड़ के कारण इलाके के कई बच्चे बुधवार को स्कूल नहीं जा सके। घरों में पानी और नमी होने की वजह से कई परिवारों को सड़क किनारे चूल्हा जलाकर भोजन पकाने के लिए विवश होना पड़ा। टांगरी बांध से सटी कॉलोनियों का मंजर बेहद विकट नजर आया। न्यू टैगोर गार्डन से लेकर इंद्रपुरी तक जिस भी गली और घर में कदम रखा, वहां सिर्फ चिकनी मिट्टी का कीचड़ दिखाई दिया।
पानी रोकने के लिए बनाई ईंटों की अस्थाई दीवार
टांगरी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रभावित कॉलोनियों के निवासियों ने अपने स्तर पर हर संभव बचाव के प्रयास किए। न्यू टैगोर गार्डन और इंद्रपुरी जैसी कॉलोनियों में कई मकान मालिकों ने रात में ही अपने घरों के मुख्य द्वार और कमरों के चौखट पर ईंट और सीमेंट-मिट्टी की अस्थाई दीवारें खड़ी कर दीं, ताकि नदी का पानी घर के भीतर दाखिल न हो सके। देर रात जब पानी का बहाव तेज हुआ और जलस्तर बढ़ा तो यह अस्थाई दीवारें भी सैलाब को पूरी तरह रोकने में नाकाम साबित हुईं। पानी दीवारों के ऊपर से और दरारों के रास्ते कमरों में घुस ही गया।

सैलाब के खौफ से छोड़ा घर, परिचितों की शरण में काटी रात
टांगरी में अचानक बढ़ते जलस्तर और जलभराव की आहट से प्रभावित कॉलोनियों में अफरा-तफरी मच गई। देर रात जब नदी का पानी कॉलोनियों की ओर रुख करने लगा तो कई परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। कई लोगों ने अपने जान-पहचान वालों के यहां टांगरी बांध के दूसरी तरफ स्थित सुरक्षित कॉलोनियों में शरण ली। सुबह जब नदी का पानी घटा, तब लोग घरों का हाल देखने और कीचड़ साफ करने लौटे।

गाड़ी में लोड किया सामान बांध पर रखा
प्रीत नगर निवासी अर्जुन ने बताया मंगलवार रात को पानी आने का पता चला तो उन्होंने लोडिंग गाड़ी में घर का सामान भरा और गाड़ी को टांगरी बांध पर खड़ी कर दी। सुबह पानी उतरने के बाद अब वह बार-बार सामान लेकर वापस घर में लेकर जा रहे हैं।

फर्श पर रात गुजारी
न्यूज टैगोर गार्डन निवासी रविंद्र ने बताया कि मंगलवार रात को उन्होंने रानी बाग में जानकार से हाल लिया इसके बाद उन्होंने घर का सारा सामान हाल में रखा ओर परिवार के साथ फर्श पर रात गुजारी

घर में जमा पानी के कारण नहीं गई स्कूल
राशी ने बताया कि सनातन धर्म सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा है, बाढ़ के कारण बुधवार को वह स्कूल नहीं जा सकी, क्योंकि उनके घर में करीब आधा फीट तक पानी जमा हो गया था।

कीचड़ के कारण नहीं जा पाए स्कूल
नौंवी कक्षा के छात्र यश और केंद्रीय विद्यालय नंबर दो में पांचवीं कक्षा के छात्र आरव ने बताया कि घर और बाहर दोनों जगह पानी भरा होने के कारण वह स्कूल नहीं जा सके। अब वह घर के अंदर और बाहर से कीचड़ निकाल रहे हैं।

घर से निकाल रहे कीचड़
शुुभम ने बताया कि उनका घर नीचा है जिसके कारण घर में एक फीट तक पानी जमा हो गया था पानी उतर गया अब चिकनी मिट्टी और कीचड़ निकाल रहे हैं।

बैड व अन्य सामान हुआ खराब
टैगोर नगर निवासी रामगोपाल ने बताया कि पानी के कारण हमने अपने घर में बेड के नीचे कई ईंटें लगाकर ऊंचे किए थे लेकिन इसके बाद भी पानी से बेड खराब हो गए। इसके अलावा बल्ली में पोटली बांधकर कपडे़ बचाए हुए हैं।


घर के द्वार पर बनाई अस्थाई दीवार
नीलम ने बताया कि उनके घर में रात को पानी भर गया और सुबह उतर गया अब उन्होंने घर के द्वार पर ईंट से अस्थाई दीवार बना दी है जिससे पानी अंदर न आए।

इंद्रपुरी निवासी दिनेश ने बताया कि घर में दो बार पानी आया जिसके कारण बेड, फ्रिज और अन्य सामान खराब हो गया।

राशन हुआ खराब
परशुराम काॅलोनी निवासी सनोज कुमार और रूपम देवी ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण उनके घर में रखा आटा, कपड़े और चावल खराब हो गए थे, रात को वह बच्चों के साथ पड़ोसी की छत पर सोए थे।

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

घर के बाहर जमा कीचड़ को साफ करते यश और आरव व अन्य। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed