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Ambala News: हरड़ा-हरड़ी में बांध टूटने से घुसा पानी, बच्चा डूबा
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अंबाला। पहाड़ों में थमी बरसात से अंबाला के लोगों ने राहत की सांस ली। उफान पर आई मारकंडा, घग्गर व टांगरी नदी का जलस्तर रविवार सुबह शांत दिखा और दिनभर पानी का जलस्तर घटता चला गया। नदियों का पानी आसपास के इलाकों में अपनी मार छोड़ गया। मुलाना में मारकंडा में जहां 11 वर्षीय बच्चा डूब गया और देरशाम तक गोताखोरों द्वारा उसे ढूंढने का अभियान चला। वहीं साहा के गांव हरड़ा-हरड़ी में भी मारकंडा नदी का बांध टूटने के कारण जलभराव की स्थिति बन गई।
आनन-फानन में ग्रामीणों ने बांध को बंद कर पानी को रोकने का प्रयास किया लेकिन तब तक पानी गांव में मार कर चुका था। उधर, टांगरी बांध पर न्यू टैगोर गार्डन व आसपास के कुछ प्रवासी मजूदरों के परिवारों ने रोष जताया। एकजुट होने के बाद सभी बांध की मुख्य सड़क पर जमा हो गए और वाहनों को रोक दिया। ऐसे में दर्जनों कॉलोनियों में जाने वाले मुख्य रास्ते पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना लगते ही महेश नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को शांत करवाया।
इस दौरान करीब 20 मिनट तक मुख्य रास्ता बंद रहा। लोगों में रोष था कि उनके इलाके में कोई भी सरकारी मदद नहीं मिल रही। एक ओर सब बर्बाद हो गया तो दूसरी ओर कोई पानी या भोजन देने तक नहीं आ रहा। उनके इलाके में कई परिवारों को सूखा राशन भी मिला। ऐसे में महेश नगर थाना प्रभारी रामपाल ने आनन-फानन में पानी की बोतलों के साथ भोजन उपलब्ध करवाया और अन्य मदद भी जल्द देने का आश्वासन देकर लोगों को शांत करवाया।
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फोटो नंबर - 55
पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले प्रवासी मजदूर का बेटा डूबा
नारायणगढ़। नारायणगढ़ -डैहर अम्बली साढौरा मार्ग पर स्थित मारकंडा में रविवार की देर सांय पानी के तेज बहाव में एक 11 वर्षीय बच्चा डूब गया। बताया जाता है कि नजदीक के ही एक पोल्ट्री फार्म में एक प्रवासी मजदूर काम करता है और वो अपने परिवार के साथ रहता था। बच्चे की डूबने की सूचना मजदूर सरवेश ने इलाका पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत गोताखोरों को बुलाया और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। देरशाम तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा और अंधेरा होने के कारण टीम लौट गई। सोमवार को दोबारा बच्चे की तलाश की जाएगी।
मारकंडा नदी का बांध टूटने से कई गांव जलमग्न
ब्लॉक साहा क्षेत्र के गांव हरड़ा हरड़ी में मारकंडा नदी का बांध टूटने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। गांव में बाढ़ का पानी बढ़ने से सड़कों पर तीन से चार फुट तक पानी का जमाव हो गया। पास के गांव शेरगढ़ सहित कई इलाकों में पानी ने मार की। गांव हरडा हरडी के सरपंच ने जानकारी देते हुए बताया कि मारकंडा नदी का बांध टूटने की वजह से सड़कों पर पानी ओवरफ्लो होने के कारण गांव का मेन सड़क से लिंक टूट गया। यदि कोई गांववासी किसी को दवाई लेने या अपनी रोजमर्रा की जरूरतमंद खाने की वस्तुएं लेने के लिए जाना हो तो वह नहीं जा सकता।
बिजली-पानी को भी तरसे लोग
सबसे ज्यादा असर टांगरी की जद में बसी दर्जनों कॉलोनियों में भी देखने को मिला। जलभराव के बाद चारों ओर कीचड़ जमा था। ऐसे में बिजली व पेयजल का भी संकट गहरा गया। लोगों ने पानी के टैंकरों से पानी की किल्लत को पूरा किया। जबकि बिजली को लेकर वह चक्कर काटते रहे।
शिवपुरी काॅलोनी निवासी शीला देवी ने बताया कि उसके घर में कमर तक पानी जमा हो गया था। इसलिए वह पिछले आठ दिन से टांगरी बांध पर सड़क के किनारे रह रही थी और चार दिन से कमरे पर जाकर कीचड़़ साफ कर रही थी। जैसे ही कमरे का कीचड़ साफ हुआ था कि शनिवार को दोबारा से पानी आ गया।
पूजा ने बताया कि उसके घर में गर्दन तक पानी जमा हो गया था। उन्हें सामान निकालने का मौका नहीं मिला। वह परिवार के साथ जैसे- तैसे घर से बाहर निकले और अपनी जान बचाई। दो दिन तक टांगरी बांध पर रहे। इसके बाद वह बब्याल निवासी अपने मामा के यहां पर रहने के लिए चले गए। रिश्तेदारों से कपडे़ तक मांगकर पहनने पड़ रहे हैं।
न्यू पटेल नगर निवासी भानू ने बताया कि पहले आई बाढ़ के कारण अचानक घर में पांच फीट तक पानी भर गया था और कोई सामान नहीं बचा था। कमरे में रखे दो कंप्यूटर बाढ़ में बह गए, उनका पता भी नहीं चला। अब दूसरी बार पानी ने जो कुछ बचाया था वो भी खत्म कर दिया।
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आनन-फानन में ग्रामीणों ने बांध को बंद कर पानी को रोकने का प्रयास किया लेकिन तब तक पानी गांव में मार कर चुका था। उधर, टांगरी बांध पर न्यू टैगोर गार्डन व आसपास के कुछ प्रवासी मजूदरों के परिवारों ने रोष जताया। एकजुट होने के बाद सभी बांध की मुख्य सड़क पर जमा हो गए और वाहनों को रोक दिया। ऐसे में दर्जनों कॉलोनियों में जाने वाले मुख्य रास्ते पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना लगते ही महेश नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को शांत करवाया।
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इस दौरान करीब 20 मिनट तक मुख्य रास्ता बंद रहा। लोगों में रोष था कि उनके इलाके में कोई भी सरकारी मदद नहीं मिल रही। एक ओर सब बर्बाद हो गया तो दूसरी ओर कोई पानी या भोजन देने तक नहीं आ रहा। उनके इलाके में कई परिवारों को सूखा राशन भी मिला। ऐसे में महेश नगर थाना प्रभारी रामपाल ने आनन-फानन में पानी की बोतलों के साथ भोजन उपलब्ध करवाया और अन्य मदद भी जल्द देने का आश्वासन देकर लोगों को शांत करवाया।
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फोटो नंबर - 55
पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले प्रवासी मजदूर का बेटा डूबा
नारायणगढ़। नारायणगढ़ -डैहर अम्बली साढौरा मार्ग पर स्थित मारकंडा में रविवार की देर सांय पानी के तेज बहाव में एक 11 वर्षीय बच्चा डूब गया। बताया जाता है कि नजदीक के ही एक पोल्ट्री फार्म में एक प्रवासी मजदूर काम करता है और वो अपने परिवार के साथ रहता था। बच्चे की डूबने की सूचना मजदूर सरवेश ने इलाका पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत गोताखोरों को बुलाया और बच्चे की तलाश शुरू कर दी। देरशाम तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा और अंधेरा होने के कारण टीम लौट गई। सोमवार को दोबारा बच्चे की तलाश की जाएगी।
मारकंडा नदी का बांध टूटने से कई गांव जलमग्न
ब्लॉक साहा क्षेत्र के गांव हरड़ा हरड़ी में मारकंडा नदी का बांध टूटने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। गांव में बाढ़ का पानी बढ़ने से सड़कों पर तीन से चार फुट तक पानी का जमाव हो गया। पास के गांव शेरगढ़ सहित कई इलाकों में पानी ने मार की। गांव हरडा हरडी के सरपंच ने जानकारी देते हुए बताया कि मारकंडा नदी का बांध टूटने की वजह से सड़कों पर पानी ओवरफ्लो होने के कारण गांव का मेन सड़क से लिंक टूट गया। यदि कोई गांववासी किसी को दवाई लेने या अपनी रोजमर्रा की जरूरतमंद खाने की वस्तुएं लेने के लिए जाना हो तो वह नहीं जा सकता।
बिजली-पानी को भी तरसे लोग
सबसे ज्यादा असर टांगरी की जद में बसी दर्जनों कॉलोनियों में भी देखने को मिला। जलभराव के बाद चारों ओर कीचड़ जमा था। ऐसे में बिजली व पेयजल का भी संकट गहरा गया। लोगों ने पानी के टैंकरों से पानी की किल्लत को पूरा किया। जबकि बिजली को लेकर वह चक्कर काटते रहे।
शिवपुरी काॅलोनी निवासी शीला देवी ने बताया कि उसके घर में कमर तक पानी जमा हो गया था। इसलिए वह पिछले आठ दिन से टांगरी बांध पर सड़क के किनारे रह रही थी और चार दिन से कमरे पर जाकर कीचड़़ साफ कर रही थी। जैसे ही कमरे का कीचड़ साफ हुआ था कि शनिवार को दोबारा से पानी आ गया।
पूजा ने बताया कि उसके घर में गर्दन तक पानी जमा हो गया था। उन्हें सामान निकालने का मौका नहीं मिला। वह परिवार के साथ जैसे- तैसे घर से बाहर निकले और अपनी जान बचाई। दो दिन तक टांगरी बांध पर रहे। इसके बाद वह बब्याल निवासी अपने मामा के यहां पर रहने के लिए चले गए। रिश्तेदारों से कपडे़ तक मांगकर पहनने पड़ रहे हैं।
न्यू पटेल नगर निवासी भानू ने बताया कि पहले आई बाढ़ के कारण अचानक घर में पांच फीट तक पानी भर गया था और कोई सामान नहीं बचा था। कमरे में रखे दो कंप्यूटर बाढ़ में बह गए, उनका पता भी नहीं चला। अब दूसरी बार पानी ने जो कुछ बचाया था वो भी खत्म कर दिया।