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Ambala News: पीकू वार्ड के लिए उपकरण और कर्मचारियों का इंतजार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2024 04:29 AM IST
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Waiting for equipment and staff for Piku ward
अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बनने वाले पीकू वार्ड यानी बच्चों का आईसीयू वार्ड बन गया है। करीब डेढ़ साल से इस वार्ड का काम अधर में अटका हुआ था। पीडब्ल्यूडी की ओर से स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने के बाद इन दो कमरों के वार्ड को फिलहाल बच्चों के वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी इसका इस्तेमाल आईसीयू के नहीं किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन को अभी इसके लिए पूरे उपकरण, विशेषज्ञ डाक्टर और कर्मचारियों के आने का इंतजार है।
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ओपीडी में कोई भी गंभीर रूप से बीमार बच्चा आता है तो उसे वार्ड में दाखिल कर उपचार दिया जा रहा है। दाखिल करने के बाद डॉक्टरों में निगरानी में रखकर उसे ठीक किया जा रहा है। दरअसल, अस्पताल में फिलहाल निक्कू वार्ड तो चल रहा है जिसमें नवजात को रखा जाता है लेकिन 1 से लेकर 14 साल तक के बच्चों के लिए न तो अलग से वार्ड था और न ही आईसीयू की सुविधा थी। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा अस्पताल में इस वार्ड को तैयार किया गया है। दूसरी मंजिल पर इस वार्ड के दोनों कमरों का इस्तेमाल पहले पुरुष वार्ड यानी सर्जरी, हड्डी सहित अन्य ओपीडी के मरीजों को दाखिल करने में किया जाता था। पीकू वार्ड में बच्चों के लिए करीब 10 बैड की व्यवस्था है। सभी पर मॉनिटर है। जल्द ही इसमें वेंटीलेटर व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे।
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आईसीयू के लिए अभी बड़े बच्चे गंभीर हालत में होते हैं रेफर


नागरिक अस्पताल में फिलहाल पहली मंजिल पर बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के ठीक साथ निक्कू वार्ड चल रहा है। इसमें नवजात शिशुओं का ही इलाज किया जाता है। अभी स्थिति यह है कि अगर बड़े बच्चे को आईसीयू की जरूरत पड़ जाए तो उसे रेफर करने के अलावा डॉक्टरों के पास कोई चारा नहीं है। इस आईसीयू यानी पीकू के चालू होने पर रेफर होने से छुटकारा मिल जाएगा।
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बच्चों के वार्ड में नहीं इंफेक्शन का खतरा

इस दो कमरों के आईसीयू वार्ड के सेंट्रल एसी को अलग किया गया है। जिससे बच्चों का इंफेक्शन का खतरा न हो। जरूरत के अनुसार तापमान को भी नियंत्रित किया जा सके। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंड की ओर से वार्ड को तैयार किया गया है। इसके लिए हजारों रुपये की लागत से खरीदे उपकरण लगाए गए है।

पीकू का वार्ड तो हेंडओवर हो गया है लेकिन पूरा स्टाफ व उपकरण न होने पर अभी इसका इस्तेमाल बच्चों के वार्ड के रूप में किया जा रहा है, ताकि अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को वार्ड में बेहतर उपचार मिल सके। जल्द ही पीकू को भी शुरू कर दिया जाएगा।

डॉ. गुरमीत, बाल रोग विशेषज्ञ, छावनी नागरिक अस्पताल
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