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निलंबन के बाद एसएचओ पर गिरफ्तारी की तलवार
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हनीट्रैप मामले में संलिप्तता उजागर होने के मामले में निलंबित हुए महेश नगर एसएचओ पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। कारण कि एसपी की ओर से नोटिस का जवाब नहीं देने पर वारंट जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए एसएचओ की ओर से अग्रिम जमानत के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। उधर, एसएचओ सुभाष के मित्र गौरव की धरपकड़ के लिए भी टीमें गठित कर दी गई हैं।
विदित हो कि एफसीआई कर्मचारी को हनीट्रैप मामले में फंसाकर 10 लाख रुपये की सौदेबाजी हुई थी। आरोप है कि एफसीआई कर्मी की बैंक मैनेजर पत्नी ने ही साथी गौरव और एसएचओ के साथ मिलकर इसकी साजिश रची थी। कारण कि एफसीआई कर्मी का अपनी पत्नी से कोर्ट में तलाक को लेकर केस चल रहा है। बताया जा रहा है कि एफसीआई में तैनात मनोज कुमार का दिसंबर 2021 में दिल्ली से अंबाला सिटी में ट्रांसफर हुआ था। मनोज कुमार ने सेक्टर-9 के क्षेत्र में किराए पर मकान लिया था, जहां सितंबर 2022 में रवनीत कौर नाम की महिला पहुंची थी। बाद में उसने एफसीआई कर्मी मनोज के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। इस संबंध में जब पीड़ित की शिकायत पर एसआईटी ने जांच की तो मामला फर्जी पाया गया और इसमें उसकी पत्नी तथा अन्य की संलिप्तता उजागर हुई। यह भी सामने आया कि आरोपी एसएचओ सुभाष ने मिलीभगत कर एफसीआई कर्मी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया था। मामले में आरोपी पत्नी के अलावा दो अन्य महिलाओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आरोपी गौरव और एसएचओ फरार बताए जा रहे हैं।
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विदित हो कि एफसीआई कर्मचारी को हनीट्रैप मामले में फंसाकर 10 लाख रुपये की सौदेबाजी हुई थी। आरोप है कि एफसीआई कर्मी की बैंक मैनेजर पत्नी ने ही साथी गौरव और एसएचओ के साथ मिलकर इसकी साजिश रची थी। कारण कि एफसीआई कर्मी का अपनी पत्नी से कोर्ट में तलाक को लेकर केस चल रहा है। बताया जा रहा है कि एफसीआई में तैनात मनोज कुमार का दिसंबर 2021 में दिल्ली से अंबाला सिटी में ट्रांसफर हुआ था। मनोज कुमार ने सेक्टर-9 के क्षेत्र में किराए पर मकान लिया था, जहां सितंबर 2022 में रवनीत कौर नाम की महिला पहुंची थी। बाद में उसने एफसीआई कर्मी मनोज के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। इस संबंध में जब पीड़ित की शिकायत पर एसआईटी ने जांच की तो मामला फर्जी पाया गया और इसमें उसकी पत्नी तथा अन्य की संलिप्तता उजागर हुई। यह भी सामने आया कि आरोपी एसएचओ सुभाष ने मिलीभगत कर एफसीआई कर्मी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया था। मामले में आरोपी पत्नी के अलावा दो अन्य महिलाओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आरोपी गौरव और एसएचओ फरार बताए जा रहे हैं।
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