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Ambala News: भक्त प्रहलाद और नृसिंह अवतार का सुनाया प्रसंग
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छावनी के न्यू शिवपुरी कॉलोनी में कथा सुनाते पंडित जितेंद्र शुक्ला। सभा
छठी सर्व जन कल्याण श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। न्यू शिवपुरी कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर के सामने छठी सर्व जन कल्याण संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का तीसरा दिन रहा। इस दौरान कथा व्यास पंडित जितेंद्र शुक्ला ने भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्यप के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
पंडित शुक्ला ने बताया कि हिरण्यकश्यप के अत्याचारों और अनेक यातनाओं के बावजूद बाल भक्त प्रहलाद की प्रभु श्री हरि विष्णु के प्रति अटूट भक्ति कभी कम नहीं हुई। उन्होंने कहा, जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब ईश्वर धर्म की रक्षा और अपने भक्तों के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं। प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान ने नृसिंह रूप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया। इस प्रसंग ने यह संदेश दिया कि सत्य और भक्ति की हमेशा विजय होती है। कथा सुनकर पंडाल जयकारों से गूंज उठा। कथा के बाद आरती की गई। यह कथा श्री पिपलेश्वर महादेव भागवत सेवा समिति द्वारा आयोजित की जा रही है।
भक्ति और सत्य की विजय
कथा व्यास पंडित जितेंद्र शुक्ला ने प्रहलाद की अटूट भक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि हिरण्यकश्यप की यातनाओं के बावजूद प्रहलाद की आस्था नहीं डिगी। ईश्वर ने नृसिंह रूप में आकर अपने भक्त की रक्षा की। यह प्रसंग अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। न्यू शिवपुरी कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर के सामने छठी सर्व जन कल्याण संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का तीसरा दिन रहा। इस दौरान कथा व्यास पंडित जितेंद्र शुक्ला ने भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्यप के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
पंडित शुक्ला ने बताया कि हिरण्यकश्यप के अत्याचारों और अनेक यातनाओं के बावजूद बाल भक्त प्रहलाद की प्रभु श्री हरि विष्णु के प्रति अटूट भक्ति कभी कम नहीं हुई। उन्होंने कहा, जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब ईश्वर धर्म की रक्षा और अपने भक्तों के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं। प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान ने नृसिंह रूप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया। इस प्रसंग ने यह संदेश दिया कि सत्य और भक्ति की हमेशा विजय होती है। कथा सुनकर पंडाल जयकारों से गूंज उठा। कथा के बाद आरती की गई। यह कथा श्री पिपलेश्वर महादेव भागवत सेवा समिति द्वारा आयोजित की जा रही है।
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भक्ति और सत्य की विजय
कथा व्यास पंडित जितेंद्र शुक्ला ने प्रहलाद की अटूट भक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि हिरण्यकश्यप की यातनाओं के बावजूद प्रहलाद की आस्था नहीं डिगी। ईश्वर ने नृसिंह रूप में आकर अपने भक्त की रक्षा की। यह प्रसंग अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है।
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