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Ambala News: खेतों की ओर हुई यमुना की धार, किसान बने पहरेदार
Sat, 06 Sep 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:43 AM IST
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501....खेत में आए यमुना के पानी के बीच किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। खंड के गांवों के खेतों में यमुना नदी का जलस्तर कुछ कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। पानी उतर गया हो लेकिन पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है। खेतों में पानी के साथ आया कबाड़ और रेतीली मिट्टी पड़ी हुई है। जिस फसल को किसान दो-चार दिन में काटने वाले थे वह बर्बाद हो गई है।
इंद्री के गांव डबकोली खुर्द के किसानों की कई सौ एकड़ जमीन पानी के कटाव से यमुना में समा गई है। गनीमत रही कि पानी केवल खेतों और गांव की गलियों तक ही घूम कर वापिस उतर गया अन्यथा क्षेत्रवासियों को ओर भी नुकसान उठाना पड़ सकता था। किसान दिन-रात अपनी फसलों की पहरेदारी कर रहे हैं। खेतों से पानी उतरते ही बची हुई फसल का रखरखाव किया जाएगा।
किसानों की पीड़ाविकास ने बताया कि जब भी यमुना में बाढ़ आती है तो डबकोली खुर्द में पानी जरूर आता है। हर बार पानी के उतरने के बाद होने वाले कटाव के कारण खेत फसल सहित यमुना में समा जाते हैं। इसका मुख्य कारण डबकोली खुर्द के पास यमुना के तटबंधों का नहीं होना है।
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ग्रामीण राजेंद्र ने बताया कि इस बार भी यमुना नदी में बाढ़ आने के बाद पानी की धारा खेतों में से होकर गुजर रही है। कृषि भूमि का कटाव होने के बाद यमुना नदी में मिलना निश्चित है। गांववासी बेबस होकर अपनी जमीन को यमुना में समाते हुए देखते रह जाते हैं।
किसान मनदीप ने बताया कि उनके परिवार के पास दस एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने गन्ने और धान की फसल उगाई थी। इसके अलावा पशुओं के चारे के लिए ज्वार की फसल लगाई थी। बाढ़ ने सबकुछ खत्म कर दिया। गन्ने के खेत में अब भी पानी जमा है।
तटबंध के लिए कई बार गुहार लगाई
सरपंच देवी लाल ने बताया कि वह तटबंध बनाने के बारे में कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं। अधिकारी आश्वासन देते हैं लेकिन तटबंध बनाने का काम शुरू नहीं किया गया। मजबूत तटबंध न होने से अब की बार भी किसानों की काफी जमीन कटाव के कारण यमुना में समा गई है।
अधिकारियों से मिलकर काम कराएंगे
बाढ़ के बाद क्षेत्र के हालात का जायजा लेने डबकोली खुर्द पहुंचे इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने बताया कि ग्रामीणों ने उनके सामने यमुना नदी के किनारे मजबूत तटबंध बनाने व धनोरा एस्केप पर बने पुल को ऊंचा उठाने की मांग रखी है। शीघ्र ही अधिकारियों के साथ मिलकर इसे पूरा कराएंगे।
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इंद्री। खंड के गांवों के खेतों में यमुना नदी का जलस्तर कुछ कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। पानी उतर गया हो लेकिन पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है। खेतों में पानी के साथ आया कबाड़ और रेतीली मिट्टी पड़ी हुई है। जिस फसल को किसान दो-चार दिन में काटने वाले थे वह बर्बाद हो गई है।
इंद्री के गांव डबकोली खुर्द के किसानों की कई सौ एकड़ जमीन पानी के कटाव से यमुना में समा गई है। गनीमत रही कि पानी केवल खेतों और गांव की गलियों तक ही घूम कर वापिस उतर गया अन्यथा क्षेत्रवासियों को ओर भी नुकसान उठाना पड़ सकता था। किसान दिन-रात अपनी फसलों की पहरेदारी कर रहे हैं। खेतों से पानी उतरते ही बची हुई फसल का रखरखाव किया जाएगा।
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किसानों की पीड़ाविकास ने बताया कि जब भी यमुना में बाढ़ आती है तो डबकोली खुर्द में पानी जरूर आता है। हर बार पानी के उतरने के बाद होने वाले कटाव के कारण खेत फसल सहित यमुना में समा जाते हैं। इसका मुख्य कारण डबकोली खुर्द के पास यमुना के तटबंधों का नहीं होना है।
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ग्रामीण राजेंद्र ने बताया कि इस बार भी यमुना नदी में बाढ़ आने के बाद पानी की धारा खेतों में से होकर गुजर रही है। कृषि भूमि का कटाव होने के बाद यमुना नदी में मिलना निश्चित है। गांववासी बेबस होकर अपनी जमीन को यमुना में समाते हुए देखते रह जाते हैं।
किसान मनदीप ने बताया कि उनके परिवार के पास दस एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने गन्ने और धान की फसल उगाई थी। इसके अलावा पशुओं के चारे के लिए ज्वार की फसल लगाई थी। बाढ़ ने सबकुछ खत्म कर दिया। गन्ने के खेत में अब भी पानी जमा है।
तटबंध के लिए कई बार गुहार लगाई
सरपंच देवी लाल ने बताया कि वह तटबंध बनाने के बारे में कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं। अधिकारी आश्वासन देते हैं लेकिन तटबंध बनाने का काम शुरू नहीं किया गया। मजबूत तटबंध न होने से अब की बार भी किसानों की काफी जमीन कटाव के कारण यमुना में समा गई है।
अधिकारियों से मिलकर काम कराएंगे
बाढ़ के बाद क्षेत्र के हालात का जायजा लेने डबकोली खुर्द पहुंचे इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने बताया कि ग्रामीणों ने उनके सामने यमुना नदी के किनारे मजबूत तटबंध बनाने व धनोरा एस्केप पर बने पुल को ऊंचा उठाने की मांग रखी है। शीघ्र ही अधिकारियों के साथ मिलकर इसे पूरा कराएंगे।

501....खेत में आए यमुना के पानी के बीच किसान। संवाद

501....खेत में आए यमुना के पानी के बीच किसान। संवाद

501....खेत में आए यमुना के पानी के बीच किसान। संवाद