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Ambala News: पांच मिशन बुनियाद केंद्रों के विद्यार्थियों को मिलेेंगे बस पास
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अंबाला सिटी। जिले में मिशन बुनियाद के अंतर्गत चल रहे पांच केंद्रों पर पढ़ रहे 450 विद्यार्थियों के बस पास बनेंगे। बस पास बनवाने को लेकर शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में अंबाला शहर पुलिस लाइन राजकीय माॅडल संस्कृति स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बकरा मार्केट अंबाला छावनी, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल नारायणगढ़, शहजादपुर और बराड़ा में मिशन बुनियाद केंद्र चलाए जा रहे हैं। प्रदेश की बात करें तो 103 बुनियाद केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जहां पर राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा आठवीं के चयनित विद्यार्थियों को दो साल अर्थात 9वीं व 10वीं में स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
वर्तमान में प्रदेश में मिशन बुनियाद के अंतर्गत करीब पांच हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी विद्यार्थियों को वर्दी, किताबें और स्टेशनरी इत्यादि राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही है। मिशन बुनियाद में विद्यार्थी दूरवर्ती क्षेत्रों से नामांकित हैं, लेकिन बहुत से अभिभावक घर से बुनियाद केंद्र की दूरी अधिक होने के कारण यातायात का खर्च वहन न कर पाने के कारण अपने बच्चों को बुनियाद केंद्रों में भेजने में असमर्थता जता रहे हैं।
शिक्षा विभाग निदेशालय ने परिवहन विभाग आयुक्त को भी पत्र लिखा है ताकि बस पास बनवाने की प्रक्रिया को आसान किया जा सके और विद्यार्थियों के बस पास बन सकें। जिला विज्ञान विशेषज्ञ पूजा भारद्वाज ने बताया कि मिशन बुनियाद के अंतर्गत केंद्रों पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बस पास बनाए जाएंगे। इसके लिए विभाग की ओर से प्रक्रिया चल रही है।
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तीन लेवल उत्तीर्ण करने पर होता है चयन
शिक्षा विभाग व विकल्प फाउंडेशन के सौजन्य से मिशन बुनियाद कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें तीन लेवल उत्तीर्ण करने पर विद्यार्थी चयनित होता है। विद्यार्थी दो वर्ष 9वीं और 10वीं में बुनियाद केंद्र पर पढ़ता है। जिले में पांच स्कूल में बुनियाद केंद्र चल रहे हैं। 11वीं कक्षा में पहुंचने के बाद सुपर-100 की परीक्षा होती है। इस परीक्षा के दो लेवल में अगर कोई विद्यार्थी उत्तीर्ण हो जाता है तो उसे विकल्प फाउंडेशन की ओर से दो वर्षीय आवासीय जेईई और नीट के लिए प्रशिक्षण मिलता है। प्रदेश में कई विद्यार्थी इन कार्यक्रम के जरिए चयनित होकर आईआईटी व मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
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वर्तमान में प्रदेश में मिशन बुनियाद के अंतर्गत करीब पांच हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी विद्यार्थियों को वर्दी, किताबें और स्टेशनरी इत्यादि राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही है। मिशन बुनियाद में विद्यार्थी दूरवर्ती क्षेत्रों से नामांकित हैं, लेकिन बहुत से अभिभावक घर से बुनियाद केंद्र की दूरी अधिक होने के कारण यातायात का खर्च वहन न कर पाने के कारण अपने बच्चों को बुनियाद केंद्रों में भेजने में असमर्थता जता रहे हैं।
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शिक्षा विभाग निदेशालय ने परिवहन विभाग आयुक्त को भी पत्र लिखा है ताकि बस पास बनवाने की प्रक्रिया को आसान किया जा सके और विद्यार्थियों के बस पास बन सकें। जिला विज्ञान विशेषज्ञ पूजा भारद्वाज ने बताया कि मिशन बुनियाद के अंतर्गत केंद्रों पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बस पास बनाए जाएंगे। इसके लिए विभाग की ओर से प्रक्रिया चल रही है।
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तीन लेवल उत्तीर्ण करने पर होता है चयन
शिक्षा विभाग व विकल्प फाउंडेशन के सौजन्य से मिशन बुनियाद कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें तीन लेवल उत्तीर्ण करने पर विद्यार्थी चयनित होता है। विद्यार्थी दो वर्ष 9वीं और 10वीं में बुनियाद केंद्र पर पढ़ता है। जिले में पांच स्कूल में बुनियाद केंद्र चल रहे हैं। 11वीं कक्षा में पहुंचने के बाद सुपर-100 की परीक्षा होती है। इस परीक्षा के दो लेवल में अगर कोई विद्यार्थी उत्तीर्ण हो जाता है तो उसे विकल्प फाउंडेशन की ओर से दो वर्षीय आवासीय जेईई और नीट के लिए प्रशिक्षण मिलता है। प्रदेश में कई विद्यार्थी इन कार्यक्रम के जरिए चयनित होकर आईआईटी व मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।