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Ambala News: स्टडी वीजा पर रूस गए छात्र को यूक्रेन युद्ध में भेजा, डेढ़ माह से नहीं हुआ परिवार का संपर्क
Mon, 08 Dec 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 08 Dec 2025 12:59 AM IST
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रूस सेना में भर्ती अनुज की हथियार के साथ फोटो स्वयं
करनाल। घरौंडा के चोरा गांव निवासी अनुज (21) को स्टडी वीजा पर रूस भेजने के बाद वहां के एजेंट ने 52 लाख रुपये का लालच देकर रूस-युक्रेन युद्ध में भेज दिया। छात्र को छह माह पूर्व परिवार ने छह लाख रुपये का कर्ज उठाकर स्टडी वीजा पर रूस भेजा था। अब परिवार का डेढ़ माह से बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परेशान परिजन केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और पीएमओ से बेटे को भारत लाने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिल पाया है।
चोरा गांव निवासी अर्जुन ने बताया कि परिवार ने छह माह पहले एक एजेंट के माध्यम से उसके भाई अनुज को स्टडी वीजा पर रूस भेजा था। वहां स्टडी के साथ-साथ उसे एक जिम में काम मिला था। वह ठीक तरह से काम कर रहा था। उम्मीद थी कि धीरे-धीरे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। इसी दौरान वहां के किसी एजेंट ने अनुज और अन्य भारतीयों से संपर्क किया और सभी को 52 लाख रुपये नकदी और वेतन अलग से देने का लालच देकर रूसी सेना में भेजने की बात कही। पहले तो अनुज ने मना कर दिया। लेकिन बार-बार कहने पर उसने रूसी सेना ज्वाइन कर ली।
इसके बाद रूसी सेना ने अनुज को हथियार दे दिए और रूस-युक्रेन युद्ध में भेज दिया। अनुज की परिवार के साथ लगातार बात होती रही। लेकिन 13 अक्तूबर को अनुज ने परिवार से फोन पर अंतिम बार बात की। उसके बाद से अनुज का फोन बंद है। परिवार को बेटे के साथ अनहोनी का डर है।
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13 अक्तूबर को अंतिम बार हुई थी बात
अर्जुन ने बताया कि 13 अक्टूबर को अनुज ने परिवार के पास फोन किया था। उसने बताया था कि उन्हें रूस की सेना ने 10 दिन का प्रशिक्षण दिया है। इसके बाद सीधे हथियार देकर रूस-युक्रेन युद्ध के रेड जोन में भेजा जा रहा है। उसके साथ अन्य भारतीय युवाओं को भी लड़ाई वाली जगह भेजा जा रहा है। इसके बाद भाई का फोन बंद हो गया और संपर्क टूट गया। दूसरे भाई विशाल ने बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मांग करते हैं कि उसके भाई को सुरक्षित भारत भेज दिया जाए।
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चोरा गांव निवासी अर्जुन ने बताया कि परिवार ने छह माह पहले एक एजेंट के माध्यम से उसके भाई अनुज को स्टडी वीजा पर रूस भेजा था। वहां स्टडी के साथ-साथ उसे एक जिम में काम मिला था। वह ठीक तरह से काम कर रहा था। उम्मीद थी कि धीरे-धीरे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। इसी दौरान वहां के किसी एजेंट ने अनुज और अन्य भारतीयों से संपर्क किया और सभी को 52 लाख रुपये नकदी और वेतन अलग से देने का लालच देकर रूसी सेना में भेजने की बात कही। पहले तो अनुज ने मना कर दिया। लेकिन बार-बार कहने पर उसने रूसी सेना ज्वाइन कर ली।
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इसके बाद रूसी सेना ने अनुज को हथियार दे दिए और रूस-युक्रेन युद्ध में भेज दिया। अनुज की परिवार के साथ लगातार बात होती रही। लेकिन 13 अक्तूबर को अनुज ने परिवार से फोन पर अंतिम बार बात की। उसके बाद से अनुज का फोन बंद है। परिवार को बेटे के साथ अनहोनी का डर है।
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13 अक्तूबर को अंतिम बार हुई थी बात
अर्जुन ने बताया कि 13 अक्टूबर को अनुज ने परिवार के पास फोन किया था। उसने बताया था कि उन्हें रूस की सेना ने 10 दिन का प्रशिक्षण दिया है। इसके बाद सीधे हथियार देकर रूस-युक्रेन युद्ध के रेड जोन में भेजा जा रहा है। उसके साथ अन्य भारतीय युवाओं को भी लड़ाई वाली जगह भेजा जा रहा है। इसके बाद भाई का फोन बंद हो गया और संपर्क टूट गया। दूसरे भाई विशाल ने बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मांग करते हैं कि उसके भाई को सुरक्षित भारत भेज दिया जाए।