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Ambala News: सनातन धर्म महाबीर दल 5.02 एकड़ जमीन का मालिक, कब्जे की मांग खारिज
Mon, 10 Nov 2025 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 10 Nov 2025 11:45 PM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। सनातन धर्म महाबीर दल बनाम रोटरी अंबाला कैंसर अस्पताल, नगर निगम और अन्य के मामले में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने सनातन धर्म महाबीर दल को 5.02 एकड़ भूमि का कानूनी मालिक घोषित किया है। अदालत ने वादी सनातन धर्म महाबीर दल के पक्ष में यह माना कि वह विवादित भूमि का मालिक है। अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि सोसायटी नए पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं थी, क्योंकि सोसायटी पुराने अधिनियम के तहत पहले से पंजीकृत थी और मुकदमे के दौरान उसने नए अधिनियम के तहत खुद को पंजीकृत करा लिया था। फैसले के अनुसार, वादी केवल संपत्ति के स्वामित्व की घोषणा के राहत का हकदार है। हालांकि, सनातन धर्म महाबीर दल को कब्जा और स्थायी निषेधाज्ञा के लिए मांगी गई अन्य राहतों को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
यह था विवाद
5.02 एकड़ जमीन की मिल्कियत और महाबीर दल आई हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा रोटरी अस्पताल के पक्ष में निष्पादित लीज डीड की वैधता को लेकर विवाद था। सोसायटी के अनुसार दस्तावेज में गलती से सोसायटी का नाम महावीर दल फ्री आई हॉस्पिटल लिख दिया गया था, जबकि पंजीकरण संख्या सही थी। सोसायटी ने वर्ष 1960 में वित्तीय संकट के कारण अस्पताल के प्रबंधन और भूमि के एक हिस्से को तीन व्यक्तियों को सौंपा था, जिनमें लक्ष्मी सागर भी शामिल थे। वादी ने आरोप लगाया कि लक्ष्मी सागर ने बाद में महाबीर दल आई हॉस्पिटल ट्रस्ट का गठन किया और सोसायटी की संपत्ति को ट्रस्ट की संपत्ति बताकर रोटरी अंबाला कैंसर अस्पताल के पक्ष में 18 जनवरी, 2016 को एक लीज निष्पादित कर दी।
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अंबाला। सनातन धर्म महाबीर दल बनाम रोटरी अंबाला कैंसर अस्पताल, नगर निगम और अन्य के मामले में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने सनातन धर्म महाबीर दल को 5.02 एकड़ भूमि का कानूनी मालिक घोषित किया है। अदालत ने वादी सनातन धर्म महाबीर दल के पक्ष में यह माना कि वह विवादित भूमि का मालिक है। अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि सोसायटी नए पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं थी, क्योंकि सोसायटी पुराने अधिनियम के तहत पहले से पंजीकृत थी और मुकदमे के दौरान उसने नए अधिनियम के तहत खुद को पंजीकृत करा लिया था। फैसले के अनुसार, वादी केवल संपत्ति के स्वामित्व की घोषणा के राहत का हकदार है। हालांकि, सनातन धर्म महाबीर दल को कब्जा और स्थायी निषेधाज्ञा के लिए मांगी गई अन्य राहतों को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
यह था विवाद
5.02 एकड़ जमीन की मिल्कियत और महाबीर दल आई हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा रोटरी अस्पताल के पक्ष में निष्पादित लीज डीड की वैधता को लेकर विवाद था। सोसायटी के अनुसार दस्तावेज में गलती से सोसायटी का नाम महावीर दल फ्री आई हॉस्पिटल लिख दिया गया था, जबकि पंजीकरण संख्या सही थी। सोसायटी ने वर्ष 1960 में वित्तीय संकट के कारण अस्पताल के प्रबंधन और भूमि के एक हिस्से को तीन व्यक्तियों को सौंपा था, जिनमें लक्ष्मी सागर भी शामिल थे। वादी ने आरोप लगाया कि लक्ष्मी सागर ने बाद में महाबीर दल आई हॉस्पिटल ट्रस्ट का गठन किया और सोसायटी की संपत्ति को ट्रस्ट की संपत्ति बताकर रोटरी अंबाला कैंसर अस्पताल के पक्ष में 18 जनवरी, 2016 को एक लीज निष्पादित कर दी।
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