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छावनी नागरिक अस्पताल में शुरू हुए पैंक्रियाज सिस्ट के ऑपरेशन, प्राइवेट में आता है करीब 1 लाख तक खर्च
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अंबाला। छावनी के नागरिक अस्पताल में पैंक्रियाज के निशुल्क ऑपरेशन होने शुरू हो गए हैं। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है। इसका पहला सफल सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी ऑपरेशन यमुनानगर निवासी 42 वर्षीय हंसराज का गेस्टोसर्जन डॉ. जितेंद्र चौहान ने किया।
अंबाला और आसपास के शहरों से आने वाले मरीजों को पहले दर्द उठने पर महज उल्टी व पेट दर्द की गोली दी जाती थी। ज्यादा दर्द उठने पर रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया जाता था। ऐसे में कोई मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाता था तो वहां करीब एक से डेढ़ लाख रुपए तक का खर्च उठाना पड़ता था। अब अस्पताल में पैंक्रियाज से जुड़े सभी ऑपरेशन हो सकेंगे। इनमें सभी प्रकार की गांठ, उसकी चोट व नलकी में पथरी आदि शामिल हैं। इसका पहला सफल सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी ऑपरेशन यमुनानगर निवासी 42 वर्षीय हंसराज का गेस्टोसर्जन डॉ. जितेंद्र चौहान ने किया। सर्जन डॉ. अभिषेक, बेहोशी की डॉक्टर रुचि, नर्स रीना दो घंटे चले ऑपरेशन में शामिल रहे। मरीज डॉक्टरों की निगरानी में है और बिलकुल स्वस्थ है।
छह माह से पेट दर्द की समस्या से परेशान था मरीज
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मरीज हंसराज पिछले छह महीने से पेट दर्द की समस्या से परेशान था। पेट फूलता जा रहा था। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ललित द्वारा अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन के बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। शरीर में पैंक्रियाज जो पाचन तंत्र का अहम भाग होता है। इस ऑपरेशन में एक छेद के माध्यम पेट के रास्ते से मवाद बाहर निकाला गया। पीएमओ डॉ. राकेश सहल ने बताया कि गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अस्पताल में आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने के बाद ही ऑपरेशन संभव हुआ। मंगलवार व वीरवार को ओपीडी में मरीज अपना चैकअप करवा सकेंगे।
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क्या होता है अग्नाशयशोथ यानी पैंक्रियाज
अग्नाशयशोथ अग्नाशय में होने वाली सूजन है। इसे इंगलिश में पैंक्रियाज में सूजन या पैंक्रियाटाइटिस कहते हैं। अग्न्याशय पेट की बड़ी ग्रंथि होती हैं। जो छोटी आंत के ऊपरी हिस्से की बगल में पाई जाती है। अग्नाशय पाचन में सहायक होने वाले एंजाइम बनाता है। रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने वाला इंसुलिन हार्मोन भी अग्नाशय द्वारा निर्मित होता है। इसलिए अग्नाशयशोथ के रोगियों में कभी-कभी उच्च रक्त शर्करा का स्तर होता है। यह दो प्रकार के होते हैं- एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस और क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस।
यह होते हैं कारण पैंक्रियाटाइटिस का कारण
शराब व पित्त पथरी का होना होता है। पित्त पथरी पित्त नली में खिसककर अग्नाशय वाहिनी को अवरुद्ध कर सकती है। वायरल संक्रमण, दवाएं भी तीव्र अग्नाशयशोथ का कारण बनती हैं। इसलिए गॉल ब्लैडर स्टोन को भी नजरअंदाज न करें। घर में पहले भी कोई इस समस्या से पीड़ित रहा है तब भी यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा इंम्युनिटी का कमजोर होना, पेट में घाव और सर्जरी, हाई कोलेस्ट्रॉल इस समस्या का कारण बन सकते हैं। जिसे पित्त की पथरी, पेट में तेज दर्द, पीलिया या पेट में सूजन है, उसे तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लक्षण
- जी मचलाना और उल्टी
- पेट-पीठ में दर्द
- खाने के बाद दर्द बढ़ना
- पेट, फेफड़े में द्रव जमा होने से सांस में कठिनाई
- शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द
- पेट में सूजन और नरम होना
- बुखार, कमजोरी और सुस्ती
- वजन कम होना
- पीलिया का रोगी होना
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अंबाला और आसपास के शहरों से आने वाले मरीजों को पहले दर्द उठने पर महज उल्टी व पेट दर्द की गोली दी जाती थी। ज्यादा दर्द उठने पर रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया जाता था। ऐसे में कोई मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाता था तो वहां करीब एक से डेढ़ लाख रुपए तक का खर्च उठाना पड़ता था। अब अस्पताल में पैंक्रियाज से जुड़े सभी ऑपरेशन हो सकेंगे। इनमें सभी प्रकार की गांठ, उसकी चोट व नलकी में पथरी आदि शामिल हैं। इसका पहला सफल सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी ऑपरेशन यमुनानगर निवासी 42 वर्षीय हंसराज का गेस्टोसर्जन डॉ. जितेंद्र चौहान ने किया। सर्जन डॉ. अभिषेक, बेहोशी की डॉक्टर रुचि, नर्स रीना दो घंटे चले ऑपरेशन में शामिल रहे। मरीज डॉक्टरों की निगरानी में है और बिलकुल स्वस्थ है।
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छह माह से पेट दर्द की समस्या से परेशान था मरीज
डॉ. जितेंद्र ने बताया कि मरीज हंसराज पिछले छह महीने से पेट दर्द की समस्या से परेशान था। पेट फूलता जा रहा था। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ललित द्वारा अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन के बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। शरीर में पैंक्रियाज जो पाचन तंत्र का अहम भाग होता है। इस ऑपरेशन में एक छेद के माध्यम पेट के रास्ते से मवाद बाहर निकाला गया। पीएमओ डॉ. राकेश सहल ने बताया कि गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अस्पताल में आधुनिक उपकरण उपलब्ध होने के बाद ही ऑपरेशन संभव हुआ। मंगलवार व वीरवार को ओपीडी में मरीज अपना चैकअप करवा सकेंगे।
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क्या होता है अग्नाशयशोथ यानी पैंक्रियाज
अग्नाशयशोथ अग्नाशय में होने वाली सूजन है। इसे इंगलिश में पैंक्रियाज में सूजन या पैंक्रियाटाइटिस कहते हैं। अग्न्याशय पेट की बड़ी ग्रंथि होती हैं। जो छोटी आंत के ऊपरी हिस्से की बगल में पाई जाती है। अग्नाशय पाचन में सहायक होने वाले एंजाइम बनाता है। रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने वाला इंसुलिन हार्मोन भी अग्नाशय द्वारा निर्मित होता है। इसलिए अग्नाशयशोथ के रोगियों में कभी-कभी उच्च रक्त शर्करा का स्तर होता है। यह दो प्रकार के होते हैं- एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस और क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस।
यह होते हैं कारण पैंक्रियाटाइटिस का कारण
शराब व पित्त पथरी का होना होता है। पित्त पथरी पित्त नली में खिसककर अग्नाशय वाहिनी को अवरुद्ध कर सकती है। वायरल संक्रमण, दवाएं भी तीव्र अग्नाशयशोथ का कारण बनती हैं। इसलिए गॉल ब्लैडर स्टोन को भी नजरअंदाज न करें। घर में पहले भी कोई इस समस्या से पीड़ित रहा है तब भी यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा इंम्युनिटी का कमजोर होना, पेट में घाव और सर्जरी, हाई कोलेस्ट्रॉल इस समस्या का कारण बन सकते हैं। जिसे पित्त की पथरी, पेट में तेज दर्द, पीलिया या पेट में सूजन है, उसे तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लक्षण
- जी मचलाना और उल्टी
- पेट-पीठ में दर्द
- खाने के बाद दर्द बढ़ना
- पेट, फेफड़े में द्रव जमा होने से सांस में कठिनाई
- शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द
- पेट में सूजन और नरम होना
- बुखार, कमजोरी और सुस्ती
- वजन कम होना
- पीलिया का रोगी होना