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Ambala News: पंचायत से बना निकाय, फिर भी पानी निकासी की समस्या बरकरार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:35 AM IST
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Panchayat formed the body, yet the problem of water drainage persists
बराड़ा। मुलाना विधानसभा क्षेत्र में आने वाले बराड़ा कस्बे की समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। पहले बराड़ा केवल गांव होता था और यहां ग्राम पंचायत ही राजकाज देखती थी। धीरे-धीरे इस क्षेत्र का विस्तार होता चला गया और पंचायत का दर्जा खत्म कर बराड़ा को नगरपालिका का दर्जा दे दिया गया। इसके बाद भी यहां की सबसे बड़ी पानी की निकासी की समस्या का समाधान अभी तक नहीं किया गया है। यहां पर थोड़ी सी बारिश से नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं और गंदा पानी सड़कों और गलियों में भर जाता है। जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती है।
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स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने बताया कि पानी निकासी की समस्या का सात साल में भी समाधान नहीं हुआ है। बराड़ा में नगर पालिका बन तो गई, लेकिन लोगों की आवश्यकता के मुताबिक यहां विकास कार्य नहीं कराये गए। क्षेत्र की पानी निकासी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। कॉलोनियों के गंदे पानी को निकालने के लिए नाले तो बने लेकिन वह भी कुछ दूरी पर जाकर बंद कर दिए गए हैं क्योंकि इन नालों को शहर से बाहर नहीं निकाला गया है। बराड़ा शहर में कई कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से सुविधाओं के नाम पर उनसे टैक्स तो वसूला जाता है, लेकिन सुविधाएं मुहैया नहीं कराईं जाती हैं।।
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सड़कों की हालत खस्ता

बराड़ा में सड़कों की हालत भी काफी खस्ता है। दोसड़का से बराड़ा में जब प्रवेश करते समय टूटी सड़क लोगों का स्वागत करती है। हालांकि यह मुख्य मार्ग है, जहां से प्रशासनिक अधिकारी, नेता व अन्य लोग रोजाना गुजरते हैं। लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं देता। बारिश से सड़क पर बड़े गड्ढों बन गए हैं जिससे वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। बस स्टैंड के सामने तक यह रोड काफी दयनीय हालत में है। इसके अलावा क्वालिटी चौक से सरकारी स्कूल होते हुए बाजार में आने वाली सड़क भी काफी उबड़-खाबड़ है। बराड़ा के दर्जनों गांवों के लोग क्षेत्र में कोई औद्योगिक जोन ना होने से जहां रोजगार के लिए धक्के खा रहे हैं, वहीं क्षेत्र में बड़ा सरकारी शिक्षण संस्थान होने से शिक्षा ग्रहण करने के लिए काफी दूर का सफर करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की जो मांगें वर्षों पहले थी, वह आज भी ज्यों की त्यों हैं।
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विकास के लिए आया पैसा लौटाया : सतप्रकाश बिंजलपुर
पिछले विधानसभा कार्यकाल में मुलाना विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपये आए लेकिन इस पैसे को विकास के लिए खर्च नहीं किया गया और यह धनराशि वापस भेज दी गई। इस धनराशि को क्षेत्र पर खर्च किया जाता तो क्षेत्र में विकास की गति तेज होती।- सतप्रकाश बिंजलपुर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा लाभार्थी योजना


कांग्रेस की सरकार बनने पर दूर होंगी समस्याएं : कर्ण राणा

बराड़ा क्षेत्र की सभी समस्याएं जल्द दूर की जाएंगी। यहां पहले भाजपा की सत्ता रही है। उन्होंने समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। पूर्व विधायक ने विधानसभा में क्षेत्र की समस्याएं उठाई, लेकिन उनका समाधान नहीं कराया गया -कर्ण राणा, वरिष्ठ नेता, कांग्रेस
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