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Ambala News: छेड़छाड के मामले में परिचालक बर्खास्त
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अंबाला। महिला यात्री की की ओर से रोडवेज चालक और परिचालक पर लगाए गए छेड़छाड के मामले में 11 महीने बाद विभाग ने परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया। जबकि चालकपर लगाए आरोपों की जांच चल रही है।
इस मामले में चालक ने महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया। इसके अलावा महाप्रबंधक अश्वनी डोगरा ने बताया कि कुछ दिन पहले परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं चालक की बर्खास्तगी प्रक्रिया में है। जनवरी में अंबाला डिपो की रोडवेज की बस दिल्ली से पटियाला जा रही थी। इस बस में शिकायतकर्ता महिला सवार थी। उसने परिचालक और चालक के खिलाफ छेड़खानी का आरोप लगाया। जैसे ही बस पंजाब की सीमा में पहुंची तो महिला ने शंभू थाना में दोनों के खिलाफ शिकायत देकर मामला दर्ज करवा दिया था।
उस दौरान पुलिस ने मौके पर ही परिचालक और चालक को काबू कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके कुछ दिनों बाद दोनों जमानत हो गई। फरवरी महीने में दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित कर दिया गया था।
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घटना के दो महीने बाद मई में चालक और परिचालक को बहाल भी कर दिया गया। मई में ही मुख्यालय ने इस मामले की जांच के लिए एचएसएस कृष्ण कुमार सांगवान को लगाया था। जिन्होंने जून महीने में अपनी रिपोर्ट पेश की। जांच के आधार पर अगस्त महीने में महाप्रबंधक अंबाला ने चालक परिचालक को नोटिस जारी कहा कि क्यों न दोनों को पदमुक्त करते हुए निलंबन की अवधि को पहले ही दिए जा चुके गुजारे भत्ते तक सीमित कर दिया जाए।
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इस मामले में चालक ने महिला के आरोपों को बेबुनियाद बताया। इसके अलावा महाप्रबंधक अश्वनी डोगरा ने बताया कि कुछ दिन पहले परिचालक को बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं चालक की बर्खास्तगी प्रक्रिया में है। जनवरी में अंबाला डिपो की रोडवेज की बस दिल्ली से पटियाला जा रही थी। इस बस में शिकायतकर्ता महिला सवार थी। उसने परिचालक और चालक के खिलाफ छेड़खानी का आरोप लगाया। जैसे ही बस पंजाब की सीमा में पहुंची तो महिला ने शंभू थाना में दोनों के खिलाफ शिकायत देकर मामला दर्ज करवा दिया था।
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उस दौरान पुलिस ने मौके पर ही परिचालक और चालक को काबू कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके कुछ दिनों बाद दोनों जमानत हो गई। फरवरी महीने में दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित कर दिया गया था।
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घटना के दो महीने बाद मई में चालक और परिचालक को बहाल भी कर दिया गया। मई में ही मुख्यालय ने इस मामले की जांच के लिए एचएसएस कृष्ण कुमार सांगवान को लगाया था। जिन्होंने जून महीने में अपनी रिपोर्ट पेश की। जांच के आधार पर अगस्त महीने में महाप्रबंधक अंबाला ने चालक परिचालक को नोटिस जारी कहा कि क्यों न दोनों को पदमुक्त करते हुए निलंबन की अवधि को पहले ही दिए जा चुके गुजारे भत्ते तक सीमित कर दिया जाए।