{"_id":"663181f1ac418bbba106f495","slug":"operation-of-trains-via-dhuri-jakhal-has-affected-the-parcels-they-are-not-getting-loaded-ambala-news-c-36-1-amb1001-122407-2024-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: धूरी-जाखल के रास्ते ट्रेनों के संचालन से पार्सल पर असर, नहीं हो रहे लोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: धूरी-जाखल के रास्ते ट्रेनों के संचालन से पार्सल पर असर, नहीं हो रहे लोड
विज्ञापन
अंबाला। किसान आंदोलन के चलते एक तरफ यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर पार्सल यातायात पर भी इसका असर दिखने लगा है, क्योंकि मुंबई सहित देश के अन्य हिस्सों में जाने वाली 40 लंबी दूरी की ट्रेनें अंबाला कैंट से नहीं, बल्कि धूरी-जाखल के दूसरे रास्ते से गंतव्य की तरफ संचालित हो रही हैं।
ऐसे में छावनी रेलवे स्टेशन से दूसरे राज्यों को जाने वाले पार्सल भी प्रभावित हो रहे हैं। इसका असर उन दोपहिया वाहनों पर भी नजर आने लगा है जोकि पिछले कुछ दिनों से अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर द्वितीय विश्राम गृह के बाहर खड़े हैं। इसमें से किसी पर 21 अप्रैल की बुकिंग तारीख लिखी हुई है तो किसी पर 27 और 28 अप्रैल आदि। रखरखाव के अभाव में भी पार्सलों की दुर्दशा होने लगी है।
ऐसी एक सामान से भरी हुई बोरी प्लेटफार्म 1 पर लगे वाटर कूलर के पास खुली पड़ी थी। ऐसे में दूसरे प्लेटफार्मों पर पड़े पार्सलों के साथ भी छेड़छाड़ की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता, हालांकि विभागीय कर्मचारी रोजाना इसकी अपने स्तर पर भी जांच भी रहे हैं। जबकि स्टेशन पर लगातार शरारती तत्व घूमते रहते हैं।
विज्ञापन
14वें दिन भी संचालन प्रभावित
अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर शंभू रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइनों पर 17 अप्रैल से किसानों ने आंदोलन शुरू किया था जोकि 30 अप्रैल को 14 वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के कारण लगभग 2500 ट्रेनें प्रभावित हो चुकी है। वहीं मंगलवार को भी 141 ट्रेनों पर इसका असर देखने को मिला। रेलवे ने जहां 67 ट्रेनों को पूर्ण रूप से रद्द कर दिया और 62 ट्रेनों को बदले मार्ग से एवं 12 ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके पुन: संचालित किया गया।
वर्जन
किसान आंदोलन के कारण मेल व एक्सप्रेस सहित मालगाड़ियों का संचालन भी प्रभावित हुए हैं। इस कारण पार्सल लोड करने में परेशानी हो रही है। जो भी ट्रेनें आ रही हैं, उनमें ही पार्सल लोड करके भेजा जा रहा है। वाहन पार्सल को लेकर भी पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है कि वाहन को नुकसान न हो वो सुरक्षित निर्धारित स्थल पर पहुंच जाए।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला।
विज्ञापन
ऐसे में छावनी रेलवे स्टेशन से दूसरे राज्यों को जाने वाले पार्सल भी प्रभावित हो रहे हैं। इसका असर उन दोपहिया वाहनों पर भी नजर आने लगा है जोकि पिछले कुछ दिनों से अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर द्वितीय विश्राम गृह के बाहर खड़े हैं। इसमें से किसी पर 21 अप्रैल की बुकिंग तारीख लिखी हुई है तो किसी पर 27 और 28 अप्रैल आदि। रखरखाव के अभाव में भी पार्सलों की दुर्दशा होने लगी है।
विज्ञापन
ऐसी एक सामान से भरी हुई बोरी प्लेटफार्म 1 पर लगे वाटर कूलर के पास खुली पड़ी थी। ऐसे में दूसरे प्लेटफार्मों पर पड़े पार्सलों के साथ भी छेड़छाड़ की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता, हालांकि विभागीय कर्मचारी रोजाना इसकी अपने स्तर पर भी जांच भी रहे हैं। जबकि स्टेशन पर लगातार शरारती तत्व घूमते रहते हैं।
विज्ञापन
14वें दिन भी संचालन प्रभावित
अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर शंभू रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे लाइनों पर 17 अप्रैल से किसानों ने आंदोलन शुरू किया था जोकि 30 अप्रैल को 14 वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के कारण लगभग 2500 ट्रेनें प्रभावित हो चुकी है। वहीं मंगलवार को भी 141 ट्रेनों पर इसका असर देखने को मिला। रेलवे ने जहां 67 ट्रेनों को पूर्ण रूप से रद्द कर दिया और 62 ट्रेनों को बदले मार्ग से एवं 12 ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके पुन: संचालित किया गया।
वर्जन
किसान आंदोलन के कारण मेल व एक्सप्रेस सहित मालगाड़ियों का संचालन भी प्रभावित हुए हैं। इस कारण पार्सल लोड करने में परेशानी हो रही है। जो भी ट्रेनें आ रही हैं, उनमें ही पार्सल लोड करके भेजा जा रहा है। वाहन पार्सल को लेकर भी पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है कि वाहन को नुकसान न हो वो सुरक्षित निर्धारित स्थल पर पहुंच जाए।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला।