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Ambala News: बाला सुंदरी मंदिर में नवरात्र की तैयारी शुरू
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मुलाना में माता बाला सुंदरी जी का भव्य मंदिर
मुलाना। हर साल अश्विन शुक्ल पक्ष में मां भगवती के पावन नवरात्रों पर लगने वाला प्रसिद्ध मेला मां भगवती माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना के प्रांगण में प्रथम पावन नवरात्रि 15 अक्तूबर से आरंभ होगा।
इसके लिए मंदिर कमेटी ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर पर भव्य सजावट की गई है। इस मंदिर की मान्यता केवल हरियाणा में ही नहीं, बल्कि दूरदराज के राज्यों तक हैं। यहां उत्तर प्रदेश, पंजाब, उतराखंड़, हिमाचल, दिल्ली व अन्य जगहों से लोग मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। मंदिर कमेटी के सचिव अशोक राणा ने बताया कि इस बार नवरात्र मेला 15 अक्तूबर से आरंभ होकर 27 अक्तूबर चौदस तक जारी रहेगा।
इस दौरान 21 अक्तूबर को सप्तमी वाले दिन मंदिर प्रांगण में हर साल की तरह हवन होगा। मेले में श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाओं का इंतजाम किया गया हैं। श्रद्धालओं के लिए निशुल्क कमरे उपलब्ध किए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी सहित अन्य सुविधाओं की तैयारी भी पूर्ण की जा चुकी है।
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वर्षों पुराना है मुलाना माता मंदिर का इतिहास
राजस्थानी भाटों के अनुसार माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना में सन 1426 में माता की पिंडी स्थापित की गई थी। माता ने सन 1425 में मुलाना के सोराज सिंह को सपने में कन्या रूप में दर्शन देकर मुलाना में मंदिर बनाने को कहा। सोराज सिंह ने 1426 में माता बाला सुंदरी की पिंडी को मंदिर बनाकर स्थापित किया। तब से माता बाला सुंदरी की कृपा मुलाना और अंबालावासियों पर बरस रही हैं।
प्रचलित दंत कथा अनुसार
ग्रामीणों के अनुसार सैकड़ों वर्ष पहले मुलाना में महामारी फैल गई थी। इस कारण प्रतिदिन किसी न किसी की मौत होने लगी। लोगों ने सभी उपचार कराए परंतु कोई असर न हुआ और मौत का तांड़व उसी प्रकार जारी रहा। उसी दौरान मारकंडा नदी में एक चूड़ियां बेचने वाले को एक कन्या मिली,जिसने चूड़ियां बेचने वाले से चूड़ियां पहनने की जिद की। जब चूड़ियां पहनाने वाले ने उस कन्या की दोनों बाजुओं में चूड़ियां डाल दी तो कन्या ने तीसरी बाजू निकाल ली।
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इसके लिए मंदिर कमेटी ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर पर भव्य सजावट की गई है। इस मंदिर की मान्यता केवल हरियाणा में ही नहीं, बल्कि दूरदराज के राज्यों तक हैं। यहां उत्तर प्रदेश, पंजाब, उतराखंड़, हिमाचल, दिल्ली व अन्य जगहों से लोग मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। मंदिर कमेटी के सचिव अशोक राणा ने बताया कि इस बार नवरात्र मेला 15 अक्तूबर से आरंभ होकर 27 अक्तूबर चौदस तक जारी रहेगा।
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इस दौरान 21 अक्तूबर को सप्तमी वाले दिन मंदिर प्रांगण में हर साल की तरह हवन होगा। मेले में श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाओं का इंतजाम किया गया हैं। श्रद्धालओं के लिए निशुल्क कमरे उपलब्ध किए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी सहित अन्य सुविधाओं की तैयारी भी पूर्ण की जा चुकी है।
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वर्षों पुराना है मुलाना माता मंदिर का इतिहास
राजस्थानी भाटों के अनुसार माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना में सन 1426 में माता की पिंडी स्थापित की गई थी। माता ने सन 1425 में मुलाना के सोराज सिंह को सपने में कन्या रूप में दर्शन देकर मुलाना में मंदिर बनाने को कहा। सोराज सिंह ने 1426 में माता बाला सुंदरी की पिंडी को मंदिर बनाकर स्थापित किया। तब से माता बाला सुंदरी की कृपा मुलाना और अंबालावासियों पर बरस रही हैं।
प्रचलित दंत कथा अनुसार
ग्रामीणों के अनुसार सैकड़ों वर्ष पहले मुलाना में महामारी फैल गई थी। इस कारण प्रतिदिन किसी न किसी की मौत होने लगी। लोगों ने सभी उपचार कराए परंतु कोई असर न हुआ और मौत का तांड़व उसी प्रकार जारी रहा। उसी दौरान मारकंडा नदी में एक चूड़ियां बेचने वाले को एक कन्या मिली,जिसने चूड़ियां बेचने वाले से चूड़ियां पहनने की जिद की। जब चूड़ियां पहनाने वाले ने उस कन्या की दोनों बाजुओं में चूड़ियां डाल दी तो कन्या ने तीसरी बाजू निकाल ली।