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Ambala News: सीट से ज्यादा आवेदन, विषय संयोजन रहेगा अहम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 01:15 AM IST
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More applications than seats, subject combination will be important
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रविंद्र दुबला। संवाद
अंबाला सिटी। राजकीय, एडेड और सेल्फ फाइनांस कॉलेजों में दाखिला के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। कॉलेजों में कई कोर्सेज में सीट से ज्यादा आवेदन पहुंचने शुरू हो गए हैं।
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खास तौर पर प्रोफेशनल कोर्स बीबीए, बीएससी, बीसीए जैसे कोर्स में दाखिले के लिए मारामारी रहती है। कॉलेजों में यह भी देखने में आता है कि अभ्यर्थी विषय संयोजन कम भरते हैं।
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इस वजह से ज्यादा अंक होने पर भी कई कोर्स में दाखिला नहीं होता, जबकि कम अंक वालों का उन कोर्स में दाखिला हो जाता है। ऐसे में अभ्यथियों को ज्यादा विषय संयोजन (सब्जेक्ट कांबिनेशन) भरने चाहिए। इससे कम अंक होने पर भी दाखिला मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।
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बीए के लिए भरा जाएगा विषय संयोजन

असल में कॉलेजों में बीए कोर्स में दाखिला लेने के लिए विषय संयोजन भरना होता है। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुसार अभ्यर्थियों को हिंदी व अंग्रेजी विषयों सहित कोई भी तीन मुख्य विषयों के विकल्प पोर्टल पर भरना होता है। यह विकल्प कितने भी भरे जा सकते हैं।
इसके लिए कोई सीमा नहीं है, मगर अभ्यर्थी विषयों के कम ही विकल्प भरते हैं, जिससे उनके मेरिट सूची में आने की उम्मीद कम रहती है, जबकि ज्यादा विकल्प भरने वाले अभ्यर्थी का दाखिला होने की संभावना ज्यादा रहती है।

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रविंद्र दुबला ने बताया कि जून तक अभ्यर्थी अपने भरे गए फॉर्म में अपने मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त कर संशोधन कर सकते हैं। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार विद्यार्थी 4 वर्षीय ऑनर्स कोर्स का भी विकल्प चुन सकते हैं।

अभ्यर्थियों को पोर्टल पर सिर्फ परंपरागत कोर्स चुनने की बजाय विभिन्न विषयों में 4 वर्षीय ऑनर्स कोर्स का विकल्प भी चुनना चाहिए। अगर अभ्यर्थी एक ही कोर्स का विकल्प चुनता है तो उस एक ही कोर्स में सीट भरने पर दाखिले मिलने की उम्मीद कम रहती है, जबकि ज्यादा कोर्स का चयन करने पर दाखिले की संभावना बढ़ जाती है।
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