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Ambala News: कूड़ा बीनने वाल बच्चों के साथ हो रही अन्याय, कोई नहीं कर रहा मदद

Tue, 14 May 2024 03:36 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2024 03:36 AM IST
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Injustice is being done to the children who collect garbage, no one is helping them.
शहजादपुर। गरीबी रेखा से नीच जीवन यापन करने वालों लोगों के साथ साथ उनके बच्चों के लिए भी सरकारें कई प्रयास कर रहीं हैं। मगर शहजादपुर में यह प्रकार दिखाई नहीं देते हैं। शहजादपुर में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां पर बच्चे कूड़ा बीनते हुए दिखाई दे जाते हैं। इनके लिए न तो कोई योजना है और न ही इन्हें संबंधित योजनाओं की जानकारी देने वाला है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के बच्चों के लिए सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा के साथ साथ ऐसे बच्चों को पढ़ने के लिए फंड,मुफ्त किताबें,वर्दी यहां तक कि मिड डे मील भी सरकार उपलब्ध करवा रही है। मगर यह बच्चे इन स्कूलों तक जा ही नहीं रहे हैं। स्थानीय निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि कूड़ा बीनने वाले बच्चों के इन हालातों के लिए सबसे ज्यादा ऐसे बच्चों के परिजन जिम्मेदार हैं। परिजनों को अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर उनका भविष्य उज्ज्वल करना चाहिए। मगर स्थिति अलग ही दिखाई देती है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा ने बताया कि इस तरह के बच्चों को लेकर कार्रवाई जिला टास्क फोर्स के आदेश पर की जाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह कूड़ा बीनने वाले बच्चों को यह काम करने के लिए उनके माता पिता की सहमति होती है। विभाग द्वारा समय समय पर कैम्प लगाकर ऐसे बच्चों और उनके परिजनों को समझाया जाता है। यह भी बताया जाता है कि सरकार द्वारा ऐसे बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ साथ अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
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