{"_id":"67f6caf8f5ff8b6d52093a40","slug":"homeopathy-opd-increased-by-50-percent-after-corona-ambala-news-c-36-1-ame1006-140595-2025-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: कोरोना के बाद से 50 प्रतिशत बढ़ी होम्योपैथी ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: कोरोना के बाद से 50 प्रतिशत बढ़ी होम्योपैथी ओपीडी
विज्ञापन
अंबाला सिटी। इन दिनों एलोपैथी की बजाय होम्योपैथी पद्धति की ओर मरीजों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते पांच वर्षों में होम्योपैथी विभाग की ओपीडी 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। जहां कोरोना से पहले जिले की होम्योपैथी डिस्पेंसरी में करीब 800 मरीज रोजाना अपना उपचार करवाने के लिए आ रहे थे। तो वहीं अब यह मरीज बढ़कर 1200 हो गए हैं। कोरोना के समय लोगों में होम्योपैथिक का रुझान अधिक बढ़ गया था। इसी कारण मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है।
जिले के आठ केंद्रों में होता है उपचार
वर्तमान में जिले के पास आठ केंद्र हैं जिनमें होम्योपैथिक डिस्पेंसरी उपलब्ध है। यहां पर एक-एक चिकित्सक तैनात हैं। जबकि अंबाला सिटी व अंबाला कैंट के जिला अस्पताल पर दो दिन की ही ओपीडी लग रही है। दो दिन की ओपीडी लगने का प्रमुख चिकित्सकों की कमी है। विभाग द्वारा रामपुर सरसेहड़ी में एक होम्योपैथिक अस्पताल भी चलाया जा रहा है। जिसमें रोजाना 70 से 80 मरीज रोजाना अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। इन दिनों होम्योपैथिक विभाग के पास पथरी, पुराना पेट दर्द, घुटनों का दर्द, छीकें आना सहित अन्य बीमारियों के मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जल्द शुरू होगा होम्योपैथिक कॉलेज
एचएमओ डॉ़ राजकुमार ने बताया कि रामपुर में चल रहे होम्योपैथिक अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही कॉलेज बनाया जाएगा। जिसके लिए अस्पताल को दो वर्ष तक चलाना होगा। इससे स्थानीय युवाओं को होम्योपैथिक की पढ़ाई करने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल इस अस्पताल के करीब डेढ़ वर्ष पूरे हो गए हैं। इस कॉलेज को चांदपुर में अलग से बनाया जाएगा। जल्द ही कर्मचारियों व अधिकारियों की भी भर्ती पूरी की जाएगी। इस अस्पताल में 25 बेड की व्यवस्था है। फिलहाल इसमें मरीजों को डे केयर में ही रखा जा रहा है। जल्द ही अस्पताल में मरीजों को रात के समय भी भर्ती करने की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
वर्जन
हमारी ओर से मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास रहता है। जिन केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी है। वहां पर दूसरे केंद्रों के चिकित्सकों को लगाया जाता है। हमारी ओर से लोगों को अपनी जीवन शैली सुधारने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।-- - डॉ शशिकांत शर्मा, जिला आयुष अधिकारी अंबाला।
विज्ञापन
जिले के आठ केंद्रों में होता है उपचार
वर्तमान में जिले के पास आठ केंद्र हैं जिनमें होम्योपैथिक डिस्पेंसरी उपलब्ध है। यहां पर एक-एक चिकित्सक तैनात हैं। जबकि अंबाला सिटी व अंबाला कैंट के जिला अस्पताल पर दो दिन की ही ओपीडी लग रही है। दो दिन की ओपीडी लगने का प्रमुख चिकित्सकों की कमी है। विभाग द्वारा रामपुर सरसेहड़ी में एक होम्योपैथिक अस्पताल भी चलाया जा रहा है। जिसमें रोजाना 70 से 80 मरीज रोजाना अपना उपचार करवाने के लिए आते हैं। इन दिनों होम्योपैथिक विभाग के पास पथरी, पुराना पेट दर्द, घुटनों का दर्द, छीकें आना सहित अन्य बीमारियों के मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
जल्द शुरू होगा होम्योपैथिक कॉलेज
एचएमओ डॉ़ राजकुमार ने बताया कि रामपुर में चल रहे होम्योपैथिक अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जल्द ही कॉलेज बनाया जाएगा। जिसके लिए अस्पताल को दो वर्ष तक चलाना होगा। इससे स्थानीय युवाओं को होम्योपैथिक की पढ़ाई करने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल इस अस्पताल के करीब डेढ़ वर्ष पूरे हो गए हैं। इस कॉलेज को चांदपुर में अलग से बनाया जाएगा। जल्द ही कर्मचारियों व अधिकारियों की भी भर्ती पूरी की जाएगी। इस अस्पताल में 25 बेड की व्यवस्था है। फिलहाल इसमें मरीजों को डे केयर में ही रखा जा रहा है। जल्द ही अस्पताल में मरीजों को रात के समय भी भर्ती करने की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
वर्जन
हमारी ओर से मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास रहता है। जिन केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी है। वहां पर दूसरे केंद्रों के चिकित्सकों को लगाया जाता है। हमारी ओर से लोगों को अपनी जीवन शैली सुधारने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।