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घसीटपुर की हरिजन बस्ती... यहां विकास गलियों में बह रहा है
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अंबाला छावनी के गांव घसीटपुर में गुग्गा माडी के पास सड़क पर जमा पानी।
- फोटो : Ambala
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संदीप कुमार
अंबाला। साहब यहां भी इंसान ही बसते हैं, कुछ कराओ, बहुत बुरा हाल है। यह दुखड़ा है छावनी क्षेत्र में घसीटपुर स्थित हरिजन बस्ती के लोगों का। उनके मुताबिक वे यहां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हरिजन बस्ती की तीन गलियों समेत करीब पचास घर हैं। गांव में छह साल पहले इंटरलॉकिंग टाइल द्वारा सड़क का निर्माण किया गया था। निर्माण के दौरान ही लोगों के घरों के आगे नालियां में अंडरग्राउंड कर पाइप डाले गए थे जोकि पिछले काफी समय से बंद पड़े हैं।
लोगों का आरोप है कि सड़कें ऊंची बनाए जाने के कारण हरिजन बस्ती के करीब पचास घरों में पानी निकासी ठप पड़ी है। गलियों में हर समय पानी जमा रहता है। लोगों ने घरों में जाने के लिए गलियों में पत्थर रखे हुए हैं। वहीं श्री जाहरवीर गोगा माढ़ी के पास की मुख्य सड़क पूरी तरह से जलमग्न है। स्थानीय लोगों ने पार्षद स्वर्ण कौर को भी इस समस्या के बारे में कई बार अगवत करवाया, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। साथ ही वह कई बार मंत्री अनिल विज के पास शिकायत लेकर गए। वहां उनकी शिकायत को नगर परिषद के पास भेज दिया गया। इसके बाद नगर परिषद से कर्मचारी पानी की मोटर लेकर आए और पानी निकालकर चले गए, लेकिन उनकी समस्या नाली व सड़क का ऊंचा-नीचा होना है। इसका स्थायी हल नहीं किया गया। संवाद
पूजा ने बताया कि उसका कच्चा घर है। हर समय उसके घर में जमीन के नीचे से पानी निकलता रहता है। वह रोजाना बर्तन से पानी निकालकर बाहर फेंकती है। पानी के कारण उसके घर में दरारें भी आ चुकी हैं।
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ओमप्रकाश ने बताया कि वह अपने समुदाय के प्रधान है। इस नाते लोग उन्हें अक्सर इस समस्या को लेकर आते हैं। उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज को कई बार समस्या के बारे में अवगत कराया, लेकिन हल नहीं निकला।
प्रीता राम ने बताया कि गली में दो फीट तक पानी जमा रहता है। इस स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का आवागमन मुश्किल हो जाता है। यहां भी इंसान बसते हैं। मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।
कमलेश ने बताया कि उनके घर पर जब भी रिश्तेदार आते हैं तो गली के बाहर से ही जूते और चप्पल उतारकर पानी के बीच से नंगे पैर घर में आते हैं। इस कारण उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
बलविंद्र कौर का कहना है कि गली में जमा पानी में कई बार सांप निकल चुके हैं। इस कारण हर समय डर लगा रहता है। बच्चें बाहर खेल नहीं पाते। स्कूल जाते समय बच्चों के जूते और वर्दी गंदी हो जाती है।
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अंबाला। साहब यहां भी इंसान ही बसते हैं, कुछ कराओ, बहुत बुरा हाल है। यह दुखड़ा है छावनी क्षेत्र में घसीटपुर स्थित हरिजन बस्ती के लोगों का। उनके मुताबिक वे यहां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हरिजन बस्ती की तीन गलियों समेत करीब पचास घर हैं। गांव में छह साल पहले इंटरलॉकिंग टाइल द्वारा सड़क का निर्माण किया गया था। निर्माण के दौरान ही लोगों के घरों के आगे नालियां में अंडरग्राउंड कर पाइप डाले गए थे जोकि पिछले काफी समय से बंद पड़े हैं।
लोगों का आरोप है कि सड़कें ऊंची बनाए जाने के कारण हरिजन बस्ती के करीब पचास घरों में पानी निकासी ठप पड़ी है। गलियों में हर समय पानी जमा रहता है। लोगों ने घरों में जाने के लिए गलियों में पत्थर रखे हुए हैं। वहीं श्री जाहरवीर गोगा माढ़ी के पास की मुख्य सड़क पूरी तरह से जलमग्न है। स्थानीय लोगों ने पार्षद स्वर्ण कौर को भी इस समस्या के बारे में कई बार अगवत करवाया, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। साथ ही वह कई बार मंत्री अनिल विज के पास शिकायत लेकर गए। वहां उनकी शिकायत को नगर परिषद के पास भेज दिया गया। इसके बाद नगर परिषद से कर्मचारी पानी की मोटर लेकर आए और पानी निकालकर चले गए, लेकिन उनकी समस्या नाली व सड़क का ऊंचा-नीचा होना है। इसका स्थायी हल नहीं किया गया। संवाद
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पूजा ने बताया कि उसका कच्चा घर है। हर समय उसके घर में जमीन के नीचे से पानी निकलता रहता है। वह रोजाना बर्तन से पानी निकालकर बाहर फेंकती है। पानी के कारण उसके घर में दरारें भी आ चुकी हैं।
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ओमप्रकाश ने बताया कि वह अपने समुदाय के प्रधान है। इस नाते लोग उन्हें अक्सर इस समस्या को लेकर आते हैं। उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज को कई बार समस्या के बारे में अवगत कराया, लेकिन हल नहीं निकला।
प्रीता राम ने बताया कि गली में दो फीट तक पानी जमा रहता है। इस स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का आवागमन मुश्किल हो जाता है। यहां भी इंसान बसते हैं। मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।
कमलेश ने बताया कि उनके घर पर जब भी रिश्तेदार आते हैं तो गली के बाहर से ही जूते और चप्पल उतारकर पानी के बीच से नंगे पैर घर में आते हैं। इस कारण उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
बलविंद्र कौर का कहना है कि गली में जमा पानी में कई बार सांप निकल चुके हैं। इस कारण हर समय डर लगा रहता है। बच्चें बाहर खेल नहीं पाते। स्कूल जाते समय बच्चों के जूते और वर्दी गंदी हो जाती है।

अंबाला छावनी के गांव घसीटपुर में सड़क पर जमा पानी से कुछ इस तरह से गुजरते लोग।- फोटो : Ambala

गांव घसीटपुर में घर में जमा पानी को निकालती पूजा।- फोटो : Ambala