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Ambala News: ग्रामीण क्षेत्रों में बनेंगी पांच आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, हजारों को मिलेगा लाभ
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संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी। आयुर्वेदिक उपचार की ओर बढ़ते रुझान के चलते विभाग ने अंबाला के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनाने का निर्णय लिया है। बीते सप्ताह ही विभाग की ओर से पांच जगहों के लिए डिस्पेंसरी बनवाने की मांग भेजी गई है। जिससे लोगों को उपचार के लिए दूर तक नहीं जाना पड़ेगा। डिस्पेंसरी के लिए अलग से आयुर्वेदिक चिकित्सक भी नियुक्त किए जांएगे। इसके साथ ही अन्य स्टाफ को भी नियुक्त किया जाएगा। जिला अंबाला में रोजाना 800 से एक मरीज अपना उपचार करवाने के लिए विभिन्न आयुर्वेदिक केंद्रों में आते है।
यहां पर बनेगी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी
अंबाला के गांव डेरा, तंदवाल, संभालखा, दुखेड़ी, जटवाड़ के लिए मांग भेजी गई है। एक डिस्पेंसरी के लिए 25 लाख का बजट बनाया गया है। लोगों द्वारा मांग के बाद ही डिस्पेंसरी बनाई जाती है।ग्रामीण क्षेत्रों में छह किलोमीटर के दायरे में पांच हजार की जनसंख्या के लिए एक आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनाई जाती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना आने वाले मरीजों के आधार पर भी डिस्पेंसरी बनाई जाती है।
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13 चिकित्सक आएंगे
पांच डिस्पेंसरी के लिए विभाग 13 आयुर्वेदिक चिकित्सक नियुक्त करेगा। इसके साथ ही अन्य कर्मचारियों को भी नियुक्त किया जाएगा। एक डिस्पेंसरी पर एक चिकित्सक व चार अन्य स्टाफ होते है। विभाग को डिस्पेंसरी बनने के लिए 2017 की पॉलिसी के नियमानुसार ही काम करना पड़ता है।फिलहाल विभाग के पास पीएचसी और सीएचसी में भी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी चल रही हैं। इसके लिए अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 25 डिस्पेंसरी हैं।
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विभाग की ओर से मांग के आधार पर डिस्पेंसरी के आवेदन भेजा जाता है। जिन क्षेत्रों में आयुष पॉलिसी के नियम व शर्तें पूरी होती हैं। वहां पर ही डिस्पेंसरी निर्माण के लिए मंजूरी मिलती। हमारी ओर से फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों लिए पांच डिस्पेंसरी की मांग कि गई है।
-- -- -- डॉ शशिकांत, जिला आयुर्वेद अधिकारी, अंबाला
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यहां पर बनेगी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी
अंबाला के गांव डेरा, तंदवाल, संभालखा, दुखेड़ी, जटवाड़ के लिए मांग भेजी गई है। एक डिस्पेंसरी के लिए 25 लाख का बजट बनाया गया है। लोगों द्वारा मांग के बाद ही डिस्पेंसरी बनाई जाती है।ग्रामीण क्षेत्रों में छह किलोमीटर के दायरे में पांच हजार की जनसंख्या के लिए एक आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनाई जाती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना आने वाले मरीजों के आधार पर भी डिस्पेंसरी बनाई जाती है।
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13 चिकित्सक आएंगे
पांच डिस्पेंसरी के लिए विभाग 13 आयुर्वेदिक चिकित्सक नियुक्त करेगा। इसके साथ ही अन्य कर्मचारियों को भी नियुक्त किया जाएगा। एक डिस्पेंसरी पर एक चिकित्सक व चार अन्य स्टाफ होते है। विभाग को डिस्पेंसरी बनने के लिए 2017 की पॉलिसी के नियमानुसार ही काम करना पड़ता है।फिलहाल विभाग के पास पीएचसी और सीएचसी में भी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी चल रही हैं। इसके लिए अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 25 डिस्पेंसरी हैं।
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विभाग की ओर से मांग के आधार पर डिस्पेंसरी के आवेदन भेजा जाता है। जिन क्षेत्रों में आयुष पॉलिसी के नियम व शर्तें पूरी होती हैं। वहां पर ही डिस्पेंसरी निर्माण के लिए मंजूरी मिलती। हमारी ओर से फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों लिए पांच डिस्पेंसरी की मांग कि गई है।