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Ambala News: किसान की बेटी सिमरन ने पहले ही प्रयास में पास की एचसीएस परीक्षा, हासिल किया 17वां स्थान
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सिमरन चयन होने के बाद परिवार के साथ खुशी मनाते हुए। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। बराड़ा क्षेत्र के गांव सेहला की रहने वाली किसान परिवार की बेटी सिमरन ने हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। सिमरन ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 17वां स्थान प्राप्त किया और कुल 675 में से 374.70 अंक हासिल किए। परिणाम घोषित होते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
सिमरन के पिता बलजीत सिंह किसान हैं, जबकि माता मोहिंदरजीत कौर गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई मानसिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे रहा है। सिमरन ने प्रारंभिक शिक्षा बराड़ा के डीएवी स्कूल से की। इसके बाद गांव के नजदीकी सरकारी स्कूल से 11वीं-12वीं की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने नीलोखेड़ी स्थित इंजीनियरिंग संस्थान से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।
सिमरन वर्ष 2021 से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं और अब तक चार प्रयास दे चुकी हैं। पिछले वर्ष वह यूपीएससी के साक्षात्कार तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और इसी दौरान पहली बार एचसीएस परीक्षा दी, जिसमें सफलता हासिल की।
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उन्होंने बताया कि एचसीएस के लिए उन्होंने अलग से तैयारी नहीं की थी। यूपीएससी की पढ़ाई ही परीक्षा में काम आई। हालांकि, हिंदी और हरियाणा सामान्य ज्ञान पर अतिरिक्त ध्यान दिया।
करीब 30 मिनट चले साक्षात्कार में करियर, हॉबी और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े सवाल पूछे गए। सिमरन ने बताया कि सही करियर काउंसलिंग न मिलने के कारण उन्हें भी दिक्कतें आईं। अब वह प्रशासनिक सेवा में जाकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर करियर मार्गदर्शन देने की दिशा में काम करना चाहती हैं।
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बराड़ा। बराड़ा क्षेत्र के गांव सेहला की रहने वाली किसान परिवार की बेटी सिमरन ने हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। सिमरन ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 17वां स्थान प्राप्त किया और कुल 675 में से 374.70 अंक हासिल किए। परिणाम घोषित होते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
सिमरन के पिता बलजीत सिंह किसान हैं, जबकि माता मोहिंदरजीत कौर गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई मानसिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे रहा है। सिमरन ने प्रारंभिक शिक्षा बराड़ा के डीएवी स्कूल से की। इसके बाद गांव के नजदीकी सरकारी स्कूल से 11वीं-12वीं की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने नीलोखेड़ी स्थित इंजीनियरिंग संस्थान से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया।
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सिमरन वर्ष 2021 से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं और अब तक चार प्रयास दे चुकी हैं। पिछले वर्ष वह यूपीएससी के साक्षात्कार तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और इसी दौरान पहली बार एचसीएस परीक्षा दी, जिसमें सफलता हासिल की।
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उन्होंने बताया कि एचसीएस के लिए उन्होंने अलग से तैयारी नहीं की थी। यूपीएससी की पढ़ाई ही परीक्षा में काम आई। हालांकि, हिंदी और हरियाणा सामान्य ज्ञान पर अतिरिक्त ध्यान दिया।
करीब 30 मिनट चले साक्षात्कार में करियर, हॉबी और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े सवाल पूछे गए। सिमरन ने बताया कि सही करियर काउंसलिंग न मिलने के कारण उन्हें भी दिक्कतें आईं। अब वह प्रशासनिक सेवा में जाकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर करियर मार्गदर्शन देने की दिशा में काम करना चाहती हैं।