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Ambala News: संगत सेवा में जुटी गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गोबिंद नगर की कार्यकारिणी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2024 04:26 AM IST
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Executive Committee of Gurdwara Shri Guru Singh Sabha Gobind Nagar
बैठक के दौरान मौजूद गुरुद्वारा गोबिंद नगर की कार्यकारिणी। संवाद
अंबाला। एक छोटे से कमरे से हुई शुरुआत आज भव्यता में बदल गई है। छावनी के गोबिंद नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आने वाले संगत को बड़े ही साैहार्दपूर्ण और शांतमयी वातावरण में गुरु चरणों से जोड़ने का काम कर रही है। यहां हर समाज के लोग गुरु चरणों में माथा टेकते हैं।
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गोबिंद नगर कमेटी के प्रधान सुदर्शन सिंह सहगल बताते हैं कि वह पिछले लगभग 23 सालों से लगातार गुरु घर की प्रमुख सेवादार के तौर पर सेवा करते हैं। गुरु महाराज के आशीर्वाद और संगत के सहयोग से लगभग साढ़े चार करोड़ की लागत से गुरु घर को ऐसा बनाया है जोकि प्रत्येक सुविधा से सुसज्जित, साफ और स्वच्छ है।
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बिना किसी भेदभाव, रंग और जात-पात के सभी एक की लाइन में बैठकर गुरू का लंगर छकते हैं और गुरु महाराज का गुणगान करते हैं। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के उप प्रधान स. गुरप्रीत सिंह भल्ला और नवनीत सिंह बब्बर, सचिव प्रीतपाल सिंह, खजांची स. हरबंस सिंह, सह खजांची सुरिंदर सिंह,सरणपाल सिंह भाटिया, जतिंदर सिंह, दविंदर पाल सिंह सहगल, मनप्रीत सिंह और जीवनदीप सिंह सहगल मौजूद रहे।
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सबसे बड़ी कमेटी में 235 सदस्य

छावनी के सभी गुरु घरों में से गोबिंद नगर गुरुद्वारा साहिब की कमेटी सबसे बड़ी है। इस कमेटी में कार्यकारिणी के सदस्यों की संख्या 33 है और सदस्यों की संख्या 235 के करीब है। सभी आपसी सहयोग से मंत्रणा के बाद गुरु घर के प्रत्येक कार्य को करते हैं और इसमें स्थानीय निवासियों का सहयोग बहुत सराहनीय है। गुरु घर के अंदर ही गुरु नानक मिशन स्कूल चल रहा है जोकि कक्षा पहली से पांचवीं तक है।

1962 में हुई थी स्थापना



गुरु घर की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी। उस समय गोबिंद नगर क्षेत्र में नाममात्र ही संगत होती थी। इनमें से स. कुलदीप सिंह भल्ला, स. इंदर सिंह गुलाटी, स. सन्मुख सिंह, स. नरिंदर सिंह बब्बर, स. बिशन सिंह सेठी,स.कर्म सिंह, माता गोबिंद कौर, माता ज्ञान कौर ने गुरु घर की सेवा-संभाल की। इसके बाद संगत गुरु घर से जुड़ती गई और कार्यकारिणी का विस्तार होता रहा। इस दौरान स. लाल सिंह बब्बर, हरबंस सिंह, भूपिंदर सिंह छतवाल, गुरदविंर सिंह भल्ला, गुरमुख सिंह आदि ने भी पूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1990 में संस्था को पंजीकृत किया गया और फिर गुरु घर के स्वरूप को लेकर कई बदलाव हुए।

छह साल में बदला गया स्वरूप
गोबिंद नगर गुरुद्वारा साहिब के स्वरूप को बदलने की प्रक्रिया गुरु चरणों में अरदास उपरांत वर्ष 2018 में आरंभ हुई। दरबार साहिब श्री अमृतसर से आए पांच सिंह साहिबानों ने गुरु घर की नई इमारत का नींव पत्थर रखा और लगभग साढ़े चार करोड़ की लागत से नई सुख-सुविधाओं से सुसज्जित इमारत का निर्माण किया गया। इसमें गुरु महाराज का विशेष स्थान, दो हजार संगत के बैठने की जगह, पूरी तरह वातानुकूलित हॉल, 60 कारों को खड़ी करने की पार्किंग, लिफ्ट व रैंप की सुविधा, मैकेनिकल निशान साहिब, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और सेवादारों, कीर्तनी जत्थे सहित मुख्य ग्रंथी के लिए रिहायश की व्यवस्था शामिल है।




ये हैं आगामी योजनाएं



गुरुद्वारा साहिब के प्रधान स. सुदर्शन सिंह सहगल ने बताया कि गुरु घर के प्रथम तल पर 40 लाख की लागत से वातानुकूलित हाल का निर्माण करवाया जा रहा है ताकि संगत यहां छोटे-मोटे कार्यक्रम कर सके। इसके अलावा गुरु घर आने वाले यात्रियों के लिए 10 कमरों का निर्माण, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लंगर हाल, सोलर पैनल, डिस्पेंसरी आदि की सुविधा भी जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी।
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