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Ambala News: गली-मोहल्ले में विकास कार्यों की दरकार
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अंबाला छावनी स्थित नगर परिषद सदर का कार्यालय। फाइल फोटो
अंबाला। नगर परिषद रोजाना वार्ड स्तर पर होने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार कर रही है। कहीं नालियां बनाई जा रही हैं तो कहीं सड़कों के निर्माण की रुपरेखा तैयार हो रही है।
बावजूद इसके अंबाला छावनी के लोग संतुष्ट नहीं हैं। यही कारण है कि रोजाना किसी न किसी कॉलोनी के लोग नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर अपना रोष जाहिर कर चुके हैं।
पिछले सप्ताह ऐसे ही दो मामले सामने आए। पहले मामले में टांगरी बांध के नजदीक रहने वाले दर्जनों कॉलोनियों के वासियाें ने दो से ढाई घंटे तक नगर परिषद कार्यालय में डेरा डाले रखा तो सोमवार को कलरहेड़ी गांव से पहुंचे लोगों ने एक माह पहले दी गई शिकायत पर रोष जताया और कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर ही जमीन पर बैठ गए। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कनिष्ठ अभियंताओं सहित अन्य को मौके पर भेजा गया और समस्या का समाधान करवाया गया।
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अब ऐसे ही हालात दयालबाग में देखने को मिल रहे हैं। यहां के लोग भी अब विकास कार्यों की बाट जोह रहे हैं और उनका इंतजार लंबा होता जा रहा है। ऐसे में उन्होंने भी अब नप कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने की योजना तैयार की है ताकि उनकी गलियों व सड़कों का सुधार हो सके। स्थानीय निवासी महेश, रजत, मोनू और राजेश आदि ने बताया कि ब्रह्मकुमारी आश्रम के पास नालियों और सड़कों की हालत काफी खस्ता है।
इस संबंध में कई बार नप कार्यालय जाकर शिकायत दी गई, लेकिन किसी भी अधिकारी ने यहां आकर समस्या देखने की कोशिश नहीं की। खुली नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और इनकी बदबू से पूरा वातावरण दूषित हो रहा है। रही-सही कसर टूटी सड़कें पूरी कर रही हैं। जबकि आसपास की कुछ सही सड़कों को भी दोबारा से तोड़कर नया बना दिया गया है। उन्होंने नप अधिकारियों पर भेदभाव के भी आरोप लगाते हुए कहा कि जल्द ही वो कार्यकारी अधिकारी को एक बार फिर समस्या के समाधान को लेकर पत्र सौंपेंगे, अन्यथा वो भी दूसरों की तरह नप कार्यालय में आकर धरना देने पर मजबूर हो जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दो अलग-अलग क्षेत्रों के लोग नप कार्यालय आकर रोष जता चुके हैं। अगर ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले समय में लोग संतरी या मंत्री के पास न जाकर खुद ही नप कार्यालय आएंगे और लंबित कार्याें को पूरा करने के लिए प्रदर्शन करेंगे।
अधिकारी भी परेशान
लगातार बढ़ रही शिकायतों और प्रदर्शनों से नप अधिकारी भी परेशान हैं कि विकास कार्याें के बाद भी रोजाना शिकायतें पहुंच रही हैं। इसलिए अब व्यवस्थाओं के सुधार को लेकर टीम गठित करने का फैसला लिया गया है जोकि शिकायत मिलते ही समस्या के समाधान को लेकर संबंधित क्षेत्रों का करेगी दौरा और विभागीय अधिकारी को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपेगी।
रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी, नप, अंबाला सदर।
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बावजूद इसके अंबाला छावनी के लोग संतुष्ट नहीं हैं। यही कारण है कि रोजाना किसी न किसी कॉलोनी के लोग नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर अपना रोष जाहिर कर चुके हैं।
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पिछले सप्ताह ऐसे ही दो मामले सामने आए। पहले मामले में टांगरी बांध के नजदीक रहने वाले दर्जनों कॉलोनियों के वासियाें ने दो से ढाई घंटे तक नगर परिषद कार्यालय में डेरा डाले रखा तो सोमवार को कलरहेड़ी गांव से पहुंचे लोगों ने एक माह पहले दी गई शिकायत पर रोष जताया और कार्यकारी अभियंता कार्यालय के बाहर ही जमीन पर बैठ गए। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कनिष्ठ अभियंताओं सहित अन्य को मौके पर भेजा गया और समस्या का समाधान करवाया गया।
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अब ऐसे ही हालात दयालबाग में देखने को मिल रहे हैं। यहां के लोग भी अब विकास कार्यों की बाट जोह रहे हैं और उनका इंतजार लंबा होता जा रहा है। ऐसे में उन्होंने भी अब नप कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने की योजना तैयार की है ताकि उनकी गलियों व सड़कों का सुधार हो सके। स्थानीय निवासी महेश, रजत, मोनू और राजेश आदि ने बताया कि ब्रह्मकुमारी आश्रम के पास नालियों और सड़कों की हालत काफी खस्ता है।
इस संबंध में कई बार नप कार्यालय जाकर शिकायत दी गई, लेकिन किसी भी अधिकारी ने यहां आकर समस्या देखने की कोशिश नहीं की। खुली नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और इनकी बदबू से पूरा वातावरण दूषित हो रहा है। रही-सही कसर टूटी सड़कें पूरी कर रही हैं। जबकि आसपास की कुछ सही सड़कों को भी दोबारा से तोड़कर नया बना दिया गया है। उन्होंने नप अधिकारियों पर भेदभाव के भी आरोप लगाते हुए कहा कि जल्द ही वो कार्यकारी अधिकारी को एक बार फिर समस्या के समाधान को लेकर पत्र सौंपेंगे, अन्यथा वो भी दूसरों की तरह नप कार्यालय में आकर धरना देने पर मजबूर हो जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दो अलग-अलग क्षेत्रों के लोग नप कार्यालय आकर रोष जता चुके हैं। अगर ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले समय में लोग संतरी या मंत्री के पास न जाकर खुद ही नप कार्यालय आएंगे और लंबित कार्याें को पूरा करने के लिए प्रदर्शन करेंगे।
अधिकारी भी परेशान
लगातार बढ़ रही शिकायतों और प्रदर्शनों से नप अधिकारी भी परेशान हैं कि विकास कार्याें के बाद भी रोजाना शिकायतें पहुंच रही हैं। इसलिए अब व्यवस्थाओं के सुधार को लेकर टीम गठित करने का फैसला लिया गया है जोकि शिकायत मिलते ही समस्या के समाधान को लेकर संबंधित क्षेत्रों का करेगी दौरा और विभागीय अधिकारी को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपेगी।
रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी, नप, अंबाला सदर।