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Ambala News: महिलाकर्मियों का लघु सचिवालय पर प्रदर्शन
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महिलाकर्मियों का लघु सचिवालय पर प्रदर्शन
- फोटो : महिलाकर्मियों का लघु सचिवालय पर प्रदर्शन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। औंगद के पास स्थित शराब फैक्टी में काम करने वाली महिलाओं ने ठेकेदारों पर दुर्व्यवहार, समय पर वेतन नहीं देने और तय समय के बाद काम कराने के आरोप लगाए हैं। परेशान महिलाएं वीरवार को अपनी शिकायत लेकर लघु सचिवालय पहुंचीं।
महिलाओं ने कहा कि उन्हें नौकरी के समय 12,333 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही गई थी, लेकिन पूरा महीना काम करने के बावजूद करीब 10 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। कर्मचारी नेता सुशील कुमार महिलाओं के साथ लघु सचिवालय पहुंचे।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों से निर्धारित समय और वेतन के अनुसार काम लिया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की शिकायतों की जांच कर समाधान कराने की मांग की। डीसी को कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। महिलाओं के अनुसार, जिनका पूरा महीना काम नहीं लग पाता, उन्हें 7,500 से 8,000 रुपये तक भुगतान किया जाता है। उनका आरोप है कि वेतन भी समय पर नहीं मिलता और कई बार 20 या 22 तारीख तक भुगतान किया जाता है।
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महिलाओं ने बताया कि उनकी ड्यूटी शाम पांच बजे खत्म हो जाती है लेकिन इसके बाद भी उनसे गत्ता ढुलवाने का काम कराया जाता है। इस कारण वे करीब छह बजे फैक्ट्री से निकलती हैं।
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करनाल। औंगद के पास स्थित शराब फैक्टी में काम करने वाली महिलाओं ने ठेकेदारों पर दुर्व्यवहार, समय पर वेतन नहीं देने और तय समय के बाद काम कराने के आरोप लगाए हैं। परेशान महिलाएं वीरवार को अपनी शिकायत लेकर लघु सचिवालय पहुंचीं।
महिलाओं ने कहा कि उन्हें नौकरी के समय 12,333 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही गई थी, लेकिन पूरा महीना काम करने के बावजूद करीब 10 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। कर्मचारी नेता सुशील कुमार महिलाओं के साथ लघु सचिवालय पहुंचे।
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उन्होंने कहा कि श्रमिकों से निर्धारित समय और वेतन के अनुसार काम लिया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की शिकायतों की जांच कर समाधान कराने की मांग की। डीसी को कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। महिलाओं के अनुसार, जिनका पूरा महीना काम नहीं लग पाता, उन्हें 7,500 से 8,000 रुपये तक भुगतान किया जाता है। उनका आरोप है कि वेतन भी समय पर नहीं मिलता और कई बार 20 या 22 तारीख तक भुगतान किया जाता है।
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महिलाओं ने बताया कि उनकी ड्यूटी शाम पांच बजे खत्म हो जाती है लेकिन इसके बाद भी उनसे गत्ता ढुलवाने का काम कराया जाता है। इस कारण वे करीब छह बजे फैक्ट्री से निकलती हैं।