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क्रिकेट के बुखार ने दबा दिया फुटबाल का जुनून
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
Updated Fri, 27 Jun 2014 12:39 AM IST
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अंबाला कैंट। जिले में फुटबॉल के जुनून को क्रिकेट के बुखार ने दबा दिया है। हालात यह हैं कि स्कूली प्रतियोगिताओं में भी क्रिकेट टीमों की भरमार है, जबकि फुटबॉल की टीमें काफी कम मैदान में उतर रही हैं। यही कारण है कि स्कूलों से आगे फुटबॉल हाशिये पर जा रहा है।
जिले के सरकारी, एडेड और निजी स्कूलों की संख्या 1000 के करीब है लेकिन इनमें से आधे में भी फुटबॉल की टीमें नहीं हैं। स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में जहां क्रिकेट की टीमों की भरमार है, वहीं फुटबॉल की टीमें काफी कम हैं। यही कारण है कि स्कूल स्तर से ही फुटबॉल के खिलाड़ी नहीं निकलते। सूत्र बताते हैं कि अधिकतर स्कूलों में फुटबॉल के मैदान ही नहीं हैं। अध्यापक ही बताते हैं कि स्कूली खेल प्रतियोगिता में क्रिकेट के लिए तो टीमें जुट जाती हैं, लेकिन फुटबॉल की टीमें तैयार करने में ही पसीने छूट जाते हैं।
यह कहते हैं पूर्व खिलाड़ी : फुटबॉल के पूर्व खिलाड़ी राजेश गुप्ता, जोगिंदर, बनवारी लाल, सुरेश कुमार, राजपाल सिंह का कहना है कि पहले स्कूलों की टीमों के मुकाबले हुए करते थे। प्रतियोगिताएं हों या नहीं, स्कूलों में मैच हर रविवार को होते थे लेकिन धीरे-धीरे इन मैदानों से फुटबॉल का खेल गायब हो गया है। विद्यार्थियों के हाथों में क्रिकेट बैट और बॉल आ चुकी है।
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जिले के सरकारी, एडेड और निजी स्कूलों की संख्या 1000 के करीब है लेकिन इनमें से आधे में भी फुटबॉल की टीमें नहीं हैं। स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में जहां क्रिकेट की टीमों की भरमार है, वहीं फुटबॉल की टीमें काफी कम हैं। यही कारण है कि स्कूल स्तर से ही फुटबॉल के खिलाड़ी नहीं निकलते। सूत्र बताते हैं कि अधिकतर स्कूलों में फुटबॉल के मैदान ही नहीं हैं। अध्यापक ही बताते हैं कि स्कूली खेल प्रतियोगिता में क्रिकेट के लिए तो टीमें जुट जाती हैं, लेकिन फुटबॉल की टीमें तैयार करने में ही पसीने छूट जाते हैं।
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यह कहते हैं पूर्व खिलाड़ी : फुटबॉल के पूर्व खिलाड़ी राजेश गुप्ता, जोगिंदर, बनवारी लाल, सुरेश कुमार, राजपाल सिंह का कहना है कि पहले स्कूलों की टीमों के मुकाबले हुए करते थे। प्रतियोगिताएं हों या नहीं, स्कूलों में मैच हर रविवार को होते थे लेकिन धीरे-धीरे इन मैदानों से फुटबॉल का खेल गायब हो गया है। विद्यार्थियों के हाथों में क्रिकेट बैट और बॉल आ चुकी है।
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