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Ambala News: रियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के चुनावों में घमासान, कई जिला एसोसिएशन से छिना वोटिंग का हक
Sat, 04 Jul 2026 03:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 04 Jul 2026 03:37 AM IST
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अंबाला। हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन (एचएफए) के आगामी चुनाव का शेड्यूल जारी होते ही प्रदेश के फुटबॉल गलियारों में घमासान मचा हुआ है। विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ जिला फुटबॉल एसोसिएशनों (डीएफए) को वोटर लिस्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और उनकी जगह कुछ नई एसोसिएशनों को शामिल कर लिया गया। इसके खिलाफ अंबाला, यमुनानगर, सिरसा, पानीपत, कैथल और फतेहाबाद सहित प्रभावित जिलों के पदाधिकारियों ने गुरुग्राम के जिला रजिस्ट्रार (सोसायटी एवं फर्म) के समक्ष याचिका दायर की। सुनवाई के बाद रजिस्ट्रार ने अंबाला, पानीपत और यमुनानगर की डीएफए को दोबारा वोटिंग का अधिकार दे दिया, जबकि तकनीकी कारण बताते हुए बाकी जिलों की याचिकाएं खारिज कर दीं।
पदाधिकारियों का आरोप है कि इस मामले में जिला रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका संदिग्ध रही है। 30 जून को पहले आदेश में चुनावी प्रक्रिया पर 15 दिनों की रोक लगाई गई थी, लेकिन महज चार घंटे बाद ही दूसरा आदेश जारी कर मुख्य चुनाव अधिकारी से एक जुलाई तक जवाब मांग लिया गया। पदाधिकारियों का कहना है कि इतनी जल्दबाजी में फैसला बदलना न्यायोचित नहीं है।
सिरसा और फतेहाबाद ने लगाए साजिश के आरोप
सिरसा डीएफए के प्रेसीडेंट डॉ. विनोद स्वामी का आरोप है कि उनका वोटिंग अधिकार एकतरफा कार्रवाई के तहत छीना गया। सुनवाई के दौरान एक ऐसे क्लब को उनसे जोड़ दिया गया, जिसे उन्होंने कभी संबद्धता दी ही नहीं थी। रजिस्ट्रार ने इसे आपसी विवाद बताकर याचिका खारिज कर दी।
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फतेहाबाद डीएफए के सचिव राजेश के मुताबिक, पूरा रिकॉर्ड सही होने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। सूची में ऐसी अज्ञात एसोसिएशनों को डाला गया है, जिनका जमीनी स्तर पर कोई नाम ही नहीं है।
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कल होगा मतदान
एचएफए के अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष समेत कुल 11 पदों के लिए 5 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। राहत पाने वाले अंबाला, यमुनानगर और पानीपत को नामांकन के लिए महज कुछ घंटे ही मिल सके। ब्यूरो
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पदाधिकारियों का आरोप है कि इस मामले में जिला रजिस्ट्रार कार्यालय की भूमिका संदिग्ध रही है। 30 जून को पहले आदेश में चुनावी प्रक्रिया पर 15 दिनों की रोक लगाई गई थी, लेकिन महज चार घंटे बाद ही दूसरा आदेश जारी कर मुख्य चुनाव अधिकारी से एक जुलाई तक जवाब मांग लिया गया। पदाधिकारियों का कहना है कि इतनी जल्दबाजी में फैसला बदलना न्यायोचित नहीं है।
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सिरसा और फतेहाबाद ने लगाए साजिश के आरोप
सिरसा डीएफए के प्रेसीडेंट डॉ. विनोद स्वामी का आरोप है कि उनका वोटिंग अधिकार एकतरफा कार्रवाई के तहत छीना गया। सुनवाई के दौरान एक ऐसे क्लब को उनसे जोड़ दिया गया, जिसे उन्होंने कभी संबद्धता दी ही नहीं थी। रजिस्ट्रार ने इसे आपसी विवाद बताकर याचिका खारिज कर दी।
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फतेहाबाद डीएफए के सचिव राजेश के मुताबिक, पूरा रिकॉर्ड सही होने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। सूची में ऐसी अज्ञात एसोसिएशनों को डाला गया है, जिनका जमीनी स्तर पर कोई नाम ही नहीं है।
कल होगा मतदान
एचएफए के अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष समेत कुल 11 पदों के लिए 5 जुलाई को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। राहत पाने वाले अंबाला, यमुनानगर और पानीपत को नामांकन के लिए महज कुछ घंटे ही मिल सके। ब्यूरो