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सीएम ने खेत में काम कर रहे किसानों से की बात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 01:12 AM IST
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CM talked to the farmers working in the field
अंबाला। खेत में काम कर रहे जिले के दो प्रगतिशील किसानों से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की। किसान मुख्यमंत्री के साथ बात करने के बाद काफी उत्साहित हैं। उन्होंने मोबाइल फोन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री को खेतीबाड़ी से संबंधित जानकारी दी। दरअसल, मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचकूला में सौ फीट से ज्यादा गहरे भूमिगत जल स्तर वाले गांवों के लिए सूक्ष्म सिंचाई की 7500 प्रदर्शन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के उन किसानों से बातचीत की जो सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाकर खेतीबाड़ी कर रहे हैं।
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इनमें जिले के गांव शाहपुर के किसान बलबीर सिंह और उनके पुत्र अमनीश सैनी भी शामिल हैं। दोनों प्रगतिशील किसान गांव कोट कछुआ खुर्द में खेती करते है। मंगलवार को जब मुख्यमंत्री ने उनसे मोबाइल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की गई, तब वे खेत में काम कर रहे थे। वहीं से उन्होंने मोबाइल के माध्यम से मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि 2019 में गन्ने की दो एकड़ खेती में टपका विधि का प्रयोग किया था। सरकार की इस स्कीम के तहत उसे सब्सिडी भी प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि सूक्ष्म सिंचाई विधि को अपनाकर क्या-क्या लाभ हुए हैं। बलबीर ने बताया कि इससे पानी की बचत होने के साथ-साथ फसल में पानी देना भी आसान हुआ है और उत्पादन में पांच से 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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उसने बताया कि इस विधि से गन्ने की फसल में पानी के साथ-साथ खाद और दवाई भी आसानी से दी है। बलबीर ने बताया कि पिछले वर्ष से उसने धान की फसल में भी इस विधि को अपनाया है। उसे सब्सिडी भी मिली है। वे पानी की बचत के लिए हरियाणा सरकार की स्कीम का लाभ उठाते हुए मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम के तहत धान के स्थान पर दो एकड़ में इस बार गोभी की फसल की पैदावार करेंगे।
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फसल स्कीम के तहत दी जा रही है सहायता
हरियाणा में प्रति बूंद अधिक फसल स्कीम के अंतर्गत किसानों को विभिन्न प्रकार की सहायता दी जा रही हैं। अटल भूजल योजना और मिकाडा (माइक्रो इरिगेशन एवं कमांड एरिया अथॉरिटी) हरियाणा द्वारा इसके लिए विभिन्न प्रकार की जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। सूक्ष्म सिंचाई के संयंत्रों (टपका एवं फव्वारा) की स्थापना पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। ऑन फार्म वाटर टैंक के निर्माण पर 70 से 85 प्रतिशत का अनुदान (व्यक्तिगत 70 प्रतिशत व किसान समूह के लिए 85 प्रतिशत), सौर ऊर्जा पंप सेट लगाने पर हरेडा के माध्यम से 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। डीएसआर धान की सीधी बिजाई करने पर प्रति एकड़ चार हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। जो किसान धान के स्थान पर कम पानी में पैदा होने वाली फसलों की पैदावार करते हैं, उन्हें मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम के तहत दो किस्तों में सात हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाते हैं।

जिले में कितना है लक्ष्य
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में मेरा पानी-मेरी विरासत स्कीम के तहत 5041 एकड़ का लक्ष्य है। इसमें से 2297 पंजीकृत हो चुके हैं। इसी प्रकार डीएसआर में 7000 का लक्ष्य हैं, अब तक 3009 एकड़ का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। किसान 30 जून तक स्कीमों का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं।
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