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सस्पेंड पांचों डॉक्टरों के बयान कलमबंद, अब एसएमओ पर कार्रवाई की मांग
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डीएचएस डॉ. असरूद्दीन को शिकायत करते हुए ग्रामीण।
- फोटो : Ambala
शहजादपुर /अंबाला । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहजादपुर में करंट पीड़िता ललिता की मौत मामले में ड्यूटी से नदारद 5 डाक्टरों को सस्पेंड करने के बावजूद हालात नहीं सुधरे। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री विज के आदेशों के अगले दिन मंगलवार को सीएचसी शहजादपुर में एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद 9 बजकर 31 मिनट पर अपने कार्यालय पहुंचे। एसएचसी में बनाई गई आयुष विंग की ओपीडी, डेंटल ओपीडी और लेबोरेट्री पर ताला लटका हुआ था। आईसीटीसी कार्यालय नंबर 4 में ताला खुला है और लाइट जली हुई है लेकिन सीट पर कोई कर्मचारी नहीं था। केवल कमरा नंबर 10 में एक डाक्टर आन ड्यूटी हैं। इस तरह अधिकारियों की फटकार और निलंबित प्रक्रिया का असर स्टाफ पर दिखाई नहीं दिया। करीब साढ़े 10 बजे डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉ. असरूद्दीन सीएचसी में पहुंचे। उनके साथ डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र कौर और एसएमओ डॉ. राजेंद्र राय भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने सस्पेंड किए गए डॉक्टरों के बयान कलमबंद किए।
ग्रामीण बोले-एसएमओ ने दी है धमकी, पीते हैं शराब खाते हैं मांस
डायरेक्टर के आने की सूचना मिलने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पूर्व सरपंच सतीश व अन्य ग्रामीणों ने डायरेक्टर को ज्ञापन देकर एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद को सस्पेंड करने की मांग रख दी। कहा कि महिला की मौत वाले दिन उन्हें एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद ने रात 10 बजे फोन कर धमकी दी। इसकी रिकार्डिंग होने का पूर्व सरपंच सतीश शर्मा ने दावा किया। इस दौरान नवीन शर्मा को भी डॉ. तरुण प्रसाद ने देख लेने की धमकी दी। इतना ही नहीं वह ड्यूटी के दौरान सीएचसी में एक कमरे में शराब पीते हैं और मांस का सेवन करते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि हमें 5 डॉक्टर सस्पेंड करने से कोई मतलब नहीं है। सबसे जरूरी डॉ. तरुण प्रसाद को सस्पेंड किया जाना चाहिए। आज भी डॉ. तरुण प्रसाद 9 बजकर 31 मिनट पर आए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि डॉक्टर तरुण को सस्पेंड नहीं किया गया तो वह बाजार बंद कर रोष प्रकट करेंगे इसके अलावा जो भी कदम उठाया जाएगा उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
12 बजकर 40 मिनट पर पहुंचे थे डॉ. तरुण
महिला की मौत की सूचना मिलने के बावजूद डॉ. तरुण घटना वाले दिन भी 12 बजकर 40 मिनट पर सीएचसी पहुंचे थे। ग्रामीणों ने डीजीएचएस को सौंपी शिकायत में इस बात का भी जिक्र किया है। जो भी लापरवाही हुई है उसका मुख्य कारण डॉ. तरुण हैं लेकिन उन्हीं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मैं यहां महिला की मौत की जांच के मामले में आया था। ग्रामीणों ने जो शिकायत डॉ. तरुण प्रसाद को दी है उससे उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा।
-डॉ. असरुद्दीन, डायरेक्टर हेल्थ सर्विस
यहां किसी प्रकार की शराब नहीं पी जाती, सारे आरोप मुझ पर बेबुनियाद लगाए जा रहे हैं। मेरे साथ ग्रामीणों ने जो दुर्व्यवहार किया उसे तो किसी ने प्रकाशित नहीं की। मैंने किसी को कोई धमकी नहीं दी।
-डॉ. तरुण प्रसाद, एसएमओ शहजादपुर सीएचसी।
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ग्रामीण बोले-एसएमओ ने दी है धमकी, पीते हैं शराब खाते हैं मांस
डायरेक्टर के आने की सूचना मिलने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पूर्व सरपंच सतीश व अन्य ग्रामीणों ने डायरेक्टर को ज्ञापन देकर एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद को सस्पेंड करने की मांग रख दी। कहा कि महिला की मौत वाले दिन उन्हें एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद ने रात 10 बजे फोन कर धमकी दी। इसकी रिकार्डिंग होने का पूर्व सरपंच सतीश शर्मा ने दावा किया। इस दौरान नवीन शर्मा को भी डॉ. तरुण प्रसाद ने देख लेने की धमकी दी। इतना ही नहीं वह ड्यूटी के दौरान सीएचसी में एक कमरे में शराब पीते हैं और मांस का सेवन करते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि हमें 5 डॉक्टर सस्पेंड करने से कोई मतलब नहीं है। सबसे जरूरी डॉ. तरुण प्रसाद को सस्पेंड किया जाना चाहिए। आज भी डॉ. तरुण प्रसाद 9 बजकर 31 मिनट पर आए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि डॉक्टर तरुण को सस्पेंड नहीं किया गया तो वह बाजार बंद कर रोष प्रकट करेंगे इसके अलावा जो भी कदम उठाया जाएगा उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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12 बजकर 40 मिनट पर पहुंचे थे डॉ. तरुण
महिला की मौत की सूचना मिलने के बावजूद डॉ. तरुण घटना वाले दिन भी 12 बजकर 40 मिनट पर सीएचसी पहुंचे थे। ग्रामीणों ने डीजीएचएस को सौंपी शिकायत में इस बात का भी जिक्र किया है। जो भी लापरवाही हुई है उसका मुख्य कारण डॉ. तरुण हैं लेकिन उन्हीं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मैं यहां महिला की मौत की जांच के मामले में आया था। ग्रामीणों ने जो शिकायत डॉ. तरुण प्रसाद को दी है उससे उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा।
-डॉ. असरुद्दीन, डायरेक्टर हेल्थ सर्विस
यहां किसी प्रकार की शराब नहीं पी जाती, सारे आरोप मुझ पर बेबुनियाद लगाए जा रहे हैं। मेरे साथ ग्रामीणों ने जो दुर्व्यवहार किया उसे तो किसी ने प्रकाशित नहीं की। मैंने किसी को कोई धमकी नहीं दी।
-डॉ. तरुण प्रसाद, एसएमओ शहजादपुर सीएचसी।