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Ambala News: 215 ट्रेनें रद्द् होने से बढ़ी मुश्किलें, घंटों इंतजार करते रहे यात्री
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अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन की इंतजार करते यात्री। संवाद
- फोटो : samvad
दिल्ली आंदोलन का दिखा असर, रोडवेज बसें ही बनीं सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन के कारण रेलवे ने बड़े पैमाने पर ट्रेनें रद्द कर दीं। इससे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर शनिवार को यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल 215 ट्रेनों के प्रभावित होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई। उत्तर रेलवे ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया। यात्री रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर घंटों इंतजार करते रहे।
पहले राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड की तरफ जाने वाली 35 से अधिक मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को एक दिन के लिए रद्द किया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार शाम को दैनिक यात्रियों की सुविधा से जुड़ी 179 मैमू और डैमू ट्रेनें भी रद्द कर दी गईं। ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी न होने से कई यात्री सुबह अंबाला कैंट स्टेशन पहुंचे।
कटरा से आए यात्री संदीप को शाहबाद जाना था लेकिन उनकी ट्रेन रद्द हो गई। उन्होंने बस से अमृतसर और फिर अंबाला कैंट तक का सफर किया, जिसमें 1800 रुपये खर्च हुए। अंबाला कैंट पहुंचने पर उन्हें पता चला कि लोकल ट्रेनें भी रद्द हैं। पानीपत के लाल सिंह को भी राजपुरा से वापसी में ट्रेन रद्द होने की सूचना मिली। उन्हें भी अंबाला कैंट से बस अड्डे का रुख करना पड़ा।
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बस अड्डों पर उमड़ी भीड़
रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनें न मिलने के कारण छावनी बस अड्डे पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई। दिल्ली और आसपास के जिलों की तरफ जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक थी। रोडवेज प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए दिल्ली मार्ग पर 20 से अधिक अतिरिक्त बसों का संचालन किया। भीड़भाड़ और सुरक्षा के मद्देनजर बस अड्डे के अंदर और बाहर पुलिस बल मुस्तैद रहा।
अंबाला कैंट पर सुरक्षा चाक-चौबंद
आंदोलन के मद्देनजर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। आरपीएफ, जीआरपी, एटीएस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। सुबह से शाम तक प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालयों और पार्किंग क्षेत्रों की गहनता से जांच की गई। संदिग्ध प्रतीत होने वाले व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई।
सुरक्षा को लेकर स्टेशन पर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई थीं। ट्रेनों सहित पूरे स्टेशन परिसर पर हमारी संयुक्त टीमों द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। राहत की बात यह है कि पूरे दिन में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
हरीश कुमार, प्रभारी, जीआरपी, अंबाला
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। अधिकांश यात्री लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर कर गंतव्य तक पहुंच गए थे।
- यशनजीत सिंह, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन के कारण रेलवे ने बड़े पैमाने पर ट्रेनें रद्द कर दीं। इससे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर शनिवार को यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल 215 ट्रेनों के प्रभावित होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई। उत्तर रेलवे ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया। यात्री रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर घंटों इंतजार करते रहे।
पहले राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड की तरफ जाने वाली 35 से अधिक मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को एक दिन के लिए रद्द किया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार शाम को दैनिक यात्रियों की सुविधा से जुड़ी 179 मैमू और डैमू ट्रेनें भी रद्द कर दी गईं। ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी न होने से कई यात्री सुबह अंबाला कैंट स्टेशन पहुंचे।
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कटरा से आए यात्री संदीप को शाहबाद जाना था लेकिन उनकी ट्रेन रद्द हो गई। उन्होंने बस से अमृतसर और फिर अंबाला कैंट तक का सफर किया, जिसमें 1800 रुपये खर्च हुए। अंबाला कैंट पहुंचने पर उन्हें पता चला कि लोकल ट्रेनें भी रद्द हैं। पानीपत के लाल सिंह को भी राजपुरा से वापसी में ट्रेन रद्द होने की सूचना मिली। उन्हें भी अंबाला कैंट से बस अड्डे का रुख करना पड़ा।
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बस अड्डों पर उमड़ी भीड़
रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनें न मिलने के कारण छावनी बस अड्डे पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई। दिल्ली और आसपास के जिलों की तरफ जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक थी। रोडवेज प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए दिल्ली मार्ग पर 20 से अधिक अतिरिक्त बसों का संचालन किया। भीड़भाड़ और सुरक्षा के मद्देनजर बस अड्डे के अंदर और बाहर पुलिस बल मुस्तैद रहा।
अंबाला कैंट पर सुरक्षा चाक-चौबंद
आंदोलन के मद्देनजर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। आरपीएफ, जीआरपी, एटीएस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। सुबह से शाम तक प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालयों और पार्किंग क्षेत्रों की गहनता से जांच की गई। संदिग्ध प्रतीत होने वाले व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई।
सुरक्षा को लेकर स्टेशन पर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई थीं। ट्रेनों सहित पूरे स्टेशन परिसर पर हमारी संयुक्त टीमों द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। राहत की बात यह है कि पूरे दिन में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
हरीश कुमार, प्रभारी, जीआरपी, अंबाला
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। अधिकांश यात्री लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर कर गंतव्य तक पहुंच गए थे।
- यशनजीत सिंह, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन की इंतजार करते यात्री। संवाद- फोटो : samvad

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन की इंतजार करते यात्री। संवाद- फोटो : samvad

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन की इंतजार करते यात्री। संवाद- फोटो : samvad

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन की इंतजार करते यात्री। संवाद- फोटो : samvad