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Ambala News: भाजपा अलाप रही विकास का राग, विपक्ष निकाल रहा खोट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2025 01:25 AM IST
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BJP is singing the song of development, opposition is finding faults
अंबाला। छावनी के किसी भी वार्ड में चले जाओ। सभी में एक ही चर्चा है कि नगर परिषद चुनावों में कौन किसको मात देगा। नगर परिषद चुनावों में शह और मात का खेल चल रहा है। एक तरफ जहां भाजपा अपने पिछले छह वर्षों के विकास का राग अलाप रही है तो वहीं पिछला विधानसभा चुनाव लड़ चुकीं चित्रा सरवारा के समर्थित आजाद प्रत्याशी भी काम में खोट निकालते दिख रहे हैं।
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मामला इतना दिलचस्प हो गया है कि कोई भी निष्कर्ष नहीं निकल पा रहा है। नगर परिषद चुनाव में जहां एक तरफ भाजपा से केबिनेट मंत्री अनिल विज तो दूसरी तरफ नेत्री चित्रा सरवारा की प्रतिष्ठा दांव पर है। यही कारण है कि इस छोटी सरकार के चुनाव को जीतने के हर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है।
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दो वर्गों में बंट रहे हैं समर्थक
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अनिल विज को अपना प्रत्याशी बनाया था तो कांग्रेस से बागी होकर आजाद मैदान में आईं चित्रा सरवारा के बीच काफी टक्कर देखने को मिली थी। यहां तक कि दोनों ही नेताओं के समर्थक भी आपस में दो वर्गों में बंट गए थे। चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज कराई मगर इसके बाद यह टकराव समाप्त नहीं हुआ। चित्रा का साथ देने वाले भाजपाइयों पर निशाना साधते हुए मंत्री विज ने घेरने की कोशिश की थी। इसके बाद भाजपा के मंडल प्रधान भी इस राजनैतिक जंग में उतर आए थे। नगर परिषद चुनाव में भी दोनों नेताओं के समर्थक एक दूसरे से सीधी टक्कर ले रहे हैं। वहीं, भाजपा लोगों को भरोसा दे रही है कि वह सत्ता में है ऐसे में तेजी से विकास करा सकेंगे। वहीं, विपक्षी कह रहे हैं कि अभी तक नहीं हुआ तो अब क्या कराएंगे। ऐसे में दोनों पक्षों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।
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नगर परिषद चुनाव में यह हैं जनता के मुद्दे
नगर परिषद अंबाला सदर के चुनावों में कई अहम मुद्दे हैं। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा बेसहारा गोवंश को सहारा देने का और कुत्तों की नसबंदी का है जोकि कई निविदाओं के बाद सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। इसके अलावा गंदगी की समस्या भी नगर परिषद के लिए दूसरी बड़ी चुनौती है। डोर-टू-डोर सुविधा और साफ-सफाई के लिए 500 के करीब कर्मचारी तैनात हैं। बावजूद इसके नगर परिषद अंबाला सदर स्वच्छता के पायदान पर अव्वल नहीं आ पाया है। इसमें सबसे बड़ी कमी कर्मचारियों की ढीली कार्यशैली और नगर परिषद के पास मूलभूत सुविधाएं जैसे डस्टबिन का न होना है।

32 वार्डों के मतदाता
नगर परिषद सदर अंबाला के अधीन 32 वार्ड हैं। इन वार्डाें में एक लाख 77 हजार 590 मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 91 हजार 969 और महिला मतदाताओं की संख्या 85 हजार 613 हैं। जबकि अन्य आठ मतदाता सूची में शामिल हैं।
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