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Ambala News: पोर्टल नहीं होने से भावांतर योजना का नहीं मिल रहा लाभ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:50 PM IST
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Bhavantar Yojana is not getting benefits due to lack of portal
अंबाला सिटी। प्रदेश के किसानों को भावांतर भरपाई योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। इसका कारण अभी तक बागवानी विभाग का पोर्टल न बनना बताया जा रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान प्रदेश के मार्केट कमेटी कार्यालयों में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक पोर्टल नहीं बना है।
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ऐसे में किसानों से मैनुअल जे-फार्म लिए जा रहे हैं। जहां पहले यह लाभ ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से मिलता था। अब किसानों को नए पोर्टल के माध्यम से लाभ दिया जाना है। पोर्टल न बनने से किसान योजना में आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश की बात करें तो बागवानी विभाग ने भावांतर भरपाई योजना के तहत आने वाली फसलों का लगभग 57 हजार 579 एकड़ सत्यापित किया है। इसमें 17 हजार 279 किसान शामिल है।
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भावांतर भरपाई योजना में सब्जियों में आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च, बैंगन, भिंडी, मिर्च, घीया, करेला, बंदगोभी, मूली व फलों में किन्नू, अमरूद, आम, बेर, लीची शामिल है।
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दरअसल, भावांतर भरपाई योजना में सरकार सब्जी व फलों का प्रति क्विंटल के हिसाब से संरक्षित मूल्य निर्धारित करती है। अगर किसान की फसल सरकार की ओर से निर्धारित संरक्षित मूल्य से कम बिकती है तो सरकार उसकी योजना के तहत भरपाई करती है। इस भरपाई के लिए किसान आवेदन करने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन अभी पोर्टल न बनने से किसान परेशान हैं। जिला बागवानी अधिकारी डॉ. विरेंद्र सिंह ने बताया कि उनका कार्य फसल को सत्यापित करना है। अगर किसी किसान की फसल को सत्यापित नहीं किया गया है तो वह उसे कर देंगे।

पहले ई-खरीद पोर्टल से मिल रहा था लाभ
किसान अपनी फसल लगाता है और मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल पंजीकृत करता है। इसके उपरांत बागवानी विभाग फसल व किसानों को सत्यापित करता है। किसान फसल को बेचने के लिए मंडी में आता है तो उसका गेट पास कटता है और उसके बाद फसल की बिक्री होती है। उसी दौरान सरकार की ओर से तय रेट का पता चलता है। अगर बोली में तय दाम से पैसा कम मिलता था तो किसान ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से भावांतर भरपाई योजना के तहत आवेदन करता था, मगर अब बागवानी विभाग का नया पोर्टल बन रहा है। अभी तक यह पोर्टल नहीं बना है। किसान योजना का लाभ लेने के लिए मैनुअल तरीके से मार्केट कमेटी में जे-फार्म जमा करवा रहे हैं।
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