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मौसम की बेरुखी : बारिश से खेतों में बिछा धान, अब नुकसान झेलेगा किसान
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Bad weather: Paddy laid in the fields due to rain, now the farmer will suffer loss
- फोटो : Ambala
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(अंबाला) बराड़ा। बराड़ा में बारिश न धान किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। वीरवार को हुई बारिश से खेतों में धान की फसल बिछ गई है। किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटने का समय था। यदि जल्द ही खेतों में भरा पानी नहीं सूखा तो फसल पूरी तरह नष्ट होकर बर्बाद हो जाएगी।
धान कटाई के समय मौसम किसानों का साथ नहीं दे रहा है। लगातार हो रही बारिश से किसानों को नुकसान हो रहा है। यह समय किसानों को अपनी मेहनत का फल मिलने का है, जबकि बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम कर रही है। किसान रूप सिंह, दयालु, सतपाल व अमरीक सिंह का कहना है कि जब बारिश की जरूरत थी, तब बारिश नहीं हुई। जब फसल कटाई का समय है तो बारिश हो रही है। किसानों का कहना है कि चार दिन पहले वीरवार को हुई बारिश का पानी खेतों से अभी सूखा भी नहीं था कि सोमवार रात को दोबारा बारिश हो गई। इससे खेतों में खड़ी फसल गिर गई है। उन्होंने बताया कि करीब दो सप्ताह में तीन बार पानी बरसने से धान उत्पादन प्रभावित हो सकता है। जो फसल खेतों में गिर चुकी है, उस पर लेबर खर्च भी बढ़ जाएगा। इस कारण लागत दर बहुत बढ़ जाएगी। यदि दोबारा बारिश होती है तो किसानों को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस समय की बारिश किसी भी फसल के लिए लाभदायक नहीं है। यह समय आलू लगाने का भी समय है, जो बारिश के कारण लेट हो गए हैं। जो फसल खेतों में गिर गई है, या कटी हुई है। उसमें नुकसान ज्यादा हो सकता है।
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-डॉ. सुखबीर नरवाल, कृषि विकास अधिकारी।
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धान कटाई के समय मौसम किसानों का साथ नहीं दे रहा है। लगातार हो रही बारिश से किसानों को नुकसान हो रहा है। यह समय किसानों को अपनी मेहनत का फल मिलने का है, जबकि बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम कर रही है। किसान रूप सिंह, दयालु, सतपाल व अमरीक सिंह का कहना है कि जब बारिश की जरूरत थी, तब बारिश नहीं हुई। जब फसल कटाई का समय है तो बारिश हो रही है। किसानों का कहना है कि चार दिन पहले वीरवार को हुई बारिश का पानी खेतों से अभी सूखा भी नहीं था कि सोमवार रात को दोबारा बारिश हो गई। इससे खेतों में खड़ी फसल गिर गई है। उन्होंने बताया कि करीब दो सप्ताह में तीन बार पानी बरसने से धान उत्पादन प्रभावित हो सकता है। जो फसल खेतों में गिर चुकी है, उस पर लेबर खर्च भी बढ़ जाएगा। इस कारण लागत दर बहुत बढ़ जाएगी। यदि दोबारा बारिश होती है तो किसानों को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
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इस समय की बारिश किसी भी फसल के लिए लाभदायक नहीं है। यह समय आलू लगाने का भी समय है, जो बारिश के कारण लेट हो गए हैं। जो फसल खेतों में गिर गई है, या कटी हुई है। उसमें नुकसान ज्यादा हो सकता है।
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-डॉ. सुखबीर नरवाल, कृषि विकास अधिकारी।