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सड़क पर खड़े ऑटो और रोडवेज बसों से लग रहा जाम, आमजन और वाहन चालक हो रहे परेशान
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अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन स्थित गेट नंबर एक के बाहर सड़क पर लगा जाम।
- फोटो : Ambala
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अंबाला। एक तरफ छावनी की रूपरेखा बदलने के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं। स्थानीय निवासियों को आधुनिक सुख-सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए गली-मोहल्ले व प्रमुख बाजारों का कायाकल्प किया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी छावनी के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में व्यवस्थाएं सुधारने की सख्त जरूरत है। ऐसा ही एक क्षेत्र है छावनी बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के बीच का। जहां प्रमुख सड़क पर अतिक्रमण बरकरार है। अतिक्रमण के चलते सड़क पर जाम लगना आम हो गया है।
जाम की समस्या से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह से शाम तक आमजन विशेषकर वाहन चालकों के लिए यह सड़क परेशानी का सबब बनती जा रही है। इस परेशानी का सबसे बड़ा कारण सड़क पर खड़े ऑटो और रोडवेज की बसें हैं। पुलिस और प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी सड़क जाम की समस्या से आजतक छुटकारा नहीं मिल पाया। आज भी वही हालात हैं। रेलवे स्टेशन के एक नंबर प्रवेशद्वार से लेकर 2 नंबर निकासीद्धार पर ऑटो चालकों का पूर्ण कब्जा है। रही-सही कसर हरियाणा और पंजाब रोडवेज की बसें सड़क को अवरुद्ध कर पूरी कर रही हैं जो सवारियां लेने के चक्कर में जहां-तहां खड़ी हो जाती हैं। वहीं व्यवस्थाएं सुधारने के लिए सड़क पर खड़े होमगार्ड के जवानों की कोशिश भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ रही। कभी जवान डरावा देते नजर आते हैं तो कभी प्रार्थना करते हुए, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं।
कई बार हुई माथापच्ची
इस सड़क को जाम की परेशानी से निजात दिलाने के लिए पूर्व के कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने माथापच्ची भी की। कभी पत्थर लगाकर रास्ता बंद किया गया तो कभी बसों के संचालन मार्ग को ही परिवर्तित कर दिया गया। कुछ दिन व्यवस्थाएं दुरुस्त भी रहीं, लेकिन अब फिर वो ही जाम की समस्या और सड़क पर अतिक्रमण पूरी तरह से बरकरार है।
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पुल के नीचे भी अतिक्रमण
बस अड्डे के बाहर नेशनल हाइवे के पुल के नीचे भी अतिक्रमण पूरी तरह से बरकरार है। पहले जहां पुल के निचले हिस्से के सौंदर्यीकरण की बात कही गई थी, वहां अब अवैध टैक्सी व ऑटो स्टैंड बन चुके हैं। वहीं सड़क किनारे खड़ी रेहड़ियां भी जाम का कारण बन रही हैं।
बस का निकासीद्धार भी मुसीबत
छावनी बस अड्डे से निकलने वाली बसों को पहले रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर बनाए गए रास्ते से घुमाकर चंडीगढ़ और पंजाब की तरफ रवाना किया जाता था। लेकिन इसके बाद पुल के नीचे ही अस्थाई रास्ता बना दिया गया ताकि बसें सीधा अपने-अपने मार्ग पर रवाना हो सकें। लेकिन पुल के नीचे खड़ी सवारियों को बैठाने के चक्कर में रोडवेज चालक बस अड्डे के बाहर सड़क पर ही बसों को खड़ा कर रहे हैं।
करेंगे कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर जाम की समस्या से निपटने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पहले के मुकाबले ट्रैफिक व्यव्स्था में काफी सुधार है। अगर फिर भी कहीं कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा।
देवेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, पड़ाव।
चालकों को दिए हैं निर्देश
बस अड्डे के बाहर लगने वाले जाम से निपटने के लिए रोडवेज बस चालकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वह पुल के नीचे अपनी बसों का न खड़ा करें। इसके लिए रोडवेज के कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। अगर फिर भी सुधार की आवश्यकता होगी तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
अजीत सिंह, अधीक्षक, छावनी बस अड्डा।
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जाम की समस्या से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह से शाम तक आमजन विशेषकर वाहन चालकों के लिए यह सड़क परेशानी का सबब बनती जा रही है। इस परेशानी का सबसे बड़ा कारण सड़क पर खड़े ऑटो और रोडवेज की बसें हैं। पुलिस और प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी सड़क जाम की समस्या से आजतक छुटकारा नहीं मिल पाया। आज भी वही हालात हैं। रेलवे स्टेशन के एक नंबर प्रवेशद्वार से लेकर 2 नंबर निकासीद्धार पर ऑटो चालकों का पूर्ण कब्जा है। रही-सही कसर हरियाणा और पंजाब रोडवेज की बसें सड़क को अवरुद्ध कर पूरी कर रही हैं जो सवारियां लेने के चक्कर में जहां-तहां खड़ी हो जाती हैं। वहीं व्यवस्थाएं सुधारने के लिए सड़क पर खड़े होमगार्ड के जवानों की कोशिश भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ रही। कभी जवान डरावा देते नजर आते हैं तो कभी प्रार्थना करते हुए, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं।
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कई बार हुई माथापच्ची
इस सड़क को जाम की परेशानी से निजात दिलाने के लिए पूर्व के कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने माथापच्ची भी की। कभी पत्थर लगाकर रास्ता बंद किया गया तो कभी बसों के संचालन मार्ग को ही परिवर्तित कर दिया गया। कुछ दिन व्यवस्थाएं दुरुस्त भी रहीं, लेकिन अब फिर वो ही जाम की समस्या और सड़क पर अतिक्रमण पूरी तरह से बरकरार है।
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पुल के नीचे भी अतिक्रमण
बस अड्डे के बाहर नेशनल हाइवे के पुल के नीचे भी अतिक्रमण पूरी तरह से बरकरार है। पहले जहां पुल के निचले हिस्से के सौंदर्यीकरण की बात कही गई थी, वहां अब अवैध टैक्सी व ऑटो स्टैंड बन चुके हैं। वहीं सड़क किनारे खड़ी रेहड़ियां भी जाम का कारण बन रही हैं।
बस का निकासीद्धार भी मुसीबत
छावनी बस अड्डे से निकलने वाली बसों को पहले रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर बनाए गए रास्ते से घुमाकर चंडीगढ़ और पंजाब की तरफ रवाना किया जाता था। लेकिन इसके बाद पुल के नीचे ही अस्थाई रास्ता बना दिया गया ताकि बसें सीधा अपने-अपने मार्ग पर रवाना हो सकें। लेकिन पुल के नीचे खड़ी सवारियों को बैठाने के चक्कर में रोडवेज चालक बस अड्डे के बाहर सड़क पर ही बसों को खड़ा कर रहे हैं।
करेंगे कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर जाम की समस्या से निपटने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पहले के मुकाबले ट्रैफिक व्यव्स्था में काफी सुधार है। अगर फिर भी कहीं कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा।
देवेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, पड़ाव।
चालकों को दिए हैं निर्देश
बस अड्डे के बाहर लगने वाले जाम से निपटने के लिए रोडवेज बस चालकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वह पुल के नीचे अपनी बसों का न खड़ा करें। इसके लिए रोडवेज के कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। अगर फिर भी सुधार की आवश्यकता होगी तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
अजीत सिंह, अधीक्षक, छावनी बस अड्डा।