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Ambala News: आशा और मिड डे मील वर्करों ने निकाला रोष मार्च
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अंबाला के सांसद वरुण चौधरी के निवास पर प्रदर्शन करती आशावर्कर। प्रवक्ता
सांसद वरुण चौधरी को साैंपा मांगों का ज्ञापन, दिल्ली कूच करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। आशा और मिड-डे मील वर्करों ने मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सिटी पार्क से विरोध मार्च निकाल अंबाला के सांसद वरुण चौधरी के निवास पर पहुंचकर मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व आशा वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव कविता शर्मा और मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान ललिता खन्ना ने संयुक्त रूप से किया। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दो महीने में मांगें लागू नहीं हुईं, तो एक से तीन दिसंबर तक प्रदेशभर में हड़ताल रहेगी और एक दिसंबर को वर्कर्स दिल्ली कूच करेंगी।
मुख्य मांगें-
45वें श्रम सम्मेलन के अनुसार आशा, मिड-डे मील, आंगनबाड़ी व क्रेच वर्कर्स को स्थाई कर्मचारी का दर्जा मिले। न्यूनतम 42,000 रुपये मासिक वेतन, 12 महीने का मानदेय तथा ग्रेच्युटी व रिटायरमेंट लाभ सहित 21,000 रुपये पेंशन तय हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रद्द हो, मिड-डे मील वर्कर्स की छंटनी रुके और ऑनलाइन काम का बोझ हटाया जाए।
सीटू नेता मास्टर कुलदीप चौहान, बलजिंद्र कौर व सोनिया ने कहा कि देश की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयंसेवी कार्यकर्ता कहकर उनके श्रम का शोषण किया जा रहा है और मानदेय भी समय पर नहीं मिलता। इस मौके पर ममतेश चौहान, बॉबी, कविता, सतीश सेठी और सतपाल चौहान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। आशा और मिड-डे मील वर्करों ने मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सिटी पार्क से विरोध मार्च निकाल अंबाला के सांसद वरुण चौधरी के निवास पर पहुंचकर मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व आशा वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव कविता शर्मा और मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान ललिता खन्ना ने संयुक्त रूप से किया। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दो महीने में मांगें लागू नहीं हुईं, तो एक से तीन दिसंबर तक प्रदेशभर में हड़ताल रहेगी और एक दिसंबर को वर्कर्स दिल्ली कूच करेंगी।
मुख्य मांगें-
45वें श्रम सम्मेलन के अनुसार आशा, मिड-डे मील, आंगनबाड़ी व क्रेच वर्कर्स को स्थाई कर्मचारी का दर्जा मिले। न्यूनतम 42,000 रुपये मासिक वेतन, 12 महीने का मानदेय तथा ग्रेच्युटी व रिटायरमेंट लाभ सहित 21,000 रुपये पेंशन तय हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रद्द हो, मिड-डे मील वर्कर्स की छंटनी रुके और ऑनलाइन काम का बोझ हटाया जाए।
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सीटू नेता मास्टर कुलदीप चौहान, बलजिंद्र कौर व सोनिया ने कहा कि देश की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयंसेवी कार्यकर्ता कहकर उनके श्रम का शोषण किया जा रहा है और मानदेय भी समय पर नहीं मिलता। इस मौके पर ममतेश चौहान, बॉबी, कविता, सतीश सेठी और सतपाल चौहान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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