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Ambala News: प्रदेश में भाजपा के मंडल अध्यक्षों के चयन में उम्र चुनौती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2025 01:31 AM IST
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Age is a challenge in the selection of BJP Mandal presidents in the state
वैभव शर्मा
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अंबाला। भारतीय जनता पार्टी अब युवाओं के कंधों पर अहम जिम्मेदारियां देने जा रही है। अभी तक मंडल अध्यक्षों के चयन के लिए किसी प्रकार की उम्र की बंदिश नहीं थी, मगर पहली बार मंडल अध्यक्षों के चुनाव में उम्र की सीमा तय कर दी है।
इस बार 35 से 45 वर्ष की उम्र के व्यक्ति को ही मंडल का अध्यक्ष बनाया जाएगा। एक तरफ तो मंडल की जिम्मेदारी युवा कंधे पर देकर भाजपा मैदान में अपनी राजनैतिक बिसात बिछा रही है तो वहीं दूसरी तरफ संगठन के लिए युवा मंडल अध्यक्षों को तलाशना भी एक चुनौती से कम नहीं है। प्रदेश में 372 मंडल हैं। इसमें से अभी तक लगभग 25 प्रतिशत मंडलों के अध्यक्ष ही तय हो पाए हैं। ऐसे में अब मंडल अध्यक्षों के चयन में चंद दिनों का समय शेष है और लगभग 45 से 50 प्रतिशत तो हर हाल में मंडलों पर अध्यक्षों का चयन करना भाजपा के लिए एक चुनौती की तरह है। क्योंकि इसके बाद आगे के पदों की प्रक्रिया शुरू होगी।
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जिलाध्यक्षों की भी होगी अग्नि परीक्षा

भाजपा संगठन में केंद्रीय नेतृत्व ने जो समय दिया है उसके अनुसार मंडल अध्यक्षों का चयन 19 जनवरी तक करना होगा। इसके बाद 26 जनवरी तक जिलाध्यक्षों और 31 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष के नाम भी तय किए जाएंगे। मगर इस बार खास है कि जिलाध्यक्षाें के पिछले चुनावों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। क्योंकि भले ही केंद्र और प्रदेश में भाजपा ने सत्ता हासिल कर ली हो मगर जमीनी स्तर पर कई मजबूत सीटों का नुकसान भी हुआ है। उदाहरण के लिए अंबाला जिला को ही लें तो यहां लोकसभा चुनाव में पीएम नरेन्द्र मोदी ने रैली की थी, इसके बावजूद यह सीट भाजपा हार गई थी। इसी प्रकार जब विधानसभा चुनाव आए तो भाजपा यहां की चार सीटों में से सिर्फ अंबाला छावनी की सीट ही निकाल सकी। जबकि मुलाना, नारायणगढ़ और अंबाला सिटी तीनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। जबकि विधानसभा चुनाव में गृहमंत्री अमित शाह ने रैली की थी। ऐसे ही रिपोर्टकार्डों को प्रदेश के हर जिले में देखा जाएगा। इसी आधार पर आगे जिलाध्यक्ष का चयन होगा। वही जिलाध्यक्ष बनाने के लिए उम्र 45 से 60 वर्ष तक की तय की गई है। ऐसे में जिलाध्यक्ष पद के लिए भी दावेदारों को अग्नि परीक्षा देनी होगी। जब जिलाध्यक्षों का चयन हो जाएगा तो वह प्रदेश अध्यक्ष काे चुन सकेंगे।
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उम्र की सीमा रखने का यह है कारण

अंबाला के जिला सह चुनाव अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि उम्र की सीमा रखने का कारण है कि भाजपा अब वर्षभर कुछ न कुछ गतिविधियां कराती रही है। ऐसे में युवाओं के कंधों पर बूथों और मंडलाें की जिम्मेदारी होगी तो वह नई ऊर्जा के साथ पार्टी के लिए जमीन पर कार्य कर सकेंगे। इसी कारण उम्र की सीमा काे इस बार शामिल किया है। भाजपा में छह वर्ष तक के लिए किसी भी व्यक्ति की सदस्यता रहती है और इस समय के बाद दोबारा से सदस्यता लेनी पड़ती है। इसी प्रकार संगठन का कार्यकाल तीन साल का होता है। इस बार चार साल बाद प्रदेश में संगठन का विस्तार हो रहा है। क्योंकि एक साल चुनाव आदि के कारण वर्ष 2024 में विस्तार नहीं हो सका था।




वर्जन

नई ऊर्जा के साथ युवाओं को आगे लाकर पार्टी उन्हें राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। उम्र की सीमा पहली बार नेतृत्व ने लगाई है। अभी 25 प्रतिशत मंडलों के अध्यक्ष तय हैं। आगे दो दिनों में इस प्रक्रिया के लिए हमने समय तय किया है। इसके बाद जिलाध्यक्षों का चुनाव होगा। इन पदों पर परफाॅर्मेंस का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
-अर्चना गुप्ता, प्रदेश महामंत्री व संगठन चुनाव अधिकारी हरियाणा
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