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Ambala News: धान के बाद अब आलू व सरसों पर मौसम की मार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 02:02 AM IST
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After paddy, now potato and mustard are affected by the weather.
बराड़ा में पिछले दिनों हुई बेमौसमी बारिश के बाद खेतों में जमा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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बराड़ा। बेमौसमी बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। धान की फसल पर मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने अब अगली फसलों को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। खेतों में जलभराव और मिट्टी में अत्यधिक नमी के कारण आलू और सरसों के बीज गलने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं, मक्का और सूरजमुखी की बिजाई में देरी होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
पशुओं के हरे चारे की फसलें भी बारिश से प्रभावित हुई हैं। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ अगली फसलों की पैदावार घटने की चिंता सताने लगी है। किसान कर्मजीत सिंह और जयमल सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में आलू की बिजाई की थी। फसल अंकुरित होकर जमीन से बाहर निकलने ही वाली थी कि बारिश ने खेतों को जलमग्न कर दिया। किसानों के अनुसार, आलू की खेती में शुरुआती अवस्था बेहद संवेदनशील होती है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से बीज गलने का खतरा बढ़ गया है।
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सरसों का बीज जमीन में सड़ने का डर
किसान करनैल सिंह और धर्मबीर सिंह ने बताया कि खेतों में बोई गई सरसों अभी अंकुरण के चरण में है। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई, तो अत्यधिक नमी के कारण बीज जमीन के अंदर ही सड़ सकता है। ऐसी स्थिति में किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ सकती है, जिससे अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ेगा।
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हरे चारे की फसलें भी प्रभावित
किसान गुलजार सिंह और मदन लाल के अनुसार, पशुओं के लिए बोई गई हरे चारे की फसलें भी जलभराव से प्रभावित हुई हैं। अंकुरण के दौरान पानी जमा होने से पौधों का विकास रुक गया है। इससे आने वाले दिनों में पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है।
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मक्का और सूरजमुखी की बिजाई में देरी
किसान केसर सिंह और बीर सिंह ने बताया कि धान की कटाई के बाद क्षेत्र के कई किसान मक्का और सूरजमुखी की खेती करते हैं। खेतों में पानी भरा होने के कारण जुताई और बिजाई के लिए जमीन तैयार नहीं हो पा रही है। यदि मौसम साफ होने और खेत सूखने में अधिक समय लगा, तो बिजाई में देरी से उत्पादन और किसानों की आमदनी प्रभावित हो सकती है।

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खेतों से पानी निकलने का इंतजार
किसान कर्मजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने उम्मीदों के साथ आलू और सरसों की बिजाई की थी, लेकिन बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब मौसम साफ होने और खेतों से पानी निकलने का इंतजार है, ताकि बची हुई फसल को बचाया जा सके।
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