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अधिवक्ता बोले: हों जागरूक सामान खरीदें तो जरूर लें बिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2024 02:08 AM IST
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Advocate said: If you are conscious about buying goods then definitely take the bill.
अंबाला सिटी। विश्व उपभोक्ता दिवस पर शुक्रवार को जिला कोर्ट परिसर के अधिवक्ता चैंबर में अमर उजाला का संवाद कार्यक्रम किया। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने उपभोक्ताओं के अधिकारों के लिए अवगत कराया।
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साथ ही उपभोक्ताओं के क्या अधिकार हैं और वह कैसे उन अधिकारों को लेकर जिला उपभोक्ता कोर्ट में अपनी अपील दायर कर सकते हैं, इसको लेकर भी जानकारी दी। इस अवसर पर अधिवक्ता सीताराम बंसल, अधिवक्ता केशव शर्मा, अधिवक्ता अभिषेक बंसल, अधिवक्ता अखिल गुप्ता, अधिवक्ता सुखप्रीत सिंह ने अहम जानकारी दी।
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सामान खरीदने के बाद बिल जरूर लें
अधिवक्ता सीताराम बंसल ने बताया कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं है। जिससे वह उपभोक्ता कोर्ट तक नहीं पहुंच पाते। आजकल सबसे ज्यादा मेडिकल इंश्योरेंस, दुर्घटना क्लेम, कार कंपनी क्लेम सहित कई तरह के मामले सामने आ रहे हैं। अगर कोई उपभोक्ता किसी भी दुकान या कहीं से भी कोई सामान खरीदता है तो उसका बिल जरूर लेना चाहिए, क्योंकि वह चीज जैसे, टीवी, फ्रिज, पंखा आदि खराब होता है और दुकानदार उस सामान को वारंटी होने पर वापस या ठीक करने में आनाकानी करता है तो वह उपभोक्ता कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
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गांव स्तर पर लगाए जाएं शिविर
अधिवक्ता केशव शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए गांव स्तर पर शिविर लगाने चाहिए और सरपंचों से भी मिलना चाहिए। लोगों को खुद भी अपने अधिकारों के प्रति होना पड़ेगा, तभी वह नुकसान होने पर आर्थिक हानि होने से बच सकते हैं।
कंपनी परेशान करे तो उपभोक्ता अदालत में जाएं
अधिवक्ता अभिषेक बंसल ने बताया कि अक्सर देखने में आता है कि जब ग्राहक कार खरीदता है तो एजेंसी उसे इंश्योरेंस भी बेचती है, लेकिन जब किसी ग्राहक की कार क्षतिग्रस्त हो जाती है तो कई बार कार एजेंसी ग्राहक को इंश्योरेंस कंपनी के साथ मतभेद का हवाला देकर भुगतान करने को कहती है। इसके चलते ग्राहक को अपने भुगतान के लिए इंश्योरेंस कंपनी के चक्कर काटने पड़ते है, जबकि ग्राहक ने पूरा भुगतान करके फुल इंश्योरेंस कवर लिया होता है। ऐसे मामलों में ग्राहक उपभोक्ता अदालत में एजेंसी और इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत दे सकता है।
जागरूकता का स्तर बढ़ाने के आवश्यकता

अधिवक्ता अखिल गुप्ता ने बताया कि ग्राहकों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह शिविर तो लगाए जाते है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इनका कम प्रभाव होता है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के सरपंच से बातचीत कर उसे ग्राहक जागरूकता के तहत ग्राहकों के अधिकारों के बारे में बताना चाहिए। जिससे वह अपने गांव के लोगों को भी अधिकारों के बारे में अवगत करवा सके।

स्वास्थ्य इंश्योरेंस के मामलों में बढ़ोतरी
अधिवक्ता सुखप्रीत सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य इंश्योरेंस संबंधित कंपनी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्वास्थ्य इंश्योरेंस कंपनी ग्राहक को पहले पॉलिसी बेचती है, लेकिन क्लेम देने के समय किसी न किसी शर्तों का हवाला देकर उन्हें क्लेम का भुगतान नहीं करती। ऐसे में ग्राहक अपने भुगतान के लिए अदालत में अर्जी लगा सकता है।
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