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75 वर्षीय कृष्ण ने मरणोपरांत रिसर्च के लिए दान किया शरीर
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मेडिकल रिसर्च के लिए अपना शरीर दान करने वाले कृष्ण कुमार
- फोटो : Ambala
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अंबाला। शहर निवासी 75 वर्षीय कृष्ण कुमार ने मरने के उपरांत मेडिकल रिसर्च के लिए अपना शरीर एमएम मेडिकल रिसर्च कॉलेज मुलाना में दान किया। शहर ब्लॉक के सभी शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सदस्यों ने मिलकर उनके शरीर व गाड़ी को फूल-मालाओं से सजाया और सलामी दी। कृष्ण कुमार की दोनों बेटियों ने उनकी अर्थी को कंधा दिया। बता दें कि कृष्ण कुमार का एक बेटा भी है जो दिव्यांग है।
कृष्ण कुमार इंसा ने आठ साल फौज में बतौर क्लर्क के रूप में सेवा की। बाद में वह फूड एंड सप्लाई विभाग हरियाणा में 33 साल तक क्लेरिकल सेवा में कार्यरत रहे। सेवानिवृत्ति के बाद कृष्ण कुमार ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा में ग्रंथ विभाग में सेवा ली। उनके मित्र रामसरुप इंसा ने बताया कि कृष्ण कुमार अपने जीवन काल में सभी की मदद किया करते थे। समझाया करते थे कि इस शरीर ने मरने के बाद मिट्टी हो जाना है, क्यों न इसे दान कर दिया जाए, ताकि डॉक्टर इस पर रिसर्च करके मानवता की सेवा कर सके। इसलिए मेरा शरीर भी मेरी मृत्यु के बाद मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर देना।
15 साल से थी शुगर की बीमारी
कृष्ण कुमार लगभग 15 वर्षों से शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। उन्होंने अपना शरीर दान करने का फार्म भरवा रखा था। सोमवार को उनकी हालत खराब हुई तो परिवार वालों ने शहर के अस्पताल में उन्हें दाखिल करवाया। उन्होंने करीब एक बजकर 30 मिनट पर आखिरी सांस ली। उनके परिवार के सदस्यों ने ब्लॉक अंबाला शहर के जिम्मेदार भाइयों से बात कर मुलाना मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में शरीर दान करवाया।
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कृष्ण कुमार इंसा ने आठ साल फौज में बतौर क्लर्क के रूप में सेवा की। बाद में वह फूड एंड सप्लाई विभाग हरियाणा में 33 साल तक क्लेरिकल सेवा में कार्यरत रहे। सेवानिवृत्ति के बाद कृष्ण कुमार ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा में ग्रंथ विभाग में सेवा ली। उनके मित्र रामसरुप इंसा ने बताया कि कृष्ण कुमार अपने जीवन काल में सभी की मदद किया करते थे। समझाया करते थे कि इस शरीर ने मरने के बाद मिट्टी हो जाना है, क्यों न इसे दान कर दिया जाए, ताकि डॉक्टर इस पर रिसर्च करके मानवता की सेवा कर सके। इसलिए मेरा शरीर भी मेरी मृत्यु के बाद मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर देना।
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15 साल से थी शुगर की बीमारी
कृष्ण कुमार लगभग 15 वर्षों से शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। उन्होंने अपना शरीर दान करने का फार्म भरवा रखा था। सोमवार को उनकी हालत खराब हुई तो परिवार वालों ने शहर के अस्पताल में उन्हें दाखिल करवाया। उन्होंने करीब एक बजकर 30 मिनट पर आखिरी सांस ली। उनके परिवार के सदस्यों ने ब्लॉक अंबाला शहर के जिम्मेदार भाइयों से बात कर मुलाना मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में शरीर दान करवाया।

मेडिकल रिसर्च के लिए अपना शरीर दान करने वाले कृष्ण कुमार के शव के साथ समाजेसवी- फोटो : Ambala
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