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मामला गुरुग्राम में डेंगू से बच्चे की मौत के बाद वसूले गए लाखों के बिल का
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:41 PM IST
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स्वास्थ्य मंत्री से की मृतक बच्चे के पिता ने शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में डेंगू से हुई शौर्य प्रताप की मौत का मामला अब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के संज्ञान पहुंच चुका है। मृतक बच्चे के पिता ने स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही और वसूले गए लगभग 15 लाख के बिल की शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले अस्पताल में उसके डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वही मंत्री ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंगलवार को अंबाला पहुंचे बच्चे के पिता मंत्री विज के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। करीबन तीन हफ्ते तक मेदांता अस्पताल में डेंगू से जूझने वाले शौर्य प्रताप के पिता गोपेंद्र सिंह अस्पताल द्वारा दिए गए लगभग 15 लाख रुपये के बिल सहित मंत्री से मिले और उन्हें अस्पताल और उनके डॉक्टरों की लापरवाही बारे बताया। मृतक बच्चे के पिता ने मांग की कि उनके बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने और उसके बाद लाखों रुपये का बिल वसूलने वाले अस्पताल प्रशासन की गहराई से जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। गोपेंद्र का कहना है कि अस्पताल ने 21 दिन इलाज के बाद जब उनके बेटे की हालत ज्यादा बिगड़ गई तो उन्हें किसी अन्य अस्पताल में रेफर करने की बात की। आनन फानन में बेटे को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाना पड़ा परंतु इसी दौरान बेटे शौर्या प्रताप की मौत हो गई। मौत के बावजूद उनसे लाखों रुपये का बिल भी वसूला। गोपेंद्र का आरोप है कि जो दवाइयां बच्चे को दी गई उनके रेट बाजार से काफी अधिक लिए गए। गोपेंद्र ने कहा कि उन्होंने बेटे के इलाज के लिए अपना मकान भी गिरवी रख दिया था फिर भी उसे नहीं बचाया जा सका। बता दें कि नवंबर माह में शौर्य प्रताप की मौत हुई थी जिसके बाद मामले संज्ञान में आया था।
यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है और जांच के बाद में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। निजी अस्पतालों की मनमानी और मरीजों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में डेंगू से हुई शौर्य प्रताप की मौत का मामला अब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के संज्ञान पहुंच चुका है। मृतक बच्चे के पिता ने स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही और वसूले गए लगभग 15 लाख के बिल की शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले अस्पताल में उसके डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वही मंत्री ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंगलवार को अंबाला पहुंचे बच्चे के पिता मंत्री विज के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। करीबन तीन हफ्ते तक मेदांता अस्पताल में डेंगू से जूझने वाले शौर्य प्रताप के पिता गोपेंद्र सिंह अस्पताल द्वारा दिए गए लगभग 15 लाख रुपये के बिल सहित मंत्री से मिले और उन्हें अस्पताल और उनके डॉक्टरों की लापरवाही बारे बताया। मृतक बच्चे के पिता ने मांग की कि उनके बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने और उसके बाद लाखों रुपये का बिल वसूलने वाले अस्पताल प्रशासन की गहराई से जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। गोपेंद्र का कहना है कि अस्पताल ने 21 दिन इलाज के बाद जब उनके बेटे की हालत ज्यादा बिगड़ गई तो उन्हें किसी अन्य अस्पताल में रेफर करने की बात की। आनन फानन में बेटे को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाना पड़ा परंतु इसी दौरान बेटे शौर्या प्रताप की मौत हो गई। मौत के बावजूद उनसे लाखों रुपये का बिल भी वसूला। गोपेंद्र का आरोप है कि जो दवाइयां बच्चे को दी गई उनके रेट बाजार से काफी अधिक लिए गए। गोपेंद्र ने कहा कि उन्होंने बेटे के इलाज के लिए अपना मकान भी गिरवी रख दिया था फिर भी उसे नहीं बचाया जा सका। बता दें कि नवंबर माह में शौर्य प्रताप की मौत हुई थी जिसके बाद मामले संज्ञान में आया था।
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यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है और जांच के बाद में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। निजी अस्पतालों की मनमानी और मरीजों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा