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- अंबाला में मल्टी लेवल पार्किंग -
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:17 AM IST
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फोटो नंबर :: 01 से 04
मल्टी लेवल पार्किंग को लेकर दो दशक से परेशानी झेल रहे ट्विन सिटी के निवासी
- अंबाला कैंट के लिए पार्किंग की योजनाएं, लेकिन अंबाला सिटी में कुछ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ट्विन सिटी में सिरदर्द बनती जा रही पार्किंग कैंट में जहां हल होती दिख रही है, वहीं अंबाला सिटी में अभी भी यह समस्या बरकरार है। अंबाला कैंट के लिए पार्किंग को लेकर जहां बड़ी योजना को हरी झंडी मिली है, वहीं सिटी के लिए अभी लोगों को इंतजार है। यहां यह भी दिखाई दे रहा है कि कैंट की तमाम योजनाएं जहां राहत नहीं दिला पा रही हैं, वहीं सिटी के भी ऐसे ही हालात हैं।
यह हैं अंबाला कैंट के हालात
अंबाला कैंट में सात पार्किंग : नगर निगम द्वारा बनाई गई राय मार्केट की बैकसाइड, रेलवे रोड और रामबाग रोड दशहरा मैदान की पार्किंग है। इसके अलावा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के आसपास दो पार्किंग।
अंबाला कैंट में सात पार्किंग हैं, लेकिन बावजूद इसके बाजारों के हालात बदतर हैं। बाजारों में बेतरतीब वाहन खड़े हो रहे हैं, जबकि तमाम कोशिशों के बावजूद स्थिति नहीं सुधर रही है। लगभग हर बाजार में इसी तरह से ट्रैफिक के हालात बिगड़े हुए हैं। बाजारों में बनाई गई पीली पट्टी के बाहर तक वाहन खड़ा हो रहे हैं, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं है।
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यह हैं पार्किंग योजनाओं के फेल होने के कारण
- कैंट में नगर निगम की तीन पार्किंग में वाहनों की सिक्योरिटी कुछ भी नहीं है
- जिन बाजारों अथवा क्षेत्रों में यह पार्किंग हैं, वहां के चुनिंदा लोग ही इसका इस्तेमाल करते हैं
- जहां पर यह पार्किंग हैं, अधिकतर लोगों के आफिस या दुकानों अथवा शोरूम काफी दूर हैं
- पार्किंग में वाहन खड़ा करके बाजार में पैदल कोई नहीं आना चाहता
- तीनों पार्किंग में चुनिंदा वाहन ही खड़े होते हैं, जबकि कई बार तो व्यवसायिक वाहन ज्यादा होते हैं
- बाजारों में जहां पीली पट्टी हैं, वहां दुकानदारों ने समान सजाकर अतिक्रमण किया है
इस तरह से कैंट को निजात दिलाने की कोशिश
- अंबाला कैंट में विजय रतन चौक के पास गुड़गुड़िया नाले के ऊपर कबाड़ी बाजार तक मल्टी लेवल पार्किंग बनेगी, जिस पर साढ़े दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। लगभग 700 फुट लंबे व 60 फुट चौड़े स्थान पर बनने वाली इस पार्किंग का रैंप 8 मीटर चौड़ा होगा। वाहनों के प्रवेश के लिए पहला रास्ता विजय रतन चौक के पास होटल के साथ और दूसरा रास्ता पुराने लोकल बस अड्डे से बनेगा जाएगा। पहला फ्लोर भूमि से 10 फुट ऊंचा होगा, जबकि 300 वाहन खड़े हो सकेंगे।
- अंबाला कैंट के गांधी मैदान के पास बैंक स्कवायर बनाया जाएगा। यहां पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग होगी, जिसमें बैंक कार्यालय शिफ्ट होंगे, जबकि अंडर ग्राउंड भी कार्यालय बनाए जाएंगे। दावा है कि कैंट के भीड़ भरे बाजारों से बैंक कार्यालय हटने के बाद ट्रैफिक व पार्किंग की समस्या काफी कम होगी।
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यह हैं अंबाला सिटी के हालात
अंबाला सिटी में चार पार्किंग : बस स्टैंड, सिविल अस्पताल, रेलवे स्टेशन, कोर्ट परिसर
अंबाला सिटी में चार पार्किंग हैं, लेकिन नगर निगम के तहत आने वाली कोई पार्किंग नहीं हैं। खास बात है कि इन पार्किंग में वे ही लोग अपने वाहन खड़ा करते हैं, जो यहां पर अपने काम से आते हैं। इन में कर्मचारी से लेकर मरीजों के तीमारदार, डेली पैसेंजर शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कहीं पर भी पार्किंग की योजना तक नहीं बनी हैं। स्थिति यह है कि बाजारों में ट्रैफिक का लोड है, जबकि कई बार तो बाजारों में वाहन निकालने का वक्त तक नहीं दिया। कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और इनको कुछ घंटों की राहत के बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
ऐसे झेल रही है जनता
अंबाला सिटी में पार्किंग की समस्या को लेकर कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है। रेलवे स्टेशन की पार्किंग सिटी के एक कोने में है, जबकि अन्य पार्किंग का इस्तेमाल आम जनता नहीं करती। सिटी के भीतरी बाजार इस कदर संकरे हैं कि यहां हर समय जाम की स्थिति लगी रहती है। जो उपलब्ध पार्किंग हैं, वे लोगों के कार्यालयों या दुकानों से कहीं दूर हैं।
ट्विन सिटी में पार्किंग प्लानिंग
- साल 2004 में सड़कों के बीच लोहे के छोटे पोल लगाए गए, जिन्हें बाद में हटाना पड़ा
- साल 2007 में तत्कालीन एसपी की ओर से अंबाला कैंट व सिटी के बाजारों में पीली पट्टी लगाई गई
- पीली पट्टी के साथ ही पुलिस द्वारा प्लास्टिक के कोण लोहे के पेच द्वारा सड़कों पर फिक्स किए गए
- पार्किंग के लिए लगाए गए प्लास्टिक के कोण का फार्मूला कामयाब नहीं रहा, जिस पर इनको हटा दिया गया।
यह कहते हैं लोग
अंबाला कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, रविंदर बख्शी, सिद्धार्थ गुप्ता, युवराज, सिटी के जसपाल सिंह, रूप लाल, चिरंजीव शर्मा का कहना है कि पार्किंग को लेकर जो भी योजना बनाते हैं, उनमें सबसे पहले वाहन की सिक्योरिटी का ध्यान रखना होगा। कैंट में यह न होने के कारण ही असर साफ दिखता है, जहां सिक्योरिटी है, वहां पर वाहन हैं। सबसे अहम यह है कि यह प्लानिंग तो उसी समय हो जानी चाहिए थी, जब कैंटोनमेंट बोर्ड से नगर परिषद अलग हुई थी।
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अंबाला कैंट के लिए मल्टी लेवल पार्किंग के प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। इसी को लेकर काम शुरू किया गया है और जल्द ही इसका निर्माण भी शुरू हो जाएगा। करीब साढ़े दस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह पार्किंग कैंट को राहत प्रदान करेगी।
- हरीश कुमार, एमई नगर निगम अंबाला
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मल्टी लेवल पार्किंग को लेकर दो दशक से परेशानी झेल रहे ट्विन सिटी के निवासी
- अंबाला कैंट के लिए पार्किंग की योजनाएं, लेकिन अंबाला सिटी में कुछ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ट्विन सिटी में सिरदर्द बनती जा रही पार्किंग कैंट में जहां हल होती दिख रही है, वहीं अंबाला सिटी में अभी भी यह समस्या बरकरार है। अंबाला कैंट के लिए पार्किंग को लेकर जहां बड़ी योजना को हरी झंडी मिली है, वहीं सिटी के लिए अभी लोगों को इंतजार है। यहां यह भी दिखाई दे रहा है कि कैंट की तमाम योजनाएं जहां राहत नहीं दिला पा रही हैं, वहीं सिटी के भी ऐसे ही हालात हैं।
यह हैं अंबाला कैंट के हालात
अंबाला कैंट में सात पार्किंग : नगर निगम द्वारा बनाई गई राय मार्केट की बैकसाइड, रेलवे रोड और रामबाग रोड दशहरा मैदान की पार्किंग है। इसके अलावा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के आसपास दो पार्किंग।
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अंबाला कैंट में सात पार्किंग हैं, लेकिन बावजूद इसके बाजारों के हालात बदतर हैं। बाजारों में बेतरतीब वाहन खड़े हो रहे हैं, जबकि तमाम कोशिशों के बावजूद स्थिति नहीं सुधर रही है। लगभग हर बाजार में इसी तरह से ट्रैफिक के हालात बिगड़े हुए हैं। बाजारों में बनाई गई पीली पट्टी के बाहर तक वाहन खड़ा हो रहे हैं, लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं है।
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यह हैं पार्किंग योजनाओं के फेल होने के कारण
- कैंट में नगर निगम की तीन पार्किंग में वाहनों की सिक्योरिटी कुछ भी नहीं है
- जिन बाजारों अथवा क्षेत्रों में यह पार्किंग हैं, वहां के चुनिंदा लोग ही इसका इस्तेमाल करते हैं
- जहां पर यह पार्किंग हैं, अधिकतर लोगों के आफिस या दुकानों अथवा शोरूम काफी दूर हैं
- पार्किंग में वाहन खड़ा करके बाजार में पैदल कोई नहीं आना चाहता
- तीनों पार्किंग में चुनिंदा वाहन ही खड़े होते हैं, जबकि कई बार तो व्यवसायिक वाहन ज्यादा होते हैं
- बाजारों में जहां पीली पट्टी हैं, वहां दुकानदारों ने समान सजाकर अतिक्रमण किया है
इस तरह से कैंट को निजात दिलाने की कोशिश
- अंबाला कैंट में विजय रतन चौक के पास गुड़गुड़िया नाले के ऊपर कबाड़ी बाजार तक मल्टी लेवल पार्किंग बनेगी, जिस पर साढ़े दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। लगभग 700 फुट लंबे व 60 फुट चौड़े स्थान पर बनने वाली इस पार्किंग का रैंप 8 मीटर चौड़ा होगा। वाहनों के प्रवेश के लिए पहला रास्ता विजय रतन चौक के पास होटल के साथ और दूसरा रास्ता पुराने लोकल बस अड्डे से बनेगा जाएगा। पहला फ्लोर भूमि से 10 फुट ऊंचा होगा, जबकि 300 वाहन खड़े हो सकेंगे।
- अंबाला कैंट के गांधी मैदान के पास बैंक स्कवायर बनाया जाएगा। यहां पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग होगी, जिसमें बैंक कार्यालय शिफ्ट होंगे, जबकि अंडर ग्राउंड भी कार्यालय बनाए जाएंगे। दावा है कि कैंट के भीड़ भरे बाजारों से बैंक कार्यालय हटने के बाद ट्रैफिक व पार्किंग की समस्या काफी कम होगी।
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यह हैं अंबाला सिटी के हालात
अंबाला सिटी में चार पार्किंग : बस स्टैंड, सिविल अस्पताल, रेलवे स्टेशन, कोर्ट परिसर
अंबाला सिटी में चार पार्किंग हैं, लेकिन नगर निगम के तहत आने वाली कोई पार्किंग नहीं हैं। खास बात है कि इन पार्किंग में वे ही लोग अपने वाहन खड़ा करते हैं, जो यहां पर अपने काम से आते हैं। इन में कर्मचारी से लेकर मरीजों के तीमारदार, डेली पैसेंजर शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कहीं पर भी पार्किंग की योजना तक नहीं बनी हैं। स्थिति यह है कि बाजारों में ट्रैफिक का लोड है, जबकि कई बार तो बाजारों में वाहन निकालने का वक्त तक नहीं दिया। कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और इनको कुछ घंटों की राहत के बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
ऐसे झेल रही है जनता
अंबाला सिटी में पार्किंग की समस्या को लेकर कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है। रेलवे स्टेशन की पार्किंग सिटी के एक कोने में है, जबकि अन्य पार्किंग का इस्तेमाल आम जनता नहीं करती। सिटी के भीतरी बाजार इस कदर संकरे हैं कि यहां हर समय जाम की स्थिति लगी रहती है। जो उपलब्ध पार्किंग हैं, वे लोगों के कार्यालयों या दुकानों से कहीं दूर हैं।
ट्विन सिटी में पार्किंग प्लानिंग
- साल 2004 में सड़कों के बीच लोहे के छोटे पोल लगाए गए, जिन्हें बाद में हटाना पड़ा
- साल 2007 में तत्कालीन एसपी की ओर से अंबाला कैंट व सिटी के बाजारों में पीली पट्टी लगाई गई
- पीली पट्टी के साथ ही पुलिस द्वारा प्लास्टिक के कोण लोहे के पेच द्वारा सड़कों पर फिक्स किए गए
- पार्किंग के लिए लगाए गए प्लास्टिक के कोण का फार्मूला कामयाब नहीं रहा, जिस पर इनको हटा दिया गया।
यह कहते हैं लोग
अंबाला कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, रविंदर बख्शी, सिद्धार्थ गुप्ता, युवराज, सिटी के जसपाल सिंह, रूप लाल, चिरंजीव शर्मा का कहना है कि पार्किंग को लेकर जो भी योजना बनाते हैं, उनमें सबसे पहले वाहन की सिक्योरिटी का ध्यान रखना होगा। कैंट में यह न होने के कारण ही असर साफ दिखता है, जहां सिक्योरिटी है, वहां पर वाहन हैं। सबसे अहम यह है कि यह प्लानिंग तो उसी समय हो जानी चाहिए थी, जब कैंटोनमेंट बोर्ड से नगर परिषद अलग हुई थी।
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अंबाला कैंट के लिए मल्टी लेवल पार्किंग के प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। इसी को लेकर काम शुरू किया गया है और जल्द ही इसका निर्माण भी शुरू हो जाएगा। करीब साढ़े दस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह पार्किंग कैंट को राहत प्रदान करेगी।
- हरीश कुमार, एमई नगर निगम अंबाला