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नया कानून बनाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से विज ने की बात
Updated Fri, 24 Nov 2017 02:30 AM IST
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नया कानून बनाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से विज ने की बातचीत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
इलाज के नाम पर ‘फाइव स्टार’ सुविधाएं और ट्रीटमेंट देकर मोटी राशि का बिल बनाने वाले निजी अस्पतालों को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात करके कड़े कदम उठाने की अपील की है। यदि सरकार की प्लानिंग सिरे चढ़ गई तो यह देश में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। फिलहाल इस मामले में कोई कानून न होने की वजह से सरकार के हाथ बंधे हुए हैं। ज्ञात रहे कि गुरुग्राम के एक नामी अस्पताल में डेंगू की वजह से एक बच्ची की गत दिवस मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने बच्ची के परिजनों को लगभग 16 लाख रुपयों का बिल थमा दिया था। मामला उछला तो केंद्र और हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्रियों ने इस बारे में रिपोर्ट मांगी। मामले में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने तुरंत एडीजी हेल्थ की अगुवाई में तीन टीम गठित करके जांच शुरू कर दी है। विज ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत करके संसद में प्रस्ताव लाने की पैरवी की है। मंत्री विज भी मानते हैं कि फिलहाल कोई ऐसा कानून नही है जिसकी तर्ज पर इन अस्पतालों पर शिकंजा कसा जा सके। इसलिए केंद्र सरकार से बात करके नया कानून बनवाए जाने पर बात की जा रही है ताकि इलाज के नाम पर कोई लूट न हो सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
इलाज के नाम पर ‘फाइव स्टार’ सुविधाएं और ट्रीटमेंट देकर मोटी राशि का बिल बनाने वाले निजी अस्पतालों को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात करके कड़े कदम उठाने की अपील की है। यदि सरकार की प्लानिंग सिरे चढ़ गई तो यह देश में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। फिलहाल इस मामले में कोई कानून न होने की वजह से सरकार के हाथ बंधे हुए हैं। ज्ञात रहे कि गुरुग्राम के एक नामी अस्पताल में डेंगू की वजह से एक बच्ची की गत दिवस मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने बच्ची के परिजनों को लगभग 16 लाख रुपयों का बिल थमा दिया था। मामला उछला तो केंद्र और हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्रियों ने इस बारे में रिपोर्ट मांगी। मामले में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने तुरंत एडीजी हेल्थ की अगुवाई में तीन टीम गठित करके जांच शुरू कर दी है। विज ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत करके संसद में प्रस्ताव लाने की पैरवी की है। मंत्री विज भी मानते हैं कि फिलहाल कोई ऐसा कानून नही है जिसकी तर्ज पर इन अस्पतालों पर शिकंजा कसा जा सके। इसलिए केंद्र सरकार से बात करके नया कानून बनवाए जाने पर बात की जा रही है ताकि इलाज के नाम पर कोई लूट न हो सके।