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- शिक्षा विभाग के एसडी विद्या स्कूल को आदेश -
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:55 AM IST
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दसवीं पास कर चुके विद्यार्थियों को दें दाखिला, नहीं तो कार्रवाई’
अंबाला कैंट।
जिला शिक्षा अधिकारी ने पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सीएम विंडो पर दी गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसडी विद्या स्कूल की प्रधानाचार्य को निर्देश दिए हैं कि दसवीं पास कर चुके बच्चों को 11वीं कक्षा में नियम अनुसार प्रवेश दिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि आदेशों की पालना न होने पर यदि स्कूल का माहौल या कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो स्कूल जिम्मेदार होगा। पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सीएम विंडो पर स्कूल की निदेशक/प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दी थी कि स्कूल में दसवीं पास कर चुके कई बच्चों को 11वीं कक्षा में दाखिला नहीं दिया जा रहा है। स्कूल का कहना है कि बकाया फीस को लेकर यह कदम उठाया गया है। इसी को लेकर एसोसिएशन ने यह शिकायत सीएम विंडो पर दी थी। इसी शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग ने स्कूल की प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। इस में कहा गया है कि स्कूल पिछले साल भी बच्चों को 11वीं कक्षा में दाखिला देने के निर्देश दिए गए थे, परंतु इस साल भी यह मामला सामने आया है। ऐसे में स्कूल द्वारा शिक्षा नियमावली 2003 के नियम 133 का उल्लंघन किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा कि जिस कारण से बच्चों को 11वीं में दाखिला नहीं दिया जा रहा है, वह मामला अतिरिक्त प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, हरियाणा चंडीगढ़ के विचाराधीन है। इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को निर्देश जारी किए हैं कि अभिभावकों को दाखिले से संबंधित किसी प्रकार से परेशान न किया जाए। साथ ही यह भी चेताया गया है कि यदि निर्देशों की पालना न होने के कारण स्कूल का माहौल या कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो इसके लिए स्कूल जिम्मेदार होगा। पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अजय गुप्ता का कहना है कि मामला जब अधिकारी के पास विचाराधीन है, तो स्कूल मनमानी नहीं कर सकता। दसवीं पास बच्चों को 11वीं में दाखिला न देना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। स्कूल को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्देशों पर अमल नहीं होता, नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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अंबाला कैंट।
जिला शिक्षा अधिकारी ने पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सीएम विंडो पर दी गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसडी विद्या स्कूल की प्रधानाचार्य को निर्देश दिए हैं कि दसवीं पास कर चुके बच्चों को 11वीं कक्षा में नियम अनुसार प्रवेश दिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि आदेशों की पालना न होने पर यदि स्कूल का माहौल या कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो स्कूल जिम्मेदार होगा। पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सीएम विंडो पर स्कूल की निदेशक/प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दी थी कि स्कूल में दसवीं पास कर चुके कई बच्चों को 11वीं कक्षा में दाखिला नहीं दिया जा रहा है। स्कूल का कहना है कि बकाया फीस को लेकर यह कदम उठाया गया है। इसी को लेकर एसोसिएशन ने यह शिकायत सीएम विंडो पर दी थी। इसी शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग ने स्कूल की प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। इस में कहा गया है कि स्कूल पिछले साल भी बच्चों को 11वीं कक्षा में दाखिला देने के निर्देश दिए गए थे, परंतु इस साल भी यह मामला सामने आया है। ऐसे में स्कूल द्वारा शिक्षा नियमावली 2003 के नियम 133 का उल्लंघन किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा कि जिस कारण से बच्चों को 11वीं में दाखिला नहीं दिया जा रहा है, वह मामला अतिरिक्त प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, हरियाणा चंडीगढ़ के विचाराधीन है। इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को निर्देश जारी किए हैं कि अभिभावकों को दाखिले से संबंधित किसी प्रकार से परेशान न किया जाए। साथ ही यह भी चेताया गया है कि यदि निर्देशों की पालना न होने के कारण स्कूल का माहौल या कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो इसके लिए स्कूल जिम्मेदार होगा। पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अजय गुप्ता का कहना है कि मामला जब अधिकारी के पास विचाराधीन है, तो स्कूल मनमानी नहीं कर सकता। दसवीं पास बच्चों को 11वीं में दाखिला न देना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। स्कूल को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्देशों पर अमल नहीं होता, नियमानुसार कार्रवाई होगी।