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घपले का आरोपी बीडीपीओ दो साल बाद तलब
डबवाली (सिरसा)/ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2013 09:49 PM IST
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कुछ ग्रामीणों द्वारा 2011 में तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राम सिंह पर खालों के निर्माण, मनरेगा और गांवों की सफाई के लिए आए लाखों रुपये में भारी घपला करने का आरोप लगाया गया था। दो साल बाद उपमंडलाधीश ने बीडीपीओ को 31 अक्तूबर को अपना पक्ष रखने के लिए कार्यालय में तलब किया है।
2011 में प्यारे लाल, देवराज और रानी आदि ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि सरकार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डबवाली के कार्यालय में खाले बनाने के लिए करोड़ों रुपये की राशि दी थी लेकिन तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राम सिंह ने सरकार के नियुक्त जेई द्वारा काम न करवाकर निजी अभियंताओं से काम करवाया। जिसमें उपरोक्त अधिकारी ने मोटा घपला किया है।
इसमें कई नेताओं का भी हाथ है। 2011 में ही आशा रानी, वरुण, राजेश आदि ने एक शिकायत कर आरोप लगाया था कि सरकार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में मनरेगा स्कीम के तहत काम करवाने के लिए राशि भेजी थी लेकिन उक्त अधिकारी ने गांव के सरपंचों और पंचायत सचिवों के साथ मिलकर काम करवाया। जिसमें उक्त पंचायत अधिकारी, सरपंच तथा पंचायत सचिव ने काम न करवाकर घपले को अंजाम दिया है। 2011 में ही मनीष, कपिल कुमार, सुमन, राजन आदि ने सीएम को एक शिकायत भेजी थी।
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जिसमें तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राम सिंह पर गांवों में सफाई करवाने के नाम पर घपला करने का आरोप लगाया था। इन तीनों ही शिकायतों में शिकायतकर्ताओं ने अपने पते नहीं दिए। शिकायतें भी साल 2011 में की गई हैं।
दो साल बाद अब सरकार ने शिकायतों के आधार पर मामलों की जांच करवाने के आदेश दिए हैं। उपमंडल अधिकारी डबवाली को उपायुक्त सिरसा ने पत्र क्रमांक 1265/विकास दिनांक नौ अक्तूबर 2013 और वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव हरियाणा सरकार, विकास एवं पंचायत विभाग के पत्र क्रमांक 550-5-ईसीडी-1/11/3927 13 अप्रैल 2011 के साथ भेजकर उक्त मामले की जांच करके रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत उन्होंने संबंधित पक्षों को पत्र भेजकर जांच में शामिल होने के लिए 31 अक्तूबर को अपनी शिकायत के संबंध में शपथ पत्र सहित जांच में हाजिर होने के लिए कहा है।
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2011 में प्यारे लाल, देवराज और रानी आदि ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि सरकार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डबवाली के कार्यालय में खाले बनाने के लिए करोड़ों रुपये की राशि दी थी लेकिन तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राम सिंह ने सरकार के नियुक्त जेई द्वारा काम न करवाकर निजी अभियंताओं से काम करवाया। जिसमें उपरोक्त अधिकारी ने मोटा घपला किया है।
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इसमें कई नेताओं का भी हाथ है। 2011 में ही आशा रानी, वरुण, राजेश आदि ने एक शिकायत कर आरोप लगाया था कि सरकार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में मनरेगा स्कीम के तहत काम करवाने के लिए राशि भेजी थी लेकिन उक्त अधिकारी ने गांव के सरपंचों और पंचायत सचिवों के साथ मिलकर काम करवाया। जिसमें उक्त पंचायत अधिकारी, सरपंच तथा पंचायत सचिव ने काम न करवाकर घपले को अंजाम दिया है। 2011 में ही मनीष, कपिल कुमार, सुमन, राजन आदि ने सीएम को एक शिकायत भेजी थी।
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जिसमें तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राम सिंह पर गांवों में सफाई करवाने के नाम पर घपला करने का आरोप लगाया था। इन तीनों ही शिकायतों में शिकायतकर्ताओं ने अपने पते नहीं दिए। शिकायतें भी साल 2011 में की गई हैं।
दो साल बाद अब सरकार ने शिकायतों के आधार पर मामलों की जांच करवाने के आदेश दिए हैं। उपमंडल अधिकारी डबवाली को उपायुक्त सिरसा ने पत्र क्रमांक 1265/विकास दिनांक नौ अक्तूबर 2013 और वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव हरियाणा सरकार, विकास एवं पंचायत विभाग के पत्र क्रमांक 550-5-ईसीडी-1/11/3927 13 अप्रैल 2011 के साथ भेजकर उक्त मामले की जांच करके रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत उन्होंने संबंधित पक्षों को पत्र भेजकर जांच में शामिल होने के लिए 31 अक्तूबर को अपनी शिकायत के संबंध में शपथ पत्र सहित जांच में हाजिर होने के लिए कहा है।