Viral: समय पर ऑफिस से निकलने पर CEO ने दी 'मालिक की तरह सोचने' की सलाह, Gen Z के जवाब ने छेड़ी नई बहस
समय पर ऑफिस छोड़ना Gen Z कर्मचारी के लिए बना बहस का मुद्दा। CEO की एक सलाह और कर्मचारी के पलटकर दिए जवाब ने सोशल मीडिया पर काम, जिम्मेदारी और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।
विस्तार
सुबह 9 बजे ऑफिस पहुंचना, दिनभर अपना काम करना और शाम होते ही समय पर घर निकल जाना... सुनने में तो यह बिल्कुल सामान्य कामकाजी दिन लगता है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में एक Gen Z कर्मचारी का यही अंदाज उसके CEO को पसंद नहीं आया। CEO ने उसे सलाह दी कि अगर कंपनी में आगे बढ़ना है तो कर्मचारी की तरह नहीं, बल्कि मालिक की तरह सोचना होगा। कर्मचारी ने भी ऐसा जवाब दिया कि मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
वायरल पोस्ट के मुताबिक, यह कर्मचारी रोज सुबह 9 बजे शुरू होने वाले काम से पहले ऑफिस पहुंच जाता है। लेकिन शाम करीब 4:50 बजे वह अपना काम समेटना शुरू कर देता है। कंप्यूटर बंद करता है और ठीक 5 बजे ऑफिस से निकल जाता है। न एक मिनट पहले और न एक मिनट बाद।
यही बात कंपनी के CEO को परेशान कर रही थी। CEO ने कर्मचारी से कहा कि अगर वह कंपनी में आगे बढ़ना चाहता है तो उसे सिर्फ कर्मचारी की तरह नहीं सोचना चाहिए। उसे कंपनी को अपना मानकर काम करना चाहिए और सिर्फ घड़ी देखकर ऑफिस से नहीं निकलना चाहिए। CEO का तर्क था कि जब तक काम पूरा न हो जाए, तब तक रुकना चाहिए। साथ ही कर्मचारी को सिर्फ उसकी तय जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कंपनी के भविष्य की भी चिंता करनी चाहिए।
Gen Z कर्मचारी ने अपने अंदाज में दिया जवाब
Gen Z कर्मचारी ने इस बात को अपने ही अंदाज में पलट दिया। उसने CEO से पूछा- अगर आप चाहते हैं कि मैं मालिक की तरह सोचूं, तो क्या आप मुझे कंपनी का 50 फीसदी हिस्सा देने के लिए तैयार हैं?
उसका कहना था कि मालिक और कर्मचारी के बीच सबसे बड़ा फर्क सिर्फ जिम्मेदारी का नहीं, बल्कि हिस्सेदारी का भी है। मालिक कंपनी में पैसा और जोखिम लगाता है, बड़े फैसले लेता है और कंपनी को होने वाले फायदे में भी उसका हिस्सा होता है। वहीं कर्मचारी तय वेतन पर काम करता है। बस, यही जवाब सोशल मीडिया पर बहस की वजह बन गया। जिस यूजर ने इस घटना को एक्स पर साझा किया, उसने सवाल उठाया कि अगर किसी कर्मचारी से मालिक जैसी जिम्मेदारी और लगाव की उम्मीद की जा रही है, तो क्या उसे मालिक जैसा फायदा भी मिलना चाहिए?
One of my Gen Z coworkers has a routine that drives our CEO crazy. Every afternoon, around 4:50 PM, he starts wrapping things up, shuts down his computer, and at exactly 5:00 PM, he’s out the door.
— Mario, PT (@Mario_Sneh) September 29, 2026
Not 4:59. Not 5:01. Exactly 5:00.
What’s funny is that he’s just as precise in…
सोशल मीडिया में बंटी हुई दिखी लोगों की राय
इस पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कर्मचारी अपना काम तय समय में पूरा कर रहा है और उसके लक्ष्य पूरे हो रहे हैं, तो शाम 5 बजे घर जाने में कोई दिक्कत नहीं है। उनके मुताबिक, सिर्फ देर तक ऑफिस में बैठे रहने को मेहनत या जिम्मेदारी का पैमाना नहीं माना जा सकता।
- एक यूजर ने अपने 42 साल के कामकाजी अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उसने लंबे समय तक ऐसी जगह काम किया, जहां उससे मालिक की तरह मेहनत करने की उम्मीद की जाती थी, लेकिन उसे मालिक जैसा भुगतान नहीं मिलता था। बाद में नौकरी बदलने पर उसे अपने काम के लिए बेहतर भुगतान मिला।
- हर कोई कर्मचारी के पक्ष में नहीं था। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कंपनी में आगे बढ़ना है तो सिर्फ तय जिम्मेदारियां पूरी करना पर्याप्त नहीं है। एक यूजर ने तो कर्मचारी को नौकरी से निकालने की बात तक कही।
- कुछ लोगों ने CEO की बात का समर्थन करते हुए कहा कि कंपनी के प्रति अतिरिक्त जिम्मेदारी दिखाना करियर में आगे बढ़ने का हिस्सा हो सकता है।
इस पूरी बहस में एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा- आखिर कंपनी कर्मचारी से कितना अतिरिक्त काम और जिम्मेदारी की उम्मीद कर सकती है?
Gen Z के लिए नौकरी पाने में मतलब क्या?
आज की Gen Z के लिए नौकरी सिर्फ वेतन पाने का जरिया नहीं है। काम के घंटे, निजी जिंदगी के लिए समय और अपनी सीमाएं तय करना भी उनके लिए अहम मुद्दे हैं। ऐसे में ‘कंपनी के लिए कुछ अतिरिक्त करना’ और ‘अपनी तय जिम्मेदारियों से आगे जाकर काम करना’ दोनों के बीच की सीमा को लेकर बहस लगातार बनी हुई है।
वायरल पोस्ट ने इसी सवाल को नए अंदाज में सामने रखा है। अगर कर्मचारी से कहा जाए कि वह मालिक की तरह सोचे, तो उसका जवाब भी यही हो सकता है- अगर जिम्मेदारी मालिक जैसी है, तो क्या कंपनी में हिस्सा भी मालिक जैसा मिलेगा? हालांकि, इस वायरल पोस्ट में कर्मचारी, CEO या कंपनी की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट के आधार पर सामने आया है।