Viral Slang: कपड़ों की दुनिया से सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा Polyester, Gen Z के इस नए स्लैंग का क्या है मतलब?
सोशल मीडिया की परफेक्ट और चमकदार जिंदगी अगर कुछ ज्यादा ही बनावटी लगे, तो Gen Z उसे Polyester कह रहे हैं। कपड़े से निकला यह शब्द अब नकली परफेक्शन और दिखावे वाली लाइफस्टाइल का नया स्लैंग बन गया है। आइए जानते हैं।
विस्तार
सोशल मीडिया पर कोई चीज जरूरत से ज्यादा परफेक्ट, बनावटी या नकली लगे, तो आप उसके लिए Polyester शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं। सुनने में भले ही ये कपड़े का नाम लगे, लेकिन Gen Z की भाषा में इसका मतलब ऐसी चीज से है, जो दिखने में अच्छी हो, लेकिन अंदर से नकली या बनावटी लगे।
Polyester का मतलब क्या है?
इस शब्द का इस्तेमाल ऐसी लाइफस्टाइल, कंटेंट या व्यक्ति के लिए किया जा रहा है, जो जरूरत से ज्यादा बनावटी या दिखावे वाला लगे। मसलन, कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर अपनी लाइफ को हमेशा बहुत परफेक्ट दिखाए जैसे सुबह जल्दी उठना, महंगे घर में रहना, रोज एक्सरसाइज करना और हर काम बिल्कुल सही तरीके से करना। अगर यह सब असली जिंदगी से ज्यादा सोशल मीडिया के लिए तैयार किया हुआ लगे, तो लोग उसे Polyester lifestyle कह सकते हैं।
इसी तरह कोई AI से बना वीडियो असली बताकर पोस्ट करे या कोई कथित तौर पर अचानक हुआ पल इतना परफेक्ट लगे कि पहले से तैयार किया हुआ महसूस हो, तो उसके लिए भी Polyester कहा जा सकता है।
Polyester नाम ही क्यों?
इसके पीछे Polyester कपड़े की खासियत है। Polyester एक सिंथेटिक यानी कृत्रिम फाइबर है, जिसे बड़े पैमाने पर बनाया जाता है। यह देखने में अच्छा और चमकदार हो सकता है, लेकिन प्राकृतिक कपड़े से अलग होता है। Gen Z ने इसी तुलना को अपने स्लैंग में इस्तेमाल किया है, बाहर से शानदार लेकिन अंदर से बनावटी।
मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल और रिलेशनशिप विशेषज्ञ के मुताबिक, Polyester पहनने पर देखने में काफी अच्छा और प्रभावशाली लग सकता है, लेकिन करीब से देखने पर इसकी असलियत अलग होती है। इसी वजह से Polyester lifestyle या Polyester person जैसे शब्द ऐसी चीजों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिन्हें असली दिखाया गया हो, लेकिन वे वास्तव में वैसी न हों।
कैसे वायरल हुआ Polyester?
यह शब्द एक 18 वर्षीय युवक के टिकटॉक वीडियो के बाद चर्चा में आया। उसने अपनी ड्रीम लाइफ के बारे में बताया था। इसमें सुबह 6 बजे न्यूयॉर्क के पेंटहाउस में उठना, पार्क में दौड़ना और डिप वर्क करना शामिल था। उसके काम का बड़ा हिस्सा एआई एजेंट संभालता। लोगों को उसकी यह लाइफस्टाइल जरूरत से ज्यादा सजी-संवरी और बनावटी लगी। इसके बाद लोगों ने इसे Polyester कहना शुरू कर दिया।
Gen Z को बनावटी चीजों से परेशानी क्यों?
Gen Z ऐसी दुनिया में बड़ी हुई है, जहां सोशल मीडिया पर तस्वीरों से लेकर पूरी लाइफस्टाइल तक को एडिट और क्यूरेट करके दिखाया जा सकता है। इसलिए अब सिर्फ परफेक्ट दिखना ही काफी नहीं है। लोग यह भी देख रहे हैं कि जो दिखाया जा रहा है, क्या वह सच में वैसा ही है?
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, Gen Z के लिए असलियत का मतलब हर चीज को बिना फिल्टर या बिना तैयारी के दिखाना नहीं है। ज्यादा जरूरी यह है कि इंसान जो कह रहा है और जो कर रहा है, उनमें कितना मेल है। यानी कोई व्यक्ति जिस लाइफस्टाइल की बात करता है, अगर वह वास्तव में उसकी जिंदगी का हिस्सा है तो वह असली है। लेकिन अगर वह सिर्फ सोशल मीडिया पर अच्छा दिखने के लिए ऐसा कर रहा है, तो उसे बनावटी माना जा सकता है।
सिर्फ लाइफस्टाइल नहीं, फैशन पर भी निशाना
Polyester का इस्तेमाल ओवरकंजम्प्शन, अल्ट्रा-फास्ट फैशन और दिखावे वाली लाइफस्टाइल को लेकर भी Gen Z की सोच को दिखाता है। Polyester के पर्यावरण पर असर को लेकर भी चिंता जताई जाती है। यह बायोडिग्रेडेबल नहीं है और माइक्रोप्लास्टिक छोड़ सकता है। इसलिए इस शब्द के साथ कृत्रिम और बड़े पैमाने पर बनाई जाने वाली चीजों को लेकर नकारात्मक भाव भी जुड़ गया है।