Sangram Singh on fatherhood struggle: पायल मां नहीं बन सकती, सरोगेसी में मांगे 20 लाख; अडॉप्शन से भी टूटी आस
Sangram Singh: संग्राम सिंह और पायल रोहतगी पहले भी कई बार चर्चाओं में रह चुके हैं। संग्राम सिंह ने एक बार पायल के मां बनने में आने वाली परेशानियों पर भी खुलकर बात की थी। जानिए उन्होंने क्या कुछ बताया था।
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पहलवान और मोटिवेशनल स्पीकर संग्राम सिंह और अभिनेत्री पायल रोहतगी की जोड़ी इन दिनों एक बार फिर अपनी शादी को लेकर चर्चाओं में हैं। संग्राम सिंह के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खबरों के चलते दोनों की शादी को मुश्किल में बताया जा रहा है। हालांकि, ये सब सिर्फ चर्चाएं हैं। अमर उजाला डिजिटल से एक पुराने इंटरव्यू में संग्राम सिंह ने पायल के मां बनने में आने वाली मुश्किलों को लेकर बात की थी। तब संग्राम ने अपने 14 साल रिश्ते की सच्चाई, सरोगेसी और अडॉप्शन की मुश्किलों पर खुलकर बात की थी।
पायल नैचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर सकती
बातचीत के दौरान संग्राम ने फैमिली प्लानिंग के मुद्दे पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया था कि जब हमें पता चला कि पायल नैचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर सकती, तो सरोगेसी का विचार हमारे सामने आया। लेकिन इस प्रोसेस में बहुत सारी अड़चनें और लालच छिपे होते हैं। कुछ डॉक्टर सीधे पैसे का खेल खेलते हैं।
सरोगेसी के लिए डॉक्टर ने मांगे 20 लाख रुपए
संग्राम ने आगे बताया था कि हमारा केस पूरी तरह जेन्युइन था, न उम्र की दिक्कत, न नियत में खोट, फिर भी सही डॉक्टर, सही सलाह और लीगल रास्ता खोजना आसान नहीं रहा। किसी ने 20 लाख रूपए मांगे, किसी ने और बहाने दिए। संग्राम ने कहा कि आम आदमी से ज्यादा पब्लिक फिगर को हर कदम पर सतर्क रहना पड़ता है। आम आदमी गलती कर भी ले, लेकिन पब्लिक फिगर अगर एक कदम भी गलत चला, तो पूरी जिंदगी उसका हिसाब देना पड़ता है। इसलिए हम अब भी एक ईमानदार और लीगल रास्ता तलाश रहे हैं।
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हमने अडॉप्शन का भी पूरा प्रयास किया
उस दौरान संग्राम ने अडॉप्शन को लेकर भी अपनी परेशानी शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि हमने अडॉप्शन का भी पूरा प्रयास किया। पायल ने कई वेबसाइट्स पर फॉर्म भरे, सेंटर्स में बात की। लेकिन इंडिया में अडॉप्शन इतना पेचीदा बना दिया गया है कि अच्छे इरादे भी हार मान लें। तीन साल तक इंतजार, बच्चे की उम्र के आधार पर नियम और कई बार मौका ही न मिलना। इन सब वजहों से हम अडॉप्शन से भी निराश हो चुके हैं। हम ये सब झेल चुके हैं। मैं मानता हूं कि अडॉप्शन एक पुण्य काम है। लेकिन सिस्टम ने इसे इतना मुश्किल कर दिया है कि लोग डर जाते हैं।
मां की इच्छा थी कि उनकी आंखों के सामने पोता हो
संग्राम ने बताया था कि हमारी मां की भी इच्छा थी कि उनकी आंखों के सामने पोता हो, ये भी एक वजह थी कि हमने सरोगेसी पर ज्यादा ध्यान दिया था।